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कोरोना के मरीजों में सात फीसदी बच्चे, आठ दिन में ही 175 मिल चुके संक्रमित
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गाजियबाद। पटेल नगर स्थित छ बीलदास स्कूल में टीका लगवाती किशोरियां। फोटो: अमर उजाला।फोटो: अमर उजा?
- फोटो : GHAZIABAD City
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कोरोना के मरीजों में सात फीसदी बच्चे, आठ दिन में ही 175 मिल चुके संक्रमित
गाजियाबाद। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर भी भारी पड़ रही है। अब तक मिले 2428 मरीजों में 7.20 फीसदी यानी 174 बच्चे हैं। शनिवार को 15 साल से कम उम्र के 31 बच्चे संक्त्रस्मित मिले हैं। इनमें दो की उम्र आठ और नौ महीने है जबकि सात की तीन से पांच साल और 22 की 10 से 14 साल। दूसरी लहर में कुल 28000 मरीजों में से 3.33 फीसदी यानी 934 बच्चे थे। दूसरी के मुकाबसे तीसरी लहर में बच्चों की संक्त्रस्मण दर चार फीसदी ज्यादा है। इनकी चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि 15 साल से कम उम्र वालों का टीकाकरण नहीं किया जा रहा है।
हालांकि, दूसरी की तरह ही तीसरी लहर के संक्त्रस्मितों में सबसे ज्यादा संख्या 20 से 40 साल के युवाओं की है। ये लगभग 50 फीसदी है। इसकी वजह युवाओं का घर से बाहर ज्यादा समय रहना माना जाता है। इसके उलट बच्चों में बड़ी संख्या उनकी है जो घर से बाहर निकले ही नहीं और संक्त्रस्मित हो गए। इनके लिए परिवार के अन्य लोगों ने संक्त्रस्मण के संवाहक के काम किया। तभी तो एक साल से कम उम्र के बच्चे भी संक्त्रस्मित हुए हैं। राहत की बात यह है कि संक्त्रस्मित बच्चों में खांसी-जुकाम जैसे सामान्य लक्षण आए हैं। इनका घर पर ही उपचार चल रहा है।
24 घंटे में 25 ठीक हुए, 683 संक्रमित
तीसरी लहर में संक्त्रस्मण की रफ्तार बहुत तेज है। 24 घंटों में 8949 नमूनों की जांच में 683 संक्त्रस्मित मिले जबकि 25 होम आइसोलेशन पूरा कर ठीक हुए। इन सभी की रिपोर्ट शनिवार को आई। राहत की बात यह है कि
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2428 मरीजों में 14 ही अस्पताल में भर्ती हैं। डीएसओ (जिला सर्विलांस अधिकारी) डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि र मरीज पांच से सात दिन में स्वस्थ हो रहा है। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उनमें से अधिकांश को तेज बुखार और कमजोरी थी। दिसंबर से लेकर अब तक सिर्फ 20 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे। इनमें कई मरीज ऐसे थे, जिनके पास होम आइसोलेशन में रहने की व्यवस्था नहीं थी। दो मरीजों को टीके का एक भी डोज नहीं लगा था।
संक्त्रस्मण दर बढ़कर हुई 7.59 फीसदी
शनिवार को मरीजों की संक्त्रस्मण दर 7.59 पर पहुंच गई यानी 100 की जांच में 12 अधिक संक्त्रस्मित मिले हैं। जनवरी की औसत संक्त्रस्मण दर दिसंबर के 0.14 फीसदी से बढ़कर 6.19 फीसदी हो गई है। पहली लहर के दौरान यह दर 14 प्रतिशत तक पहुंची थी। दूसरी लहर के दौरान जिले की संक्त्रस्मण दर 9.12 फीसदी थी। जून में 0.23 पर आ गई थी। नवंबर में जिले की संक्त्रस्मण दर 0.01 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 0.14 प्रतिशत हुई।
बढ़ाई गई जांच
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि शासन ने एक दिन में 3900 आरटीपीसीआर और 3500 एंटीजन जांच का लक्ष्य दिया है, लेकिन पिछले तीन दिन में शासन के लक्ष्य से ज्यादा जांच की गई है।
तीन दिन में हुई जांच और संक्त्रस्मित
तारीख - एंटीजन - आरटीपीसीआर - संक्त्रस्मित
5 जनवरी - 5026 - 2967 - 360
6 जनवरी - 5132 - 3482 - 609
7 जनवरी - 5283 - 3656 - 683
24 घंटे में सबसे अधिक संक्त्रस्मण
इंदिरापुरम - 185
कॉसिंग रिपब्लिक - 105
कौशांबी - 103
वैशाली -90
राजनगर एक्सटेंशन - 85
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गाजियाबाद। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर भी भारी पड़ रही है। अब तक मिले 2428 मरीजों में 7.20 फीसदी यानी 174 बच्चे हैं। शनिवार को 15 साल से कम उम्र के 31 बच्चे संक्त्रस्मित मिले हैं। इनमें दो की उम्र आठ और नौ महीने है जबकि सात की तीन से पांच साल और 22 की 10 से 14 साल। दूसरी लहर में कुल 28000 मरीजों में से 3.33 फीसदी यानी 934 बच्चे थे। दूसरी के मुकाबसे तीसरी लहर में बच्चों की संक्त्रस्मण दर चार फीसदी ज्यादा है। इनकी चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि 15 साल से कम उम्र वालों का टीकाकरण नहीं किया जा रहा है।
हालांकि, दूसरी की तरह ही तीसरी लहर के संक्त्रस्मितों में सबसे ज्यादा संख्या 20 से 40 साल के युवाओं की है। ये लगभग 50 फीसदी है। इसकी वजह युवाओं का घर से बाहर ज्यादा समय रहना माना जाता है। इसके उलट बच्चों में बड़ी संख्या उनकी है जो घर से बाहर निकले ही नहीं और संक्त्रस्मित हो गए। इनके लिए परिवार के अन्य लोगों ने संक्त्रस्मण के संवाहक के काम किया। तभी तो एक साल से कम उम्र के बच्चे भी संक्त्रस्मित हुए हैं। राहत की बात यह है कि संक्त्रस्मित बच्चों में खांसी-जुकाम जैसे सामान्य लक्षण आए हैं। इनका घर पर ही उपचार चल रहा है।
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24 घंटे में 25 ठीक हुए, 683 संक्रमित
तीसरी लहर में संक्त्रस्मण की रफ्तार बहुत तेज है। 24 घंटों में 8949 नमूनों की जांच में 683 संक्त्रस्मित मिले जबकि 25 होम आइसोलेशन पूरा कर ठीक हुए। इन सभी की रिपोर्ट शनिवार को आई। राहत की बात यह है कि
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2428 मरीजों में 14 ही अस्पताल में भर्ती हैं। डीएसओ (जिला सर्विलांस अधिकारी) डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि र मरीज पांच से सात दिन में स्वस्थ हो रहा है। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उनमें से अधिकांश को तेज बुखार और कमजोरी थी। दिसंबर से लेकर अब तक सिर्फ 20 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे। इनमें कई मरीज ऐसे थे, जिनके पास होम आइसोलेशन में रहने की व्यवस्था नहीं थी। दो मरीजों को टीके का एक भी डोज नहीं लगा था।
संक्त्रस्मण दर बढ़कर हुई 7.59 फीसदी
शनिवार को मरीजों की संक्त्रस्मण दर 7.59 पर पहुंच गई यानी 100 की जांच में 12 अधिक संक्त्रस्मित मिले हैं। जनवरी की औसत संक्त्रस्मण दर दिसंबर के 0.14 फीसदी से बढ़कर 6.19 फीसदी हो गई है। पहली लहर के दौरान यह दर 14 प्रतिशत तक पहुंची थी। दूसरी लहर के दौरान जिले की संक्त्रस्मण दर 9.12 फीसदी थी। जून में 0.23 पर आ गई थी। नवंबर में जिले की संक्त्रस्मण दर 0.01 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 0.14 प्रतिशत हुई।
बढ़ाई गई जांच
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि शासन ने एक दिन में 3900 आरटीपीसीआर और 3500 एंटीजन जांच का लक्ष्य दिया है, लेकिन पिछले तीन दिन में शासन के लक्ष्य से ज्यादा जांच की गई है।
तीन दिन में हुई जांच और संक्त्रस्मित
तारीख - एंटीजन - आरटीपीसीआर - संक्त्रस्मित
5 जनवरी - 5026 - 2967 - 360
6 जनवरी - 5132 - 3482 - 609
7 जनवरी - 5283 - 3656 - 683
24 घंटे में सबसे अधिक संक्त्रस्मण
इंदिरापुरम - 185
कॉसिंग रिपब्लिक - 105
कौशांबी - 103
वैशाली -90
राजनगर एक्सटेंशन - 85