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बुजुर्ग मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बता किया अस्पताल में बाहर
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बुजुर्ग मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बता किया अस्पताल से बाहर
गाजियाबाद। कूल्हे में चोट लगने पर अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज करने से मना कर दिया। दो अस्पतालों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। यहां तक की कोविड लेवल-3 अस्पताल ने भी भर्ती नहीं किया। परिजन रातभर मरीज को एंबुलेंस में लेकर चक्कर काटते रहे। बाद में दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भर्ती कराने पर कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर सोसायटी में रहने वाले दमनदीप सिंह ने बताया कि उनके 77 वर्षीय ससुर योगेंद्र सिंह जोहर पत्नी के साथ उसी सोसायटी में 10वीं फ्लोर पर रहते हैं। उनकी दूसरी बेटी इंदौर में रहती हैं। जोहर को तीन दिन से बुखार आ रहा है। वह प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शुक्रवार देर शाम चक्कर आने पर वह कमरे में गिर गए। इससे उन्हें गंभीर रूप से चोट लग गई। पिता के घायल होने की जानकारी होने पर दमनदीप पत्नी के साथ ससुर के पास पहुंचे। रात नौ बजे बुजुर्ग को कविनगर स्थित सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर एक्स-रे करने के बाद कोरोना की एंटीजन रिपोर्ट जांच की। दमनदीप ने बताया कि उसकी रिपोर्ट में माइल्ड कोविड पॉजिटिव आया। इसके बाद डॉक्टरों ने बुजुर्ग को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने को कहा। देर होने पर बुजुर्ग को रात में ही अस्पताल के बाहर निकालने की धमकी दी गई। बुजुर्ग को भर्ती कराने के लिए दमनदीप पहले कोलंबिया, यशोदा अस्पताल ले गए, लेकिन सभी ने रिपोर्ट पॉजिटिव होने से भर्ती करने से इंकार कर दिया। रात भर परिजन बुजुर्ग को एंबुलेंस में लेकर एक से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे। सरकारी स्तर पर कोविड लेवल-3 बनाए गए संतोष अस्पताल में बुजुर्ग को भर्ती करने से इनकार कर दिया। रात 3:30 बजे बेटी-दामाद बुजुर्ग को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले गए। वहां भर्ती तो कर लिया, लेकिन इलाज से पहले दो लाख रुपये जमा कराने को कहा। उस समय दमनदीप के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे, दोपहर परिजनों ने दो लाख जमा कराया तब इलाज शुरू हुआ। दमनदीप ने बताया कि गंगाराम में आरटीपीसीआर जांच में कोविड जांच निगेटिव आई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जो होल्डिंग एरिया में रखकर मरीज का इलाज किया जाना था, बिना आरटीपीसीआर जांच किए ही मरीज को रेफर करना या बाहर करना गलत है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा गया है। डीएसओ डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि सोसायटी में सैंपलिंग करने के लिए टीम भेज दी गई थी। आसपास के 17 लोगों का सैंपल लिया गया है।
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गाजियाबाद। कूल्हे में चोट लगने पर अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज करने से मना कर दिया। दो अस्पतालों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। यहां तक की कोविड लेवल-3 अस्पताल ने भी भर्ती नहीं किया। परिजन रातभर मरीज को एंबुलेंस में लेकर चक्कर काटते रहे। बाद में दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भर्ती कराने पर कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर सोसायटी में रहने वाले दमनदीप सिंह ने बताया कि उनके 77 वर्षीय ससुर योगेंद्र सिंह जोहर पत्नी के साथ उसी सोसायटी में 10वीं फ्लोर पर रहते हैं। उनकी दूसरी बेटी इंदौर में रहती हैं। जोहर को तीन दिन से बुखार आ रहा है। वह प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शुक्रवार देर शाम चक्कर आने पर वह कमरे में गिर गए। इससे उन्हें गंभीर रूप से चोट लग गई। पिता के घायल होने की जानकारी होने पर दमनदीप पत्नी के साथ ससुर के पास पहुंचे। रात नौ बजे बुजुर्ग को कविनगर स्थित सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर एक्स-रे करने के बाद कोरोना की एंटीजन रिपोर्ट जांच की। दमनदीप ने बताया कि उसकी रिपोर्ट में माइल्ड कोविड पॉजिटिव आया। इसके बाद डॉक्टरों ने बुजुर्ग को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने को कहा। देर होने पर बुजुर्ग को रात में ही अस्पताल के बाहर निकालने की धमकी दी गई। बुजुर्ग को भर्ती कराने के लिए दमनदीप पहले कोलंबिया, यशोदा अस्पताल ले गए, लेकिन सभी ने रिपोर्ट पॉजिटिव होने से भर्ती करने से इंकार कर दिया। रात भर परिजन बुजुर्ग को एंबुलेंस में लेकर एक से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे। सरकारी स्तर पर कोविड लेवल-3 बनाए गए संतोष अस्पताल में बुजुर्ग को भर्ती करने से इनकार कर दिया। रात 3:30 बजे बेटी-दामाद बुजुर्ग को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले गए। वहां भर्ती तो कर लिया, लेकिन इलाज से पहले दो लाख रुपये जमा कराने को कहा। उस समय दमनदीप के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे, दोपहर परिजनों ने दो लाख जमा कराया तब इलाज शुरू हुआ। दमनदीप ने बताया कि गंगाराम में आरटीपीसीआर जांच में कोविड जांच निगेटिव आई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जो होल्डिंग एरिया में रखकर मरीज का इलाज किया जाना था, बिना आरटीपीसीआर जांच किए ही मरीज को रेफर करना या बाहर करना गलत है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा गया है। डीएसओ डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि सोसायटी में सैंपलिंग करने के लिए टीम भेज दी गई थी। आसपास के 17 लोगों का सैंपल लिया गया है।
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