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गाजियाबाद में बंद हुई आरटीपीसीआर जांच
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
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गाजियाबाद में बंद हुई आरटीपीसीआर जांच
गाजियाबाद। जिले में आरटीपीसीआर जांच बंद हो गई है। शनिवार को सिर्फ एंटीजन जांच की गई। जबकि शासन का निर्देश हैं कि एक दिन में 3900 आरटीपीसीआर जांच की जानी है। शुक्रवार कोे 876 आरटीपीसीआर जांच की गई, जबकि शनिवार को एक भी नहीं हुई। एंटीजन किट से 2600 जांच की गई। बताया जा रहा है कि वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) समाप्त होने से जांच बंद हो गई है।
नहीं करा रहे लोग कोरोना की जांच
कोरोना जांच वही लोग करवा रहे हैं, जिन्हें किसी कारण से जांच रिपोर्ट की जरूरत है। पिछले पंद्रह दिन से वही लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं, जो बाहर से घूमकर आए थे, इसके बावजूद ज्यादातर बाहर से आने वाले लोग भी जांच कराने से बच रहे हैं। ऐसे में लोग कोरोना के लक्षण होेने पर भी जांच करवाने से बच रहे हैं। कोरोना जांच का लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग की ओर से विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत प्रतिदिन विभागीय टीमें लक्षित क्षेत्र और विशेष क्षेत्र में लोगों की रैंडम टेस्टिंग करती हैं। इसमें रोजाना के लक्ष्य के 60 फीसदी सैंपल लिए जाने हैं।
डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि कोरोना के मरीज कम होने के साथ - साथ बीमारी का डर भी लगभग खत्म हो गया है। इसके चलते लोग कोरोना जांच पर विशेष ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि जिले में 24 बूथ पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मई में औसतन 700 से 800 लोग जांच कराने आते थे। अब केवल 80 से 110 लोग पहुंच रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि अभियान में रोजाना अलग-अलग वर्ग क्षेत्र में सैंपल लिए जाते हैं, जिससे संक्रमित की पहचान कर उसको सही समय पर उपचार मिल सके।
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सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि जिले में रोजाना कम से कम छह हजार जांच रोजाना करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ स्तर से आपूर्ति नहीं हो पाई थी, इसलिए जांच बंद हुई थी। पचास हजार वीटीएम मेरठ से मिल चुकी है। रविवार से जांच शुरू हो जाएगी।
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गाजियाबाद। जिले में आरटीपीसीआर जांच बंद हो गई है। शनिवार को सिर्फ एंटीजन जांच की गई। जबकि शासन का निर्देश हैं कि एक दिन में 3900 आरटीपीसीआर जांच की जानी है। शुक्रवार कोे 876 आरटीपीसीआर जांच की गई, जबकि शनिवार को एक भी नहीं हुई। एंटीजन किट से 2600 जांच की गई। बताया जा रहा है कि वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) समाप्त होने से जांच बंद हो गई है।
नहीं करा रहे लोग कोरोना की जांच
कोरोना जांच वही लोग करवा रहे हैं, जिन्हें किसी कारण से जांच रिपोर्ट की जरूरत है। पिछले पंद्रह दिन से वही लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं, जो बाहर से घूमकर आए थे, इसके बावजूद ज्यादातर बाहर से आने वाले लोग भी जांच कराने से बच रहे हैं। ऐसे में लोग कोरोना के लक्षण होेने पर भी जांच करवाने से बच रहे हैं। कोरोना जांच का लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग की ओर से विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत प्रतिदिन विभागीय टीमें लक्षित क्षेत्र और विशेष क्षेत्र में लोगों की रैंडम टेस्टिंग करती हैं। इसमें रोजाना के लक्ष्य के 60 फीसदी सैंपल लिए जाने हैं।
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डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि कोरोना के मरीज कम होने के साथ - साथ बीमारी का डर भी लगभग खत्म हो गया है। इसके चलते लोग कोरोना जांच पर विशेष ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि जिले में 24 बूथ पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मई में औसतन 700 से 800 लोग जांच कराने आते थे। अब केवल 80 से 110 लोग पहुंच रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि अभियान में रोजाना अलग-अलग वर्ग क्षेत्र में सैंपल लिए जाते हैं, जिससे संक्रमित की पहचान कर उसको सही समय पर उपचार मिल सके।
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सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि जिले में रोजाना कम से कम छह हजार जांच रोजाना करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ स्तर से आपूर्ति नहीं हो पाई थी, इसलिए जांच बंद हुई थी। पचास हजार वीटीएम मेरठ से मिल चुकी है। रविवार से जांच शुरू हो जाएगी।