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इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार, सड़क बनाई नहीं
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गड्ढों वाली सड़क पर चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
गाजियाबाद। इलेक्ट्रिक बस डिपो तैयार होने के बाद 26 सितंबर से बसों के संचालन की तैयारी पूरी हो गई है, लेकिन एप्रोच बनाई ही नहीं। डिपो के बाहर की सर्विस रोड पर गहरे गड्ढे हैं। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने इस सड़क के पुनर्निर्माण का काम डीपीआर में शामिल ही नहीं किया। डिपो के बाहर जर्जर हालत वाली करीब एक किमी लंबी सर्विस लेन का निर्माण अब आननफानन नगर निगम कराएगा। इसके लिए सर्वे कराया गया है।
अकबरपुर-बहरामपुर में इलेक्ट्रिक बस डिपो की डीपीआर जल निगम की सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) ने बनाकर शासन को भेजी थी। करीब 14 करोड़ की इस डीपीआर में डिपो की बाउंड्रीवॉल से लेकर वर्कशॉप, शेड, फ्लोरिंग तक सभी निर्माण कार्य ले लिए गए, लेकिन डिपो के बाहर की खस्ताहाल रोड का निर्माण नहीं लिया गया। डिपो का निर्माण पूरा हो चुका है और 26 सितंबर को बसों का संचालन शुरू किया जाना प्रस्तावित है। संचालन के लिए रूट और बसों का किराया भी तय हो चुका है, लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण नहीं हुआ। अब यह मामला नगर आयुक्त के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने निर्माण विभाग से इंजीनियरों को भेज सर्वे कराकर एस्टिमेट तैयार कराया।
टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में लगेगा एक माह
नगर निगम के निर्माण विभाग ने सड़क का एस्टिमेट तैयार करा लिया है। सात मीटर चौड़ी और करीब एक किमी लंबी सड़क के पुनर्निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपया खर्च होगा। इसके लिए निर्माण विभाग को टेंडर प्रक्रिया को पूरा करना होगा। टेंडर कॉल करने की इस प्रक्रिया में करीब एक माह लग जाएगा। इसके बाद सड़क का निर्माण हो पाएगा। इससे पहले संचालन शुरू हुआ तो बसों को डिपो तक लाने-ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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एस्टिमेट बना लिया है
इलेक्ट्रिक बस डिपो के बाहर सर्विस लेन जर्जर है। इसके पुनर्निर्माण के लिए सर्वे कराकर एस्टिमेट तैयार करा लिया गया है। पत्रावली तैयार कराकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही सड़क का निर्माण करा लिया जाएगा।
- देशराज सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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गाजियाबाद। इलेक्ट्रिक बस डिपो तैयार होने के बाद 26 सितंबर से बसों के संचालन की तैयारी पूरी हो गई है, लेकिन एप्रोच बनाई ही नहीं। डिपो के बाहर की सर्विस रोड पर गहरे गड्ढे हैं। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने इस सड़क के पुनर्निर्माण का काम डीपीआर में शामिल ही नहीं किया। डिपो के बाहर जर्जर हालत वाली करीब एक किमी लंबी सर्विस लेन का निर्माण अब आननफानन नगर निगम कराएगा। इसके लिए सर्वे कराया गया है।
अकबरपुर-बहरामपुर में इलेक्ट्रिक बस डिपो की डीपीआर जल निगम की सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) ने बनाकर शासन को भेजी थी। करीब 14 करोड़ की इस डीपीआर में डिपो की बाउंड्रीवॉल से लेकर वर्कशॉप, शेड, फ्लोरिंग तक सभी निर्माण कार्य ले लिए गए, लेकिन डिपो के बाहर की खस्ताहाल रोड का निर्माण नहीं लिया गया। डिपो का निर्माण पूरा हो चुका है और 26 सितंबर को बसों का संचालन शुरू किया जाना प्रस्तावित है। संचालन के लिए रूट और बसों का किराया भी तय हो चुका है, लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण नहीं हुआ। अब यह मामला नगर आयुक्त के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने निर्माण विभाग से इंजीनियरों को भेज सर्वे कराकर एस्टिमेट तैयार कराया।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में लगेगा एक माह
नगर निगम के निर्माण विभाग ने सड़क का एस्टिमेट तैयार करा लिया है। सात मीटर चौड़ी और करीब एक किमी लंबी सड़क के पुनर्निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपया खर्च होगा। इसके लिए निर्माण विभाग को टेंडर प्रक्रिया को पूरा करना होगा। टेंडर कॉल करने की इस प्रक्रिया में करीब एक माह लग जाएगा। इसके बाद सड़क का निर्माण हो पाएगा। इससे पहले संचालन शुरू हुआ तो बसों को डिपो तक लाने-ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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एस्टिमेट बना लिया है
इलेक्ट्रिक बस डिपो के बाहर सर्विस लेन जर्जर है। इसके पुनर्निर्माण के लिए सर्वे कराकर एस्टिमेट तैयार करा लिया गया है। पत्रावली तैयार कराकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही सड़क का निर्माण करा लिया जाएगा।
- देशराज सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम