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महिलाकर्मी से अभद्रता में समाज कल्याण अधिकारी सस्पेंड
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महिलाकर्मी से अभद्रता में समाज कल्याण अधिकारी सस्पेंड
गाजियाबाद। समाज कल्याण अधिकारी नदीम सिद्दीकी को महिलाकर्मी के साथ अभद्रता करने के मामले में शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर महिला कर्मचारी से द्विअर्थी भाषा शब्दों के प्रयोग करने और सम्मान को ठेस पहुंचाने में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। समाज कल्याण अधिकारी को लखनऊ समाज कल्याण निदेशालय से संबद्ध किया गया है।
समाज कल्याण अधिकारी नदीम सिद्दीकी की तैनाती जुलाई में गाजियाबाद में हुई थी। दो महीने के अंदर ही महिला कर्मचारी सहित विभाग के सभी कर्मचारियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करने से लेकर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर सात सितंबर को कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और सीडीओ अस्मिता लाल से शिकायत की थी। मामले में तीन सदस्य जांच कमेटी बनाई गई थी। प्रमुख सचिव रविंद्र नायक ने पत्र जारी कर द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए अनावश्यक बात करने, अनावश्यक रुप से रात्रि में फोन कर परेशान करने, मानसिक रुप से प्रताड़ित करने से लेकर महिलाओं को प्रताड़ित करने और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। पत्र में लिखा है कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित करते हुए समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ से अटैच किया जा रहा है।
मंगलवार सात सितंबर को ही सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर शिकायत की थी जिसमें योजनाओं के नाम पर अधिकारी द्वारा सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया था। इसके अलावा कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि वह कर्मचारियों की पत्नियों पर और बच्चों पर भी कमेंट करते हैं। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि वह उनको रात में अनावश्यक रुप से फोन करते हैं साथ ही द्विअर्थी बातें करते हैं, उनको गलत नजरों से देखते हैं। इन सभी शिकायतों के बाद सीडीओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी बनाई थी। जिनको शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपनी थी। शुक्रवार को सभी कर्मचारियों और अधिकारी के बीच मामला शांत हो गया था और उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांग ली थी, लेकिन शासन तक मामले पहुंचने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश आ गया।
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गाजियाबाद। समाज कल्याण अधिकारी नदीम सिद्दीकी को महिलाकर्मी के साथ अभद्रता करने के मामले में शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर महिला कर्मचारी से द्विअर्थी भाषा शब्दों के प्रयोग करने और सम्मान को ठेस पहुंचाने में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। समाज कल्याण अधिकारी को लखनऊ समाज कल्याण निदेशालय से संबद्ध किया गया है।
समाज कल्याण अधिकारी नदीम सिद्दीकी की तैनाती जुलाई में गाजियाबाद में हुई थी। दो महीने के अंदर ही महिला कर्मचारी सहित विभाग के सभी कर्मचारियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करने से लेकर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर सात सितंबर को कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और सीडीओ अस्मिता लाल से शिकायत की थी। मामले में तीन सदस्य जांच कमेटी बनाई गई थी। प्रमुख सचिव रविंद्र नायक ने पत्र जारी कर द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए अनावश्यक बात करने, अनावश्यक रुप से रात्रि में फोन कर परेशान करने, मानसिक रुप से प्रताड़ित करने से लेकर महिलाओं को प्रताड़ित करने और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। पत्र में लिखा है कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित करते हुए समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ से अटैच किया जा रहा है।
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मंगलवार सात सितंबर को ही सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर शिकायत की थी जिसमें योजनाओं के नाम पर अधिकारी द्वारा सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया था। इसके अलावा कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि वह कर्मचारियों की पत्नियों पर और बच्चों पर भी कमेंट करते हैं। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि वह उनको रात में अनावश्यक रुप से फोन करते हैं साथ ही द्विअर्थी बातें करते हैं, उनको गलत नजरों से देखते हैं। इन सभी शिकायतों के बाद सीडीओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी बनाई थी। जिनको शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपनी थी। शुक्रवार को सभी कर्मचारियों और अधिकारी के बीच मामला शांत हो गया था और उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांग ली थी, लेकिन शासन तक मामले पहुंचने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश आ गया।
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