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3.5 करोड़ से एक साल पहले बना आरसीसी नाला ढहा
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3.5 करोड़ से एक साल पहले बना आरसीसी नाला ढहा
गाजियाबाद। नगर निगम के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला फिर सामने आया है। मेरठ रोड के किनारे करीब 3.5 करोड़ की लागत से एक साल पहले बनाया गया आसीसी नाला ढह गया। नाले की दीवार को ठेकेदार ने आननफानन दोबारा बनवाकर मामले को दबाने का प्रयास किया है। निगम के निर्माण विभाग ने ठेकेदार को नोटिस दिया है।
मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र से लेकर मेरठ तिराहे तक इस नाले का निर्माण कराया गया है। आरजी कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म को यह ठेका दिया गया था। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बने इस नाले की गुणवत्ता के मानकों को न तो कंस्ट्रक्शन फर्म ने पूरा किया और न ही नगर निगम के इंजीनियरों ने इसकी मानीटरिंग की। इसके चलते दो दिन पहले इस नाले की दीवार ढह गई। निगम के इंजीनियरों ने मामले को दबाए रखा और कंस्ट्रक्शन फर्म भी इस दीवार को दोबारा बनवाने की बजाय सीधा कराने का प्रयास करते रहे। मामला चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार चौधरी की जानकारी में पहुंचा तो उन्होंने ठेकेदार को नोटिस जारी कराकर दीवार को दोबारा बनवाने के निर्देश दिए।
जांच के बाद कार्रवाई
आरसीसी नाले की दीवार गिरने की जांच कराई जा रही है। कांट्रेक्टर से दीवार को काटकर क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण दोबारा कराने को कहा गया है। बृहस्पतिवार को दीवार बना दी गई है। गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो कांट्रेक्टर फर्म पर कार्रवाई की जाएगी।
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- नरेंद्र कुमार चौधरी, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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गाजियाबाद। नगर निगम के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला फिर सामने आया है। मेरठ रोड के किनारे करीब 3.5 करोड़ की लागत से एक साल पहले बनाया गया आसीसी नाला ढह गया। नाले की दीवार को ठेकेदार ने आननफानन दोबारा बनवाकर मामले को दबाने का प्रयास किया है। निगम के निर्माण विभाग ने ठेकेदार को नोटिस दिया है।
मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र से लेकर मेरठ तिराहे तक इस नाले का निर्माण कराया गया है। आरजी कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म को यह ठेका दिया गया था। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बने इस नाले की गुणवत्ता के मानकों को न तो कंस्ट्रक्शन फर्म ने पूरा किया और न ही नगर निगम के इंजीनियरों ने इसकी मानीटरिंग की। इसके चलते दो दिन पहले इस नाले की दीवार ढह गई। निगम के इंजीनियरों ने मामले को दबाए रखा और कंस्ट्रक्शन फर्म भी इस दीवार को दोबारा बनवाने की बजाय सीधा कराने का प्रयास करते रहे। मामला चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार चौधरी की जानकारी में पहुंचा तो उन्होंने ठेकेदार को नोटिस जारी कराकर दीवार को दोबारा बनवाने के निर्देश दिए।
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जांच के बाद कार्रवाई
आरसीसी नाले की दीवार गिरने की जांच कराई जा रही है। कांट्रेक्टर से दीवार को काटकर क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण दोबारा कराने को कहा गया है। बृहस्पतिवार को दीवार बना दी गई है। गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो कांट्रेक्टर फर्म पर कार्रवाई की जाएगी।
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- नरेंद्र कुमार चौधरी, चीफ इंजीनियर, नगर निगम