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भूखंड आवंटन के १० साल बाद भी निर्माण नहीं, 15 को नोटिस जारी
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भूखंड आवंटन के 10 साल बाद भी निर्माण नहीं, 15 आवंटियों को नोटिस जारी
गाजियाबाद। जीडीए की विभिन्न आवासीय योजनाओं में भूखंड आवंटन के 10 साल बाद भी निर्माण नहीं करने वाले निशाने पर आ गए हैं। जीडीए ने सर्वे कर ऐसे 60 भूखंड चिह्नित किए थे। इनमें से 15 मूल आवंटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इन मामलों में भूखंड आवंटन निरस्त होने की तलवार भी लटकी हुई है। आवंटित भूखंड में फ्री-होल्ड कराने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
आवंटन के सालों बाद निर्माण नहीं करने वालों में जोन-छह का इंदिरापुरम, जोन-चार का शास्त्रीनगर सहित अन्य क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल हैं। जीडीए के नियमानुसार भूखंड आवंटन की तिथि से पांच साल तक निर्माण नहीं करने पर निर्माण शुल्क में छूट होती है। फिर कुछ शुल्क जमा कराकर अवधिक को पांच साल तक विस्तार दिया जाता है। इसके बाद भी निर्माण नहीं करने वालों का आवंटन निरस्त करने का प्रावधान शामिल है। इसके तहत कार्रवाई तेज की गई है। जीडीए अपर सचिव सीपी त्रिपाठी का कहना है कि आवंटन के सालों बाद निर्माण नहीं करने और भूखंड फ्री-होल्ड नहीं करने वाले आवंटियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। जीडीए की विभिन्न आवासीय योजनाओं में भूखंड आवंटन के 10 साल बाद भी निर्माण नहीं करने वाले निशाने पर आ गए हैं। जीडीए ने सर्वे कर ऐसे 60 भूखंड चिह्नित किए थे। इनमें से 15 मूल आवंटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इन मामलों में भूखंड आवंटन निरस्त होने की तलवार भी लटकी हुई है। आवंटित भूखंड में फ्री-होल्ड कराने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
आवंटन के सालों बाद निर्माण नहीं करने वालों में जोन-छह का इंदिरापुरम, जोन-चार का शास्त्रीनगर सहित अन्य क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल हैं। जीडीए के नियमानुसार भूखंड आवंटन की तिथि से पांच साल तक निर्माण नहीं करने पर निर्माण शुल्क में छूट होती है। फिर कुछ शुल्क जमा कराकर अवधिक को पांच साल तक विस्तार दिया जाता है। इसके बाद भी निर्माण नहीं करने वालों का आवंटन निरस्त करने का प्रावधान शामिल है। इसके तहत कार्रवाई तेज की गई है। जीडीए अपर सचिव सीपी त्रिपाठी का कहना है कि आवंटन के सालों बाद निर्माण नहीं करने और भूखंड फ्री-होल्ड नहीं करने वाले आवंटियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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