फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

३० साल गाजियाबाद जिले में नौकरी करते रहे रेंजर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:12 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
30 साल तक गाजियाबाद में ही नौकरी करते रहे रेंजर
विज्ञापन

गाजियाबाद। वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार गुप्ता अब तक 37 वर्ष की नौकरी कर चुके हैं और ढाई साल रिटायरमेंट का बचा है। उसमें से 30 वर्ष की नौकरी गाजियाबाद जिले में पूरी की है। जबकि मानक के अनुसार जिला ही नहीं, मंडल में भी सात साल से ज्यादा नौकरी नहीं कर सकते हैं। महकमे में उनकी इतनी पकड़ है कि प्रमोशन के बाद भी उन्होंने तबादला नहीं होने दिया। बीच में हापुड़ और नोएडा के लिए तबादला हुआ, वहां से लौटकर फिर गाजियाबाद में आ गए। आरोप है कि फोरेस्ट गार्ड से लेकर रेंजर बनने तक वह काफी विवादों में भी रहे हैं।
लोनी में वन महोत्सव के दौरान हवाई फायरिंग को लेकर विवाद में आए रेंजर अशोक कुमार गुप्ता का शनिवार को स्थानांतरण हापुड़ हो गया है। आरटीआई में मिले जवाब में खुलासा हुआ है कि 37 वर्ष की नौकरी में अशोक कुमार गुप्ता ने 30 साल की नौकरी गाजियाबाद जिले में पूरी कर ली है। इस दौरान वह कई बार विवादों में भी रहे हैं। गत वर्ष कविनगर थाने में उनकेखिलाफ 307 का मुकदमा दर्ज हुआ, जिसे बाद में सुलझा दिया गया था। आरोप लगा था कि उन्होंने पिस्टल की बट से घायल कर दिया था। आरा मशीन का लाइसेंस ट्रांसफर करने को लेकर विवाद हुआ था। उसमें कुछ पैसे के लेनदेन का भी आरोप लगा था। वहीं दो ऑडी और एक अन्य गाड़ी भी उनके पास बताई गई है।
विज्ञापन

विवादों के के कारण तीन बार हुए निलंबित
आरटीआई में बताया गया है कि विवादों के कारण अशोक कुमार गुप्ता तीन बार निलंबित हो चुके हैं। निलंबित होने के बाद दूसरे जिले में जाना होता है। उन्होंने इस दौरान हापुड़ और नोएडा के लिए ट्रांसफर करा लिया। कुछ समय वहां बिताने के बाद फिर से गाजियाबाद में तैनाती ले ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

सात साल से ज्यादा नहीं रहे सकते मंडल में
नियम के अनुसार कोई भी अधिकारी सात साल से ज्यादा मंडल और तीन साल से ज्यादा जिले में नहीं रह सकता है, लेकिन रेंजर अशोक कुमार गुप्ता ने 30 साल की नौकरी गाजियाबाद में पूरी कर ली। इस पर भी कई बार सवाल उठाए गए, लेकिन उनकी बड़ी पहुंच के कारण स्थानांतरण नहीं हुआ।

मेरा बेटा कांटेक्टर है। हमारे पास ऑडी नहीं है। बीच-बीच में दो बार नोएडा और हापुड़ स्थानांतरण हुआ है। पूरी नौकरी गाजियाबाद जिले में नहीं की है। सभी आरोप निराधार हैं।
अशोक कुमार गुप्ता, रेंजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed