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तेजी से हो रहा सुधार, ट्रैफिक ने भी पकड़ी रफ्तार
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तेजी से हो रहा सुधार, ट्रैफिक ने भी पकड़ी रफ्तार
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से उबरने के बाद अब जिंदगी पटरी पर लौट रही है। ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 से गुजरने वाले ट्रैफिक अब सामान्य दिनों की स्थिति में पहुंच गया है। ईस्टर्न से प्रतिदिन 80 हजार और एनएच-9 से 50 हजार पीसीयू (पैसेंजर पर कार यूनिट) गुजर रहे हैं। इससे टोल वसूली भी सामान्य हो गई है। हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने चिपायाना (अलीगढ़ रेल लाइन) पर आरओबी(रेलवे ओवर ब्रिज) तैयार होने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना जताई है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 के छिजारसी टोल से गुजरने वाले ट्रैफिक का आंकड़ा बताता है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से अंत तक हर दिन टोल कंपनी को नुकसान हुआ। लक्ष्य की तुलना में 40-60 प्रतिशत ट्रैफिक कम रहा। 135 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से 75 से 80 हजार पीसीयू वाहन गुजरते हैं जिससे प्रतिदिन 83 लाख की टोल वसूली होती है लेकिन कोरोना कर्फ्यू के बीच में ट्रैफिक घटकर 45 से 50 हजार पीसीयू तक रह गया। यही स्थिति नेशनल हाईवे की है जिस पर वाहनों की संख्या 50 हजार से घटकर संक्रमण काल में 30-35 हजार पीसीयू रह गए। नियमों के तहत अगर टेंडर की शर्तों के हिसाब से निर्धारित क्षमता से 10 फीसदी कम ट्रैफिक रहता है तो एनएचएआई को टोल कंपनी के नुकसान की भरपाई करनी होगी, जिसका अलग से आंकड़ा निकाला जा रहा है।
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दूसरी लहर का रहा असर
एनएचएआई की तरफ से जुटाया गया डाटा बताता है कि इस बार कोरोना की दूसरी लहर में लाकडॉउन लगने से पहले ही लोग डर से घरों में कैद हो गए। खासकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही ट्रैफिक में भारी गिरावट देखने को मिली। राज्य सरकार ने कोरोना कर्फ्यू की घोषणा मई के पहले सप्ताह में की। उसमें भी ट्रांसपोर्ट पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई, लेकिन उसके बाद भी लोग घरों से नहीं निकले। खासकर के चार पहिया वाहनों की संख्या में करीब 60-70 फीसदी तक की कमी देखी गई।
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ईस्टर्न पेरिफेरल सबसे न्यूनतम ट्रैफिक वाले दिन
दिनांक पीसीयू टोल वसूली वसूली लक्ष्य प्रतिदिन
12अप्रैल 38 हजार 45 लाख 83 लाख
15 अप्रैल 31 हजार 33 लाख 83 लाख
17 अप्रैल 46 हजार 32 लाख 83 लाख
24 मई 30 हजार 33 लाख 83 लाख
25 मई 47 हजार 51 लाख 83 लाख
एनएच-9 छिजारसी टोल पर न्यूनतम ट्रैफिक वाले दिन
12 अप्रैल 30 हजार 35 लाख 50 लाख
14 अप्रैल 32 हजार 37 लाख 50 लाख
22 अप्रैल 25 हजार 27 लाख 50 लाख
05 मई 32 हजार 36 लाख 50 लाख
07 मई 35 हजार 37 लाख 50 लाख
वर्जन
एनएच-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर अब सामान्य दिनों की तरह ट्रैफिक पहुंच गया है। हर रोज निर्धारित टोल वसूली का लक्ष्य पूरा हो रहा है। हालांकि अप्रैल और मई ट्रैफिक काफी कम रहा। कुछ दिनों में ट्रैफिक में 40 से 60 फीसदी तक की भी गिरावट देखी गई लेकिन अब लगातार बढ़ रहा है। मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से उबरने के बाद अब जिंदगी पटरी पर लौट रही है। ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 से गुजरने वाले ट्रैफिक अब सामान्य दिनों की स्थिति में पहुंच गया है। ईस्टर्न से प्रतिदिन 80 हजार और एनएच-9 से 50 हजार पीसीयू (पैसेंजर पर कार यूनिट) गुजर रहे हैं। इससे टोल वसूली भी सामान्य हो गई है। हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने चिपायाना (अलीगढ़ रेल लाइन) पर आरओबी(रेलवे ओवर ब्रिज) तैयार होने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना जताई है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 के छिजारसी टोल से गुजरने वाले ट्रैफिक का आंकड़ा बताता है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से अंत तक हर दिन टोल कंपनी को नुकसान हुआ। लक्ष्य की तुलना में 40-60 प्रतिशत ट्रैफिक कम रहा। 135 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से 75 से 80 हजार पीसीयू वाहन गुजरते हैं जिससे प्रतिदिन 83 लाख की टोल वसूली होती है लेकिन कोरोना कर्फ्यू के बीच में ट्रैफिक घटकर 45 से 50 हजार पीसीयू तक रह गया। यही स्थिति नेशनल हाईवे की है जिस पर वाहनों की संख्या 50 हजार से घटकर संक्रमण काल में 30-35 हजार पीसीयू रह गए। नियमों के तहत अगर टेंडर की शर्तों के हिसाब से निर्धारित क्षमता से 10 फीसदी कम ट्रैफिक रहता है तो एनएचएआई को टोल कंपनी के नुकसान की भरपाई करनी होगी, जिसका अलग से आंकड़ा निकाला जा रहा है।
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दूसरी लहर का रहा असर
एनएचएआई की तरफ से जुटाया गया डाटा बताता है कि इस बार कोरोना की दूसरी लहर में लाकडॉउन लगने से पहले ही लोग डर से घरों में कैद हो गए। खासकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही ट्रैफिक में भारी गिरावट देखने को मिली। राज्य सरकार ने कोरोना कर्फ्यू की घोषणा मई के पहले सप्ताह में की। उसमें भी ट्रांसपोर्ट पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई, लेकिन उसके बाद भी लोग घरों से नहीं निकले। खासकर के चार पहिया वाहनों की संख्या में करीब 60-70 फीसदी तक की कमी देखी गई।
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ईस्टर्न पेरिफेरल सबसे न्यूनतम ट्रैफिक वाले दिन
दिनांक पीसीयू टोल वसूली वसूली लक्ष्य प्रतिदिन
12अप्रैल 38 हजार 45 लाख 83 लाख
15 अप्रैल 31 हजार 33 लाख 83 लाख
17 अप्रैल 46 हजार 32 लाख 83 लाख
24 मई 30 हजार 33 लाख 83 लाख
25 मई 47 हजार 51 लाख 83 लाख
एनएच-9 छिजारसी टोल पर न्यूनतम ट्रैफिक वाले दिन
12 अप्रैल 30 हजार 35 लाख 50 लाख
14 अप्रैल 32 हजार 37 लाख 50 लाख
22 अप्रैल 25 हजार 27 लाख 50 लाख
05 मई 32 हजार 36 लाख 50 लाख
07 मई 35 हजार 37 लाख 50 लाख
वर्जन
एनएच-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर अब सामान्य दिनों की तरह ट्रैफिक पहुंच गया है। हर रोज निर्धारित टोल वसूली का लक्ष्य पूरा हो रहा है। हालांकि अप्रैल और मई ट्रैफिक काफी कम रहा। कुछ दिनों में ट्रैफिक में 40 से 60 फीसदी तक की भी गिरावट देखी गई लेकिन अब लगातार बढ़ रहा है। मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई