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महज 100 रुपये के स्टांप पर किया अनुबंध, ऑडिट में लगी आपत्ति
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महज100 रुपये के स्टांप पेपर पर कर लिया अनुबंध
गाजियाबाद। नगर निगम करोड़ों के अनुबंध महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर करके राजस्व विभाग को हानि पहुंचा रहा है। ऑडिट विभाग ने निगम की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए जवाब मांगा है।
नगर निगम ने विज्ञापन फर्मों से प्रीमियम की धनराशि जमा कराकर दो वर्ष के लिए महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर लिया। लेखा विभाग इलाहाबाद की टीम ने ऑडिट के दौरान नगर निगम अधिकारियों से जोनवार अनुबंध व उससे संबंधित पत्रावलियों की मांग की थी। फाइलों का ऑडिट किया गया तो पाया गया कि निगम द्वारीा फर्मों के साथ स्टांप अधिनियम के अनुसार देय स्टांप पेपर पर अनुबंध नहीं किए गए हैं। सिटी जोन में मैसर्स सैफरॉन कम्यूनिकेशन प्रालि के साथ अनुबंध किया गया था। अपर जिलाधिकारी (वित्त एव राजस्व) से इस मामले में सुझाव मांगने पर लाखों का स्टांप शुल्क प्रभावी होना बताया गया, लेकिन निगम ने महज 100 रुपए के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर दिया। मोहननगर, कविनगर व वसुंधरा जोन से भी इसी तरह नियमों के अनुसार स्टांप पेपर शुल्क जमा नहीं कराया गया। ऑडिट टीम ने परीक्षण के बाद 1.05 करोड़ के राजस्व की हानि पहुंचाने का मामला पकड़ा है और निगम से जवाब मांगा है।
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गाजियाबाद। नगर निगम करोड़ों के अनुबंध महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर करके राजस्व विभाग को हानि पहुंचा रहा है। ऑडिट विभाग ने निगम की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए जवाब मांगा है।
नगर निगम ने विज्ञापन फर्मों से प्रीमियम की धनराशि जमा कराकर दो वर्ष के लिए महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर लिया। लेखा विभाग इलाहाबाद की टीम ने ऑडिट के दौरान नगर निगम अधिकारियों से जोनवार अनुबंध व उससे संबंधित पत्रावलियों की मांग की थी। फाइलों का ऑडिट किया गया तो पाया गया कि निगम द्वारीा फर्मों के साथ स्टांप अधिनियम के अनुसार देय स्टांप पेपर पर अनुबंध नहीं किए गए हैं। सिटी जोन में मैसर्स सैफरॉन कम्यूनिकेशन प्रालि के साथ अनुबंध किया गया था। अपर जिलाधिकारी (वित्त एव राजस्व) से इस मामले में सुझाव मांगने पर लाखों का स्टांप शुल्क प्रभावी होना बताया गया, लेकिन निगम ने महज 100 रुपए के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर दिया। मोहननगर, कविनगर व वसुंधरा जोन से भी इसी तरह नियमों के अनुसार स्टांप पेपर शुल्क जमा नहीं कराया गया। ऑडिट टीम ने परीक्षण के बाद 1.05 करोड़ के राजस्व की हानि पहुंचाने का मामला पकड़ा है और निगम से जवाब मांगा है।
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