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अब ई-वाहनों से होगा डोर-टू-डोर कूड कलेक्शन
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अप्रैल से ई-वाहनों से होगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
गाजियाबाद। नगर निगम अप्रैल से शहर के 50 वार्डों में ई-वाहनों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करेगा। इसके लिए पहले चरण में 50 वाहन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 15 दिन में इन वाहनों की आपूर्ति मिल जाएगी। ई-वाहन मिल जाने पर नगर निगम में ‘तेल के खेल’ पर भी लगाम लग जाएगी। नगर निगम ने 14वें वित्त आयोग के फंड से ई-वाहन खरीदने का निर्णय लिया है। यह वाहन फिलहाल डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगाए गए वाहनों जितने ही बड़े होंगे। इनमें कूड़ा कलेक्शन के लिए दो बॉक्स बने होंगे। एक बॉक्स में गीला और दूसरे में सूखा कचरा कलेक्ट किया जाएगा। नगर निगम ने करीब एक माह पहले वाहनों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी थी। वाहनों की आपूर्ति के लिए कई कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। महापौर आशा शर्मा का कहना है कि जल्द ही इन कंपनियों के फाइनेंशियल टेंडर खुलने हैं। इसमें जो भी कंपनी सबसे कम दाम पर वाहनों की आपूर्ति करेगी, उसका टेंडर फाइनल कर वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन वाहनों की खरीद प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एक अप्रैल से यह ई-वाहन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में शहर के 50 अन्य वार्डों के लिए भी ई-वाहन खरीदे जाएंगे।
तेल के खेल पर भी लगेगी लगाम
नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन करने वाले वाहनों को किराए पर लेने और उन्हें डीजल देने में बड़ा खेल किया जाता है। निजी ठेकेदार से इन वाहनों को किराए पर लिया जा रहा है। इसमें कई बार पार्षद आरोप लगा चुके हैं कि यह वाहन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन करने नहीं पहुंचते हैं लेकिन उन्हें भुगतान पूरा किया जाता है। निगम के जो वाहन अपने हैं, उनमें डीजल आवंटन में खेल किया जाता है। इन ई-वाहनों को वार्डों में उतारे जाने से न तो निजी ठेकेदार फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा और डीजल खर्च में भी घोटाला रुकेगा।
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गाजियाबाद। नगर निगम अप्रैल से शहर के 50 वार्डों में ई-वाहनों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करेगा। इसके लिए पहले चरण में 50 वाहन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 15 दिन में इन वाहनों की आपूर्ति मिल जाएगी। ई-वाहन मिल जाने पर नगर निगम में ‘तेल के खेल’ पर भी लगाम लग जाएगी। नगर निगम ने 14वें वित्त आयोग के फंड से ई-वाहन खरीदने का निर्णय लिया है। यह वाहन फिलहाल डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगाए गए वाहनों जितने ही बड़े होंगे। इनमें कूड़ा कलेक्शन के लिए दो बॉक्स बने होंगे। एक बॉक्स में गीला और दूसरे में सूखा कचरा कलेक्ट किया जाएगा। नगर निगम ने करीब एक माह पहले वाहनों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी थी। वाहनों की आपूर्ति के लिए कई कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। महापौर आशा शर्मा का कहना है कि जल्द ही इन कंपनियों के फाइनेंशियल टेंडर खुलने हैं। इसमें जो भी कंपनी सबसे कम दाम पर वाहनों की आपूर्ति करेगी, उसका टेंडर फाइनल कर वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन वाहनों की खरीद प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एक अप्रैल से यह ई-वाहन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में शहर के 50 अन्य वार्डों के लिए भी ई-वाहन खरीदे जाएंगे।
तेल के खेल पर भी लगेगी लगाम
नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन करने वाले वाहनों को किराए पर लेने और उन्हें डीजल देने में बड़ा खेल किया जाता है। निजी ठेकेदार से इन वाहनों को किराए पर लिया जा रहा है। इसमें कई बार पार्षद आरोप लगा चुके हैं कि यह वाहन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन करने नहीं पहुंचते हैं लेकिन उन्हें भुगतान पूरा किया जाता है। निगम के जो वाहन अपने हैं, उनमें डीजल आवंटन में खेल किया जाता है। इन ई-वाहनों को वार्डों में उतारे जाने से न तो निजी ठेकेदार फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा और डीजल खर्च में भी घोटाला रुकेगा।
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