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लोन दिलाने के नाम पर लिए दस्तावेज, बना दिया गारंटर
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लोन दिलाने के नाम पर लिए दस्तावेज, बना दिया गारंटर
गाजियाबाद। लोन दिलाने के नाम पर दोस्त व उसकी पत्नी द्वारा युवक से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि लोन दिलाने के नाम पर 3.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। साथ ही लोन दिलाने की बजाय उसे कार लोन में गारंटर बना दिया। बैंक से नोटिस आने पर इसका पता चला। पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कृष्णा एंक्लेव गोविंदपुरम निवासी प्रार्था दास का कहना है कि महिंद्रा एंक्लेव चिरंजीव विहार निवासी वीरेंद्र से उनकी दोस्ती थी। दोस्ती के नाते ही दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। वीरेंद्र ने बैंक में सेटिंग का हवाला देते हुए लोन दिलाने की बात कही। वीरेंद्र की पत्नी पूजा ने भी इसका समर्थन किया। प्रार्था दास का आरोप है कि उक्त दोनों पति-पत्नी ने लोन कराने के नाम पर उससे आधार कार्ड, पहचान-पत्र, बिजला का बिल व फोटो आदि ले लिए और कम ब्याज दर पर लोन कराने का झांसा दिया। पीड़ित प्रार्था दास का कहना है दंपती ने विश्वास जताकर उससे 3 लाख 80 हजार रुपये ले लिए। धीरे-धीरे कई माह बीत जाने के बाद भी वीरेंद्र व उसकी पत्नी ने न तो लोन कराया और न ही दस्तावेज वापस किए।
लोन तो कराया नहीं, खुद केकार लोन में गारंटर बना दिया
पीड़ित का कहना है कि कुछ दिनों बाद उनके पास लोन में गारंटर बनने के संबंध में बैंक से फोन आने शुरू हो गए। बाद में उनके पास एक नोटिस आया, जिसमें उन्हें एसेंट कार के लोन में गारंटर दर्शाते हुए कार की किश्त न भरने का हवाला दिया गया था। नोटिस देख वह चौंक गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपी दंपती ने उनके दस्तावेज लोन दिलाने के लिए नहीं, बल्कि कार लोन में गारंटर बनाने के लिए लिए।
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रकम मांगने पर हत्या की धमकी दी
पीड़ित का कहना है कि नोटिस के बाबत पूछने पर उक्त दंपती ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। साथ ही रकम का तगादा करने पर हत्या कराने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने कविनगर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएचओ मोहम्मद असलम का कहना है कि आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। लोन दिलाने के नाम पर दोस्त व उसकी पत्नी द्वारा युवक से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि लोन दिलाने के नाम पर 3.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। साथ ही लोन दिलाने की बजाय उसे कार लोन में गारंटर बना दिया। बैंक से नोटिस आने पर इसका पता चला। पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कृष्णा एंक्लेव गोविंदपुरम निवासी प्रार्था दास का कहना है कि महिंद्रा एंक्लेव चिरंजीव विहार निवासी वीरेंद्र से उनकी दोस्ती थी। दोस्ती के नाते ही दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। वीरेंद्र ने बैंक में सेटिंग का हवाला देते हुए लोन दिलाने की बात कही। वीरेंद्र की पत्नी पूजा ने भी इसका समर्थन किया। प्रार्था दास का आरोप है कि उक्त दोनों पति-पत्नी ने लोन कराने के नाम पर उससे आधार कार्ड, पहचान-पत्र, बिजला का बिल व फोटो आदि ले लिए और कम ब्याज दर पर लोन कराने का झांसा दिया। पीड़ित प्रार्था दास का कहना है दंपती ने विश्वास जताकर उससे 3 लाख 80 हजार रुपये ले लिए। धीरे-धीरे कई माह बीत जाने के बाद भी वीरेंद्र व उसकी पत्नी ने न तो लोन कराया और न ही दस्तावेज वापस किए।
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लोन तो कराया नहीं, खुद केकार लोन में गारंटर बना दिया
पीड़ित का कहना है कि कुछ दिनों बाद उनके पास लोन में गारंटर बनने के संबंध में बैंक से फोन आने शुरू हो गए। बाद में उनके पास एक नोटिस आया, जिसमें उन्हें एसेंट कार के लोन में गारंटर दर्शाते हुए कार की किश्त न भरने का हवाला दिया गया था। नोटिस देख वह चौंक गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपी दंपती ने उनके दस्तावेज लोन दिलाने के लिए नहीं, बल्कि कार लोन में गारंटर बनाने के लिए लिए।
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रकम मांगने पर हत्या की धमकी दी
पीड़ित का कहना है कि नोटिस के बाबत पूछने पर उक्त दंपती ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। साथ ही रकम का तगादा करने पर हत्या कराने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने कविनगर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएचओ मोहम्मद असलम का कहना है कि आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।