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रात 12 तक शहर में चलती रही साफ-सफाई, ट्विटर पर किया अपडेट
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रात 12 बजे तक ट्विटर पर सफाई की फोटो अपडेट करते रहे निगम कर्मचारी
गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की ‘परीक्षा’ शुक्रवार को पूरी हो गई। अंतिम दिन नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी रात 12 बजे तक काम करते रहे। कर्मचारियों ने रात को सड़कों पर सफाई कराई और अधिकारी व अन्य कर्मचारी उन्हें ट्विटर पर अपलोड करते रहे। दूसरी ओर, सिटीजन फीडबैक के मामले में गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश में नंबर वन बन गया है। शहर ने लखनऊ को भी पीछे छोड़ दिया।
4 जनवरी को देश भर के चार हजार से ज्यादा शहरों के बीच स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 की प्रतिस्पर्धा शुरू हुई थी। यह प्रतिस्पर्धा 31 जनवरी तक चली। नगर निगम ने इस प्रतियोगिता में देश के टॉप-10 शहरों की सूची में स्थान पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। गाजियाबाद ने सिटीजन फीडबैक लेने के लिए करीब 10 लाख लोगों से सीधा संपर्क किया। शुक्रवार शाम सात बजे तक गाजियाबाद के 13.02 लाख लोग फीडबैक दे चुके थे। वहीं इस मामले में लखनऊ काफी पिछड़ गया। शुक्रवार शाम सात बजे तक लखनऊ का सिटीजन फीडबैक का स्कोर 12.36 लाख था। गाजियाबाद नगर निगम इस मामले में पहले स्थान पर रहा था। शुक्रवार को नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने खुद कई कालेजों में जाकर स्टूडेंट्स से ऑनलाइन फीडबैक दर्ज कराया। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान बीते एक माह में नगर आयुक्त दिनेश चंद्र खुद भी सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक फीडबैक दर्ज कराने और लोगों को जागरूक करने की मुहिम में शामिल हुए। शुक्रवार शाम नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने शाम पांच बजे निगम सभागार में कर्मचारियों-अधिकारियों की बैठक बुलाई। यह बैठक देर रात करीब 12 बजे तक चली। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी शहर की सफाई से जुड़ी गतिविधियों को ट्विटर हैंडल पर अपडेट करते रहे। बैठक में अपर नगरायुक्त आरएन पांडेय, प्रमोद कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुज सिंह, जोनल प्रभारी सुनील राय, सुधीर शर्मा समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की ‘परीक्षा’ शुक्रवार को पूरी हो गई। अंतिम दिन नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी रात 12 बजे तक काम करते रहे। कर्मचारियों ने रात को सड़कों पर सफाई कराई और अधिकारी व अन्य कर्मचारी उन्हें ट्विटर पर अपलोड करते रहे। दूसरी ओर, सिटीजन फीडबैक के मामले में गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश में नंबर वन बन गया है। शहर ने लखनऊ को भी पीछे छोड़ दिया।
4 जनवरी को देश भर के चार हजार से ज्यादा शहरों के बीच स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 की प्रतिस्पर्धा शुरू हुई थी। यह प्रतिस्पर्धा 31 जनवरी तक चली। नगर निगम ने इस प्रतियोगिता में देश के टॉप-10 शहरों की सूची में स्थान पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। गाजियाबाद ने सिटीजन फीडबैक लेने के लिए करीब 10 लाख लोगों से सीधा संपर्क किया। शुक्रवार शाम सात बजे तक गाजियाबाद के 13.02 लाख लोग फीडबैक दे चुके थे। वहीं इस मामले में लखनऊ काफी पिछड़ गया। शुक्रवार शाम सात बजे तक लखनऊ का सिटीजन फीडबैक का स्कोर 12.36 लाख था। गाजियाबाद नगर निगम इस मामले में पहले स्थान पर रहा था। शुक्रवार को नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने खुद कई कालेजों में जाकर स्टूडेंट्स से ऑनलाइन फीडबैक दर्ज कराया। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान बीते एक माह में नगर आयुक्त दिनेश चंद्र खुद भी सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक फीडबैक दर्ज कराने और लोगों को जागरूक करने की मुहिम में शामिल हुए। शुक्रवार शाम नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने शाम पांच बजे निगम सभागार में कर्मचारियों-अधिकारियों की बैठक बुलाई। यह बैठक देर रात करीब 12 बजे तक चली। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी शहर की सफाई से जुड़ी गतिविधियों को ट्विटर हैंडल पर अपडेट करते रहे। बैठक में अपर नगरायुक्त आरएन पांडेय, प्रमोद कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुज सिंह, जोनल प्रभारी सुनील राय, सुधीर शर्मा समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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