{"_id":"5dfcc9578ebc3e879d41f1c8","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd190611478","type":"story","status":"publish","title_hn":"विषम हालात में भी ईशा ने जारी रखी जॉब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विषम हालात में भी ईशा ने जारी रखी जॉब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विषम हालात में भी ईशा ने जारी रखी जॉब
गाजियाबाद। आज भी पुरुष भले ही घर-गृहस्थी के कामों को महिलाओं की जिम्मेदारी मानकर इनसे दूर रहते हों लेकिन महिलाओं ने घर-परिवार के साथ अपना दायरा बहुत दूर तक बढ़ा दिया है। अब वह चूल्हे चौके के साथ मल्टी नेशनल कंपनियों में बड़ी जिम्मेदारियों से लेकर तमाम दूसरे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। शहर की ईशा त्यागी भी ऐसी ही कामकाजी महिलाओं में एक हैं। जिंहोने तमाम दिक्कतों के बावजूद जॉब जारी रखी। पेशे से फैशन डिंजाइनर ईशा ने गारमेंट प्रोडक्शन में मास्टर डिग्री लेने के बाद नोएडा की एक निजी संस्थान में बतौर प्रोफेसर करियर की शुरूआत की। जॉब के कुछ वर्षों बाद उनकी शादी हो गई। इसके बाद उन पर जॉब के साथ-साथ परिवार की भी जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। हालांकि उनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा। शादी के बात उनके पिता का कैंसन डायलिस शुरू हो गया। ऐसे में जॉब के साथ-साथ पिता और सुसराल की दोहरी जिम्मेदारी उनके पास आ गई। इसी बीच उनके पति को भी दौरा पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
पिता की प्रेरणा ने नहीं टूटने दी हिम्मत
इन सबके दौरान उनके जीवन में कई बार भावनात्मक मोड़ भी आया। जब उनके पास जॉब और परिवार में से किसी एक को चुनने का विकल्प था। उन्हें भी लगा की नौकरी छोड़ देनी चाहिए लेकिन उन्हें पिता लगातार प्रेरणा देते रहे। ऑफिस से भी सहयोग मिला। कुछ दिन अवकाश लिया। माहौल ठीक होने के बाद पुन: जॉब शुरू कर दी। हालांकि अगस्त 2018 में पिता के निधन से उन्हें काफी आघात पहुंचा। पिता की प्रेरणा से वह और मजबूत होकर उभरीं।
पति ने हमेशा बढ़ाया उत्साह
इन सब के बीच उन्हें जयपुर से बेहतर पैके ज की नौकरी ऑफर हुई। शहर से काफी दूर होने से उन्होंने जाने का इरादा छोड़ दिया था लेकिन पति ने हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने जयपुर में दूसरा संस्थान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह जयपुर के एक कॉलेज में विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मदद के लिए बाद में उनके पति ने भी अपना ट्रांसफर जयपुर में करवाया। अब दोनों जयपुर में शिफ्ट हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। आज भी पुरुष भले ही घर-गृहस्थी के कामों को महिलाओं की जिम्मेदारी मानकर इनसे दूर रहते हों लेकिन महिलाओं ने घर-परिवार के साथ अपना दायरा बहुत दूर तक बढ़ा दिया है। अब वह चूल्हे चौके के साथ मल्टी नेशनल कंपनियों में बड़ी जिम्मेदारियों से लेकर तमाम दूसरे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। शहर की ईशा त्यागी भी ऐसी ही कामकाजी महिलाओं में एक हैं। जिंहोने तमाम दिक्कतों के बावजूद जॉब जारी रखी। पेशे से फैशन डिंजाइनर ईशा ने गारमेंट प्रोडक्शन में मास्टर डिग्री लेने के बाद नोएडा की एक निजी संस्थान में बतौर प्रोफेसर करियर की शुरूआत की। जॉब के कुछ वर्षों बाद उनकी शादी हो गई। इसके बाद उन पर जॉब के साथ-साथ परिवार की भी जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। हालांकि उनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा। शादी के बात उनके पिता का कैंसन डायलिस शुरू हो गया। ऐसे में जॉब के साथ-साथ पिता और सुसराल की दोहरी जिम्मेदारी उनके पास आ गई। इसी बीच उनके पति को भी दौरा पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
पिता की प्रेरणा ने नहीं टूटने दी हिम्मत
इन सबके दौरान उनके जीवन में कई बार भावनात्मक मोड़ भी आया। जब उनके पास जॉब और परिवार में से किसी एक को चुनने का विकल्प था। उन्हें भी लगा की नौकरी छोड़ देनी चाहिए लेकिन उन्हें पिता लगातार प्रेरणा देते रहे। ऑफिस से भी सहयोग मिला। कुछ दिन अवकाश लिया। माहौल ठीक होने के बाद पुन: जॉब शुरू कर दी। हालांकि अगस्त 2018 में पिता के निधन से उन्हें काफी आघात पहुंचा। पिता की प्रेरणा से वह और मजबूत होकर उभरीं।
विज्ञापन
पति ने हमेशा बढ़ाया उत्साह
इन सब के बीच उन्हें जयपुर से बेहतर पैके ज की नौकरी ऑफर हुई। शहर से काफी दूर होने से उन्होंने जाने का इरादा छोड़ दिया था लेकिन पति ने हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने जयपुर में दूसरा संस्थान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह जयपुर के एक कॉलेज में विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मदद के लिए बाद में उनके पति ने भी अपना ट्रांसफर जयपुर में करवाया। अब दोनों जयपुर में शिफ्ट हो गए हैं।
विज्ञापन