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Ghaziabad: बेची हुई संपत्ति पर लिया चार करोड़ का लोन, सीबीआई ने तीन पर दर्ज किया केस

Mon, 08 Aug 2022 01:42 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Mon, 08 Aug 2022 01:42 AM IST
सार

लोन की किस्त बंद होने के बाद बैंक ने संपत्ति पर कानूनी सलाह ली, जिसमें पाया गया कि अप्रैल 2016 में वीरेंद्र सिंह ने अपनी अशोक नगर की संपत्ति बेच दी थी, बेची गई उसी संपत्ति को वर्ष 2017 में बंधक रखकर लोन ले लिया।

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Four crore loan taken on sold property CBI registered case against three in ghaziabad
सीबीआई(सांकेतिक) - फोटो : Social media

विस्तार

एक साल पहले बेची गई संपत्ति को बैंक में गिरवी रखकर कारोबार के लिए चार करोड़ का लोन लेने वाले फर्म संचालक और गारंटर के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। मामले में बैंक के मुख्य प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव ने नंदग्राम बी-ब्लॉक निवासी फर्म संचालक महेश चंद तथा गारंटर वीरेंद्र सिंह समेत अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई में मुकदमा दर्ज कराया है। बैंक का कहना है कि लोन की धनराशि ब्याज के साथ अब 6.25 करोड़ रुपये हो गई है।

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मेरठ रोड पर मनन धाम के पास शिवम ट्रेडर्स फर्म के संचालक महेश चंद्र ने पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में वर्ष 2017 में कारोबार के लिए चार करोड़ रुपये का लोन लिया। महेश ने बैंक से लोन लेने के दौरान अशोक नगर के 240 वर्गमीटर के एक भूखंड को गिरवी रखा। यह संपत्ति वीरेंद्र सिंह की थी, जिन्होंने बैंक में खुद को गारंटर के रुप में पेश किया। बैंक ने मार्च 2017 में चार करोड़ रुपये का लोन जारी कर दिया।
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शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी फर्म की तरफ से बैंक को किस्त चुकाना बंद कर दिया। इसके बाद जुलाई 2017 में बैंक ने खाते को नान परफार्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर बैंक की आंतरिक जांच बैठा दी। जांच के दौरान सामने आया कि इसी बैंक में बंधक संपत्ति पर आगरा की सूर्यनगर स्थित पीएनबी शाखा से फरवरी 2018 में लोन लेकर डिफाल्ट किया गया था। इस मामले में सीबीआई में केस दर्ज है। बैंक ने संपत्ति पर कानूनी सलाह ली, जिसमें पाया गया कि अप्रैल 2016 में वीरेंद्र सिंह ने अपनी अशोक नगर की संपत्ति बेच दी थी, बेची गई उसी संपत्ति को वर्ष 2017 में बंधक रखकर लोन ले लिया।

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