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गाजियाबाद: जमानत पर छूटते ही ऑटो चालक ने की एमसीडी के इंजीनियर की हत्या

Mon, 22 Mar 2021 01:19 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Mon, 22 Mar 2021 01:19 AM IST
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मृतक एमसीडी इंजीनियर का फाइल फोटो

जमानत पर छूटकर आए ऑटो चालक ने बेटों के साथ मिलकर एमसीडी दिल्ली में कार्यरत इंजीनियर गजेंद्र वर्मा की उनके गांव सिकरोड में ही रविवार देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी। एक दिन पहले इंजीनियर से विवाद में हत्यारोपी का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया था।

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आरोप है कि हत्यारोपी अपने दो बेटों के साथ मिलकर इंजीनियर को रास्ते से खींचकर अपने घर में ले गए और पहले लाठी-डंडों पीटा, इसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। इंजीनियर की पत्नी ने बताया कि अक्तूबर 2020 में उपके पति का हत्यारोपी का कुत्ता भोंकने को लेकर विवाद हुआ था और तभी से वह रंजिश रखता था। हत्यारोपी चतर सिंह और उसके बेटों गौरव और लवी को गिरफ्तार कर लिया है।
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दिल्ली के एमसीडी विभाग में इंजीनियर गजेंद्र वर्मा 50 सिकरोड गांव में पत्नी गीता वर्मा, तीन बेटों व एक बेटी के साथ रहते थे। इन दिनों वह गांव सिकरोड में ही रहकर खेती कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि अक्तूबर 2020 में गजेन्द्र टहलने के लिए निकले तो उनका कुत्ता पड़ोसी चतर सिंह पर भौंका। तब कहासुनी हुई और झगड़ा हो गया। शनिवार को फिर से दोनों पक्षों में विवाद हुआ।
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गजेंद्र ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने चतर सिंह और उसके बेटे लवी का शांति भंग में चालान कर दिया। रविवार को ये दोनों जमानत पर छूट आए। रविवार शाम आरोपियों ने रास्ते से गजेंद्र को अपने घर में घसीट लिया और लाठी-डंडों से पीटा। इसके बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी भाग गए।

लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जहां मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हत्याकांड से गांव में तनाव है। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस दर्ज कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस करती कार्रवाई तो नहीं जाती जान...

गजेंद्र अपनी जान बचाने के लिए थाने चौकी और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित पुलिस से कई बार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके थे। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करती तो गजेंद्र की जान नहीं जाती।

सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों में पिछले काफी दिनों से विवाद चल रहा है। शनिवार को पुलिस ने गजेंद्र की शिकायत पर चतर सिंह और उसके बेटे लवी का शांति भंग में जेल भेज दिया था। रविवार को जमानत पर छूटकर आने के बाद दोनों ने गजेंद्र को लाठी डंडों से पीटा और फिर गोली मारकर हत्या कर दी।

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