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महागुनपुरम में खराब पानी की सप्लाई से सौ से अधिक लोग बीमार
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स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी को घेरते लोग।
महागुनपुरम में खराब पानी की सप्लाई से सौ से अधिक लोग बीमार
गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में शनिवार सुबह अचानक 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। पानी पीने से बीमार पड़े लोगों की जानकारी मिली तो पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अधिकारी दफ्तरों को छोड़कर मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाना पड़ा तो कुछ लोगों को मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार दिया गया। सोसायटी के लोगों ने एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) का पानी सप्लाई होने का आरोप लगाया तो प्रशासन ने जांच के लिए फ्लैट से पानी के सैंपल लिए। उधर, लोगों को साफ पानी मुहैया कराने के लिए बाद में नगर निगम ने पानी के टैंकर भेज दिए।
शनिवार दोपहर सूचना मिली की महागुनपुरम सोसायटी में बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए हैं, जिसमें अधिकांश बच्चे हैं। इस पर पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां पर पता चला कि सोसायटी में रहने वाले लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता भी स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण बीच में छोड़कर मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह कोलंबिया एशिया अस्पताल में लाए गए मरीजों का हालचाल जानने पहुंचे तो वहीं नगर मजिस्ट्रेट बिपिन कुमार सोसायटी में पहुंचे। मरीजों को देख तत्काल सोसायटी में ही कैंप लगाया गया। चिकित्सकों की टीम ने जांच कर सभी मरीजों को दवाएं दीं। सोसायटी के लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात से उल्टी व दस्त की कुछ परिवारों को शिकायत थी, लेकिन शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए तो पता चला कि यह किसी तरह का इंफेक्शन है। इसके बाद ही प्रशासन को मामले की जानकारी हुई। जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों को जांच के बाद दवा दी और बताया कि यह किसी तरह का इंफेक्शन है जो दूषित पानी पीने से भी हो सकता है, लेकिन किसी तरह के घबराने की बात नहीं है। करीब दो घंटे जांच करने के बाद टीम लौट आई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
तो एसटीपी का हो रहा था पानी सप्लाई
अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने बताया कि हमें अंदेशा है कि सोसायटी में एसटीपी संचालित है, जिसका पानी टंकी में चढ़ा दिया गया है। क्योंकि पानी में बदबू भी आ रही थी। इस पर सोसायटी का काम देख रहे बिल्डर के लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पानी का सैंपल भरकर जांच को भेजा जाना चाहिए। इसके बाद मलेरिया विभाग की टीम को बुलाकर पानी का सैंपल भरवाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक उमाशंकर, जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा, कविनगर थाना प्रभारी अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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दोपहर तक पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी
दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों की टीम आने के बाद सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आने के साथ ही लोगों से बातचीत की और स्वास्थ्य टीमों को जांच के निर्देश दिए। उनके आने के आधे घंटे बाद जिला मलेरिया अधिकारी मौके पर पहुंचे और टावरों से पानी की सैंपलिंग की। उन्होंने पानी के टैंक में क्लोरीन भी डलवाई।
जीडीए और बिल्डर के खिलाफ गुस्सा
दूषित पानी को लेकर स्थानीय लोगों में बिल्डर और जीडीए को लेकर रोष है। लोगों ने कहा कि तमाम बार जीडीए के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई है, लेकिन सोसायटी की समस्याओं समाधान नहीं कराया गया।
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गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में शनिवार सुबह अचानक 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। पानी पीने से बीमार पड़े लोगों की जानकारी मिली तो पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अधिकारी दफ्तरों को छोड़कर मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाना पड़ा तो कुछ लोगों को मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार दिया गया। सोसायटी के लोगों ने एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) का पानी सप्लाई होने का आरोप लगाया तो प्रशासन ने जांच के लिए फ्लैट से पानी के सैंपल लिए। उधर, लोगों को साफ पानी मुहैया कराने के लिए बाद में नगर निगम ने पानी के टैंकर भेज दिए।
शनिवार दोपहर सूचना मिली की महागुनपुरम सोसायटी में बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए हैं, जिसमें अधिकांश बच्चे हैं। इस पर पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां पर पता चला कि सोसायटी में रहने वाले लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता भी स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण बीच में छोड़कर मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह कोलंबिया एशिया अस्पताल में लाए गए मरीजों का हालचाल जानने पहुंचे तो वहीं नगर मजिस्ट्रेट बिपिन कुमार सोसायटी में पहुंचे। मरीजों को देख तत्काल सोसायटी में ही कैंप लगाया गया। चिकित्सकों की टीम ने जांच कर सभी मरीजों को दवाएं दीं। सोसायटी के लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात से उल्टी व दस्त की कुछ परिवारों को शिकायत थी, लेकिन शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए तो पता चला कि यह किसी तरह का इंफेक्शन है। इसके बाद ही प्रशासन को मामले की जानकारी हुई। जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों को जांच के बाद दवा दी और बताया कि यह किसी तरह का इंफेक्शन है जो दूषित पानी पीने से भी हो सकता है, लेकिन किसी तरह के घबराने की बात नहीं है। करीब दो घंटे जांच करने के बाद टीम लौट आई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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तो एसटीपी का हो रहा था पानी सप्लाई
अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने बताया कि हमें अंदेशा है कि सोसायटी में एसटीपी संचालित है, जिसका पानी टंकी में चढ़ा दिया गया है। क्योंकि पानी में बदबू भी आ रही थी। इस पर सोसायटी का काम देख रहे बिल्डर के लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पानी का सैंपल भरकर जांच को भेजा जाना चाहिए। इसके बाद मलेरिया विभाग की टीम को बुलाकर पानी का सैंपल भरवाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक उमाशंकर, जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा, कविनगर थाना प्रभारी अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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दोपहर तक पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी
दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों की टीम आने के बाद सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आने के साथ ही लोगों से बातचीत की और स्वास्थ्य टीमों को जांच के निर्देश दिए। उनके आने के आधे घंटे बाद जिला मलेरिया अधिकारी मौके पर पहुंचे और टावरों से पानी की सैंपलिंग की। उन्होंने पानी के टैंक में क्लोरीन भी डलवाई।
जीडीए और बिल्डर के खिलाफ गुस्सा
दूषित पानी को लेकर स्थानीय लोगों में बिल्डर और जीडीए को लेकर रोष है। लोगों ने कहा कि तमाम बार जीडीए के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई है, लेकिन सोसायटी की समस्याओं समाधान नहीं कराया गया।