{"_id":"601af7818ebc3e6fff44304d","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd213113891","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 जनवरी के बाद से कई किसान लापता, दिल्ली-यूपी पुलिस को सौंपी जाएगी सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 जनवरी के बाद से कई किसान लापता, दिल्ली-यूपी पुलिस को सौंपी जाएगी सूची
विज्ञापन
आंदोलन के दौरान विरोध करते किसान।
- फोटो : GHAZIABAD City
दिल्ली-यूपी पुलिस को दी जाएगी लापता किसानों की सूची
साहिबाबाद। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के बाद यूपी गेट पर आंदोलन स्थल से लापता किसान और तमाम किसानों को लगातार मिल रहे नोटिस पर गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी पूरी तरह सख्त हो गई है। कमेटी के पदाधिकारियों ने लापता किसानों और नोटिस की सूची बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पदाधिकारियों ने सभी किसानों से इस बाबत मीटिंग में जानकारी मांगी है। वहीं रास्ता भटक कर लालकिले पहुंचे किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली की भी सूची तैयार हो रही है। कमेटी ने लीगल नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें वकील को देने व लापता किसानों की सूची दिल्ली-यूपी पुलिस को देने की बात कही है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी। उसके बाद से अभी तक कई किसान लापता हो गए हैं। उनके परिवार के लोग स्थानीय थाने की पुलिस को भी इस बारे में सूचना दे चुके हैं। जबकि परिवारजन किसानों की तलाश में भी जुटे हुए हैं। अभी तक किसानों के न मिलने से परिवार की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा 72 दिनों से चल रहे आंदोलन में अपना समर्थन देने के लिए लोग जगह-जगह से आ रहे हैं। पहले तो पुलिस प्रशासन उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा था। मगर अब आंदोलन स्थल पर आने वाले किसान व समर्थकों को वाहनों के चालान व उनसे जवाब दाखिल करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कई किसानों से आंदोलन स्थल पर न आने के लिए अब मुचलके भी भरवाए जा रहे हैं। जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है डर कि वजह से किसान यहां नहीं आ पा रहे हैं। जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कुछ किसान रास्ता भटक कर लालकिले तक पहुंच गए थे। लेकिन वहां घटना होने के चलते सभी किसान अपने-अपने ट्रैक्टर छोड़कर वापस आ गए। ऐसे में उन किसानों से बात करके ट्रैक्टरों की सूची तैयार कर जा रही है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद लीगल नोटिस का जवाब वकील के जरिए दिया जाएगा। जबकि लापता किसान और ट्रैक्टरों की सूची दिल्ली व यूपी पुलिस के अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
साहिबाबाद। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के बाद यूपी गेट पर आंदोलन स्थल से लापता किसान और तमाम किसानों को लगातार मिल रहे नोटिस पर गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी पूरी तरह सख्त हो गई है। कमेटी के पदाधिकारियों ने लापता किसानों और नोटिस की सूची बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पदाधिकारियों ने सभी किसानों से इस बाबत मीटिंग में जानकारी मांगी है। वहीं रास्ता भटक कर लालकिले पहुंचे किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली की भी सूची तैयार हो रही है। कमेटी ने लीगल नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें वकील को देने व लापता किसानों की सूची दिल्ली-यूपी पुलिस को देने की बात कही है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी। उसके बाद से अभी तक कई किसान लापता हो गए हैं। उनके परिवार के लोग स्थानीय थाने की पुलिस को भी इस बारे में सूचना दे चुके हैं। जबकि परिवारजन किसानों की तलाश में भी जुटे हुए हैं। अभी तक किसानों के न मिलने से परिवार की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा 72 दिनों से चल रहे आंदोलन में अपना समर्थन देने के लिए लोग जगह-जगह से आ रहे हैं। पहले तो पुलिस प्रशासन उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा था। मगर अब आंदोलन स्थल पर आने वाले किसान व समर्थकों को वाहनों के चालान व उनसे जवाब दाखिल करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कई किसानों से आंदोलन स्थल पर न आने के लिए अब मुचलके भी भरवाए जा रहे हैं। जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है डर कि वजह से किसान यहां नहीं आ पा रहे हैं। जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कुछ किसान रास्ता भटक कर लालकिले तक पहुंच गए थे। लेकिन वहां घटना होने के चलते सभी किसान अपने-अपने ट्रैक्टर छोड़कर वापस आ गए। ऐसे में उन किसानों से बात करके ट्रैक्टरों की सूची तैयार कर जा रही है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद लीगल नोटिस का जवाब वकील के जरिए दिया जाएगा। जबकि लापता किसान और ट्रैक्टरों की सूची दिल्ली व यूपी पुलिस के अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन