{"_id":"5f9c5d108ebc3e1a231f0ae3","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd20796810","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन के गेट पर खड़े दरोगा का फिसला पैर, कटकर हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन के गेट पर खड़े दरोगा का फिसला पैर, कटकर हुई मौत
विज्ञापन
ट्रेन के गेट पर खड़े दरोगा का फिसला पैर, कटकर हुई मौत
गाजियाबाद। कविनगर थानाक्षेत्र में महरौली रेलवे स्टेशन के पास पैर फिसलने से शामली में तैनात दरोगा योगेंद्र सिंह ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में ट्रेन से कटकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पहचान की। पहचान पत्र से शिनाख्त होने पर शामली पुलिस को सूचना दी गई। परिजन देर रात गाजियाबाद पहुंच गए।
मूलरूप से जिला बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में गांव चांदौक निवासी योगेंद्र सिंह यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक थे। वह थाना भवन शामली की जलालाबाद चौकी के इंचार्ज थे। वर्तमान में वह परिवार के साथ पिलखुवा की शैलेष फार्म कॉलोनी में रह रहे थे। योगेंद्र सिंह किसी सरकारी काम से लखनऊ गए थे। शुक्रवार को वह जयनगर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 04091 से लौट रहे थे। महरौली रेलवे स्टेशन के पास जैसे ही ट्रेन धीमी हुई तो गेट पर खड़े दरोगा योगेंद्र सिंह का पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गए। गर्दन कटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद कविनगर पुलिस पहुंची लेकिन घटना क्षेत्र जीआरपी का होने के कारण संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पड़ताल की तो आईकार्ड देखकर शामली पुलिस को सूचना दी।
महकमे में शोक की लहर
दरोगा योगेंद्र सिंह की ट्रेन हादसे में मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। वहीं, पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई। शामली एसपी ने गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद आननफानन विभागीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। जीआरपी के मुताबिक सूचना पर शामली पुलिस व दरोगा के परिजन गाजियाबाद पहुंच गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। कविनगर थानाक्षेत्र में महरौली रेलवे स्टेशन के पास पैर फिसलने से शामली में तैनात दरोगा योगेंद्र सिंह ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में ट्रेन से कटकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पहचान की। पहचान पत्र से शिनाख्त होने पर शामली पुलिस को सूचना दी गई। परिजन देर रात गाजियाबाद पहुंच गए।
मूलरूप से जिला बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में गांव चांदौक निवासी योगेंद्र सिंह यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक थे। वह थाना भवन शामली की जलालाबाद चौकी के इंचार्ज थे। वर्तमान में वह परिवार के साथ पिलखुवा की शैलेष फार्म कॉलोनी में रह रहे थे। योगेंद्र सिंह किसी सरकारी काम से लखनऊ गए थे। शुक्रवार को वह जयनगर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 04091 से लौट रहे थे। महरौली रेलवे स्टेशन के पास जैसे ही ट्रेन धीमी हुई तो गेट पर खड़े दरोगा योगेंद्र सिंह का पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गए। गर्दन कटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद कविनगर पुलिस पहुंची लेकिन घटना क्षेत्र जीआरपी का होने के कारण संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पड़ताल की तो आईकार्ड देखकर शामली पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
महकमे में शोक की लहर
दरोगा योगेंद्र सिंह की ट्रेन हादसे में मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। वहीं, पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई। शामली एसपी ने गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद आननफानन विभागीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। जीआरपी के मुताबिक सूचना पर शामली पुलिस व दरोगा के परिजन गाजियाबाद पहुंच गए हैं।
विज्ञापन