{"_id":"5f9b163d8ebc3ea3736f3c79","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd2078710110","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस अफसर के खिलाफ धरने पर बैठी देह व्यापार गैंग की पीड़िता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस अफसर के खिलाफ धरने पर बैठी देह व्यापार गैंग की पीड़िता
विज्ञापन
पुलिस अफसर के खिलाफ धरने पर बैठी देह व्यापार गैंग की पीड़िता
गाजियाबाद। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाला गैंग बेनकाब होने के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया। गैंग की शिकार युवती ने एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एसएसपी दफ्तर पर धरना दिया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने उसे गैंग की सक्रिय सदस्य बताकर उसे बदनाम किया है। पीड़िता ने अफसर से बयान का खंडन करने और गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने की मांग की। पीड़िता ने धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी। सीओ क्राइम आलोक दुबे ने पीड़िता का समझाकर धरने से उठाया और गैंग से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीलीभीत की रहने वाली पीड़िता की शिकायत पर बुधवार को सिहानी गेट पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाले गैंग की दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पीड़िता का आरोप था कि पकड़ा गया लकी उर्फ आमीन मोहम्मद नौकरी लगवाने और शादी करने का झांसा देकर बीते 2-3 साल से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। हथियारों के बल पर आरोपी उसे बंधक बनाए हुए था और उससे देह व्यापार कराता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता का कहना था कि वह एक एनजीओ की महिला के संपर्क में थी। इस महिला ने लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की मदद लेकर गैंग से उसे रेस्क्यू कराया था। आरोपियों के चंगुल से छूटकर वह सिहानी गेट थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
पीड़िता को धरने पर देख चौंके लोग..
बृहस्पतिवार को पीड़िता एसएसपी कार्यालय पर पर धरने पर बैठ गई तो पुलिस में हड़कंप मच गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस के एक अधिकारी ने अपने बयान में उसे देह व्यापार गैंग की सक्रिय सदस्य बताया, जबकि वह गैंग से पीड़ित थी। पीड़िता का कहना है कि मीडिया में आए अफसर के बयान से उसकी सामाजिक छवि खराब हुई है। पीड़िता ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस अधिकारी ने अपने बयान का खंडन नहीं किया और गैंग से जुड़े सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह आत्मदाह कर लेगी। पीड़िता की चेतावनी के बाद पुलिस अधिकारी उसकी मान-मनौव्वल में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाला गैंग बेनकाब होने के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया। गैंग की शिकार युवती ने एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एसएसपी दफ्तर पर धरना दिया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने उसे गैंग की सक्रिय सदस्य बताकर उसे बदनाम किया है। पीड़िता ने अफसर से बयान का खंडन करने और गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने की मांग की। पीड़िता ने धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी। सीओ क्राइम आलोक दुबे ने पीड़िता का समझाकर धरने से उठाया और गैंग से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीलीभीत की रहने वाली पीड़िता की शिकायत पर बुधवार को सिहानी गेट पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाले गैंग की दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पीड़िता का आरोप था कि पकड़ा गया लकी उर्फ आमीन मोहम्मद नौकरी लगवाने और शादी करने का झांसा देकर बीते 2-3 साल से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। हथियारों के बल पर आरोपी उसे बंधक बनाए हुए था और उससे देह व्यापार कराता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता का कहना था कि वह एक एनजीओ की महिला के संपर्क में थी। इस महिला ने लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की मदद लेकर गैंग से उसे रेस्क्यू कराया था। आरोपियों के चंगुल से छूटकर वह सिहानी गेट थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
विज्ञापन
पीड़िता को धरने पर देख चौंके लोग..
बृहस्पतिवार को पीड़िता एसएसपी कार्यालय पर पर धरने पर बैठ गई तो पुलिस में हड़कंप मच गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस के एक अधिकारी ने अपने बयान में उसे देह व्यापार गैंग की सक्रिय सदस्य बताया, जबकि वह गैंग से पीड़ित थी। पीड़िता का कहना है कि मीडिया में आए अफसर के बयान से उसकी सामाजिक छवि खराब हुई है। पीड़िता ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस अधिकारी ने अपने बयान का खंडन नहीं किया और गैंग से जुड़े सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह आत्मदाह कर लेगी। पीड़िता की चेतावनी के बाद पुलिस अधिकारी उसकी मान-मनौव्वल में जुट गए।
विज्ञापन