फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

गाजियाबाद: रास आई यूनानी चिकित्सा पद्धति... ओपीडी में दोगुने हुए मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Feb 2023 07:00 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
रास आई यूनानी चिकित्सा पद्धति... ओपीडी में दोगुने हुए मरीज
विज्ञापन

गाजियाबाद। यूनानी चिकित्सा पद्धति से इलाज गाजियाबाद ही नहीं, आसपास हरियाणा और दिल्ली के लोगों को भी रास आ रहा है। तभी तो उत्तर भारत के सबसे बड़े राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले साल दिसंबर में संस्थान में उद्घाटन के समय वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में जहां रोज 400 मरीज ही आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या दोगुनी होकर 800 पर जा पहुंची है। मंगलवार को तो रिकॉर्ड 995 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज जोड़ों के दर्द के रहे।
10 एकड़ जमीन पर 382 करोड़ की लागत से बने संस्थान का उद्घाटन 11 दिसंबर-2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था। तब ओपीडी में 300 से 400 मरीज आ रहे थे। इस साल जनवरी से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालांकि, अभी सिर्फ ओपीडी चल रही है। इसमें भी चार चिकित्सक ही बैठ रहे हैं, जबकि कुल पद 35 से ज्यादा हैं। चार चिकित्सकों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और मेडिकल ऑफिसर हैं।
विज्ञापन

जोड़ों के मरीज सबसे ज्यादा
800 में से 300 से ज्यादा मरीज जोड़ों के दर्द के होते हैं। त्वचा रोग के मरीज भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। संख्या इसके बाद स्त्री रोग के मरीजों का नंबर है। ओपीडी में दिखाने के लिए शुल्क 17 रुपये निर्धारित है। दवाइयां निशुल्क हैं। ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) डॉ. जुल्किफ्ल ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, दिल्ली में शाहदरा, पश्चिमी यूपी में बुलंदशहर, मेरठ, सहारनपुर, बागपत से मरीज आ रहे हैं। संस्थान में 50 करोड़ की लागत से आधुनिक लैब बनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल्द शुरु होगी कपिंग थेरेपी
संस्थान में जल्द ही कपिंग थेरेपी शुरू की जाएगी। यूनानी कपिंग थेरेपी हजारों वर्ष पुरानी यूनानी चिकित्सा पद्धति है। इसे अरबी में हिजामा, अंग्रेजी में कपिंग, मिस्र में इलाज बिल कर्न व भारत में रक्त मोक्षण के नाम से जाना जाता है। इसमें में त्वचा पर एक वैक्युम कप लगाया जाता है, जो त्वचा को अंदर की ओर खींचता है। इससे शरीर से दूषित खून इकट्ठा हो जाता है, जिसे निकालकर बीमारी को दूर किया जाता है। इसके जरिये माइग्रेन, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल डिस्क, पैरों में सूजन, सुन्न होना और झनझनाहट, मधुमेह, मोटापा, थायरॉइड की समस्याएं चेहरे पर दाने व दाग धब्बे और गंजेपन जैसी समस्याओं का इलाज संभव है।

भर्ती होने के लिए करना होगा इंतजार
डॉ. जुल्किफ्ल ने बताया कि मरीजों को भर्ती करने की सेवा जल्द ही मरीजों को भर्ती करना शुरू किया जाएगा। इसके लिए काम चल रहा है। पर्याप्त स्टाफ के मिलने का इंतजार है। साक्षात्कार के बाद अंतर रोगी विभाग (आईपीडी) के लिए एक रेजिडेंशियल मेडिकल ऑफिसर, चार नर्स, दो वार्ड ब्वॉय, दो एमटीएस, एक हॉस्पिटल मैनेजमेंट मैनेजर को नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed