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Ghaziabad News: मेट्रो चलाने के लिए बिल्डरों की बंधक संपत्ति बेचेगा जीडीए

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2022 08:30 AM IST
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मेट्रो चलाने के लिए बिल्डरों की बंधक संपत्ति बेचेगा जीडीए
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गाजियाबाद। खजाना खाली होने पर भी मेट्रो चलाने की 2.5 हजार करोड़ की योजना बना चुका गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब बिल्डरों की बंधक संपत्तियां नीलाम करेगा। इससे 250 करोड़ की आय होने का अनुमान है। इसी धनराशि से वैशाली से मोहनगर तक मेट्रो चलाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए बकायेदार बिल्डरों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी को नोटिस जारी कर बकाया जमा कराने के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाएगी। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरूहोगी।
जीडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। सात दिन में सर्वे पूरा किया जाना है। इससे पता चल जाएगा कि किस बिल्डर पर कितना बकाया है, एक बार पहले भी इस पर रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इसी से पता चला कि 50 से ज्यादा बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने नक्शा पास कराने का शुल्क ही जमा नहीं किया है। अगर ये 15 दिन में जमा नहीं करते हैं तो बंधक रखी गई उनकी संपत्तियों को जीडीए की संपत्ति के साथ जोड़कर नीलामी में लगा दिया जाए।
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बंधक है बिल्डरों की जमीन
जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी जमीन पर आवासीय क्षेत्र विकसित करने या सोसायटी बनाने के दौरान ले-आउट और नक्शा पास कराना होता है। बिल्डर दस्तावेज के साथ जमीन पर विकास कार्य शुरू कराने से पहले बिल्डिंग का ले-आउट और नक्शा पास कराने के लिए आवेदन के साथ फीस जमा करते हैं। अधिकांश बिल्डर संपत्ति के विकास के बाद उसे बेचकर फीस जमा करने का शपथपत्र देते हैं, उसके साथ ही शुल्क के बराबर जमीन बंधक रखते हैं, जिससे कि अगर बकाया जमा नहीं कर पाएं तो उस संपत्ति पर कब्जा कर जीडीए ले-आउट और नक्शे की फीस वसूल सके।
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मेट्रो के लिए चाहिए 2.5 हजार करोड़
आर्थिक संकट से जूझ रहे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सामने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाना बड़ी चुनौती है। इस रूट पर मेट्रो चलाने के लिए करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। हालांकि इसमें केंद्र और यूपी सरकार के अलावा अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा अंशदान दिया जाएगा, इसके बावजूद इसमें जीडीए को आठ सौ से एक हजार करोड़ रुपये देने होंगे। उपाध्यक्ष का कहना है कि अगर 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था हो जाएगी तो काम शुरू करा दिया जाएगा।

संपत्तियों को नहीं मिल रहे खरीदार
अनिस्तारित संपत्तियों को ढूंढने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष ने संपत्ति खोजो अभियान शुरू कराया है। अभी तक कौशांबी, वैशाली, इंदिरापुरम, अंबेडकर रोड, चिकंबरपुर में बड़े भूखंडों के बारे में जानकारी मिली है। वर्तमान में इनकी कीमत करोड़ों रुपये है। हालांकि कौशांबी में जीडीए की कई संपत्तियां और ऐसे फ्लैट हैं, जो पिछले कई साल से नीलामी में रखे जा रहे हैं लेकिन उनके खरीदार नहीं आ रहे हैं।
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