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Ghaziabad: देवर के साथ मिलकर की पति की हत्या... चार साल बाद खुला राज

Tue, 15 Nov 2022 08:00 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Tue, 15 Nov 2022 08:00 AM IST
सार

चंद्रवीर की उनकी पत्नी सविता ने देवर अरुण के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। अरुण ने अपने घर में छह फुट का गड्ढा खोद शव उसमें दबाकर सीमेंट का फर्श करा दिया था।

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Ghaziabad Murder of husband along with brother-in-law
arrest symbol - फोटो : amar ujala

विस्तार

नंदग्राम के गांव सिकरोड़ से चार साल पहले 28 सितंबर 2018 को लापता हुए चंद्रवीर की उनकी पत्नी सविता ने देवर अरुण के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। अरुण ने अपने घर में छह फुट का गड्ढा खोद शव उसमें दबाकर सीमेंट का फर्श करा दिया था। इस रहस्य से पर्दा कभी नहीं उठ पाता अगर एसएसपी ने पुराने अनसुलझे मामलों की फाइल एक बार फिर से न खुलवाई होती। नए सिरे से हुई जांच-पड़ताल में चंद्रवीर की बेटी ने मां और चाचा पर शक जाहिर किया। इसी सुराग से पुलिस ने खुलासा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

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पड़ोस में रहने वाले अरुण के घर में गड्ढा खोदवाकर चंद्रवीर का कंकाल बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि प्रेम संबंध का पता चलने पर चंद्रवीर सविता की पिटाई करने लगे थे। इसी पर साजिश रचकर हत्या की गई। अरुण चंद्रवीर का चचेरा भाई है। दोनों काफी समय से पैतृक संपत्ति बेचकर गुजारा कर रहे थे। चंद्रवीर के लापता होने पर सिहानी गेट थाने में उनके भाई भूरे ने पांच अक्तूबर 2018 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस पर सविता ने भूरे पर ही संपत्ति हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए शक जाहिर किया। यह भी कहा कि हो सकता है कि हत्या करके शव जमीन में दबा दिया हो। इस पर पुलिस ने चंद्रवीर के घर में दो बार खोदाई करवाई थी, लेकिन कुछ मिला नहीं। पुलिस ने भूरे से पूछताछ के बाद गुमशुदगी की फाइल बंद कर दी थी।
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पिछले दिनों एसएसपी मुनिराज जी. ने ऐसे सभी मामलों की फाइलें निकलवाई जो अनसुलझे रह गए। ये केस थाना पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच को दिए गए। क्राइम ब्रांच ने चंद्रवीर की बेटी से पिता की गुमशुदगी के बारे में पूछा। बेटी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा, चाचा अरुण रात में मां सविता से मिलने के लिए आते थे। इससे पापा नाराज रहते थे। कई बार मां को पीटा भी था। बदनामी के डर से वह अब तक चुप रही। पुलिस ने इस आधार पर सविता और अरुण से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या कर शव को गड्ढे में दबाना कुबूल कर लिया।

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डीएनए परीक्षण होगा
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि अरुण, सविता को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तमंचा, कुल्हाड़ी, बाल्टी बरामद कर लिए गए हैं। कंकाल का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा

केस दर्ज कराने वाले की हो चुकी हत्या
चंद्रवीर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले उनके भाई भूरे की हत्या हो चुकी है। इसके आरोप में उनका बेटा जेल गया। हत्या के पीछे संपत्ति का विवाद सामने आया था। भूरे की मौत के बाद चंद्रवीर की गुमशुदगी के मामले में किसी ने पुलिस में पैरवी नहीं की।

गोली मारकर हत्या, बाल्टी में भरा खून, कुल्हाड़ी से काट अलग कर दिया हाथ
सविता और अरुण ने पुलिस पूछताछ में पूरा घटनाक्रम बताया है। पहले पूरी साजिश रची गई। 18 सितंबर 2018 की रात को कत्ल करना तय हुआ। चंद्रवीर सो रहे थे। देर रात अरुण आया। सविता ने दरवाजा खोल दिया। अरुण ने सिर में गोली मारकर चंद्रवीर की हत्या की। सविता पहले से बाल्टी लिए खड़ी थी। सिर से निकला खून बाल्टी में भर लिया ताकि फर्श पर न गिरे। इसके बाद दोनों ने बाहर जाकर देखा कि गोली चलने की आवाज से लोग जाग तो नहीं गए हैं, लेकिन वहां कोई नहीं था।

दोनों शव को उठाकर ले गए। इसे अरुण के घर में रखा गया। अरुण ने चार दिन तक गड्ढा खोदा। शव के पास धूपबत्ती और अगरबत्ती जलाता रहा ताकि बाहर बदबू न जाए। गड्ढा छह फुट गहरा हो जाने पर रात के अंधेरे में सविता के साथ मिलकर शव को उसमें दबा दिया। इससे पहले शव के गड्ढे में रखते समय सविता की नजर चंद्रवीर के चांदी के कड़े पर पड़ी। इस पर चंद्रवीर का नाम लिखा था। अरुण ने कहा कि अगर कभी भी राज खुला और पुलिस ने गड्ढा खोदकर शव निकाला तो कड़े से पहचान हो जाएगी।

इसलिए, अरुण ने कुल्हाड़ी से कड़े वाला हाथ ही काटकर अलग कर दिया। इसे पास की केमिकल फैक्टरी के पास गड्ढा खोदकर दबा दिया था। साजिश के तहत अरुण वारदात से पहले मां-बाप को मेरठ स्थित अपने मकान में छोड़ आया था। उसने पूछताछ में बताया कि पहले चंद्रवीर को जहर देकर मारने की साजिश थी, लेकिन इसमें पकड़े जाने का जोखिम ज्यादा था क्योंकि वह तुरंत ही नहीं मरता। इसलिए, गोली मारकर हत्या करना तय हुआ।

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