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जिले के 142 गांवों में बनेंगे आय-जाति, हैसियत प्रमाण पत्र
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जिले के 142 गांवों में बनेंगे आय-जाति, हैसियत प्रमाण पत्र
गाजियाबाद। गांवों के लोगों को आय, जाति, चरित्र और हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के सभी 142 गांवों में अब यह प्रमाण पत्र बन सकेंगे। इसके अलावा करीब 200 योजनाओं के लिए आवेदन भी गांव में ही कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ने इन प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए पंचायत सहायकों को अधिकृत कर दिया है। जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी जल्द ही इसे गाजियाबाद में लागू कराने की तैयारी कर रहे हैं।
इसके लिए ग्राम सचिवालयों में इंटरनेट की सुविधा दी जाएगी। इन सुविधाओं की एवज में ग्राम पंचायत सहायक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा 15 रुपये यूजर चार्ज के तौर पर लेंगे। इसमें से पांच रुपये पंचायत सहायक को और 10 रुपये ग्राम पंचायत के खाते में जमा की जाएगी। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्राम पंचायतों को भी आमदनी होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी का कहना है कि सरकार की मंशा है कि ग्राम सचिवालय ही ग्रामीण विकास की धुरी बन सके। इसके लिए जो प्रमाण पत्र अभी तक तहसील स्तर से जारी किए जाते हैं, अब ऑनलाइन माध्यम से गांव से ही आवेदन हो सकेंगे और वहीं से उन प्रमाण पत्रों को जारी किया जाएगा।
पंचायत सहायकों को वीएलई बनाने की है योजना
जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी का कहना है कि सभी ग्राम पंचायतों पर तैनात किए गए पंचायत सहायकों को वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से उन्हें निर्धारित मानदेय के अलावा मिलने वाले यूजर चार्ज से भी अच्छी आमदनी हो सकेगी।
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ऐसे जारी होंगे प्रमाण पत्र
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र, जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गांव में रहने वाले आवेदक को सभी जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर पंचायत सहायक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर संबंधित व्यक्ति का आवेदन कर देंगे। इसके बाद अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र को आवेदक गांव से ही ले सकेंगे।
इन योजनाओं के लिए भी कर सकेंगे आवेदन
पंचायत पुरस्कार, जन शिकायत सेवा, अंत्येष्टि स्थल निर्माण, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, राशन कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन या नवीनीकरण कराने, अधिवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल, कृषक दुर्घटना बीमा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, लाउड स्पीकर की अनुमति, विस्फोटक विनिर्माण-भंडारण या विक्रय लाइसेंस, किराएदार या नौकर सत्यापन का आवेदन, चरित्र प्रमाण पत्र, जुलूस या हड़ताल की अनुमति, फिल्म शूटिंग अनुरोध, रोजगार पंजीकरण, श्रमिक पंजीयन आदि।
ग्राम पंचायत स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन आवेदन के लिए पंचायत सहायक को अधिकृत कर दिया गया है। जिले में 142 पंचायत सहायकों को ट्रेनिंग देने के लिए सीएससी और एसईआरआई नाम की दो संस्थाओं का चयन किया गया है। दोनों संस्थाओं ने ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद गांवों में इस नई सुविधा की शुरुआत कर दी जाएगी। - प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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गाजियाबाद। गांवों के लोगों को आय, जाति, चरित्र और हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के सभी 142 गांवों में अब यह प्रमाण पत्र बन सकेंगे। इसके अलावा करीब 200 योजनाओं के लिए आवेदन भी गांव में ही कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ने इन प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए पंचायत सहायकों को अधिकृत कर दिया है। जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी जल्द ही इसे गाजियाबाद में लागू कराने की तैयारी कर रहे हैं।
इसके लिए ग्राम सचिवालयों में इंटरनेट की सुविधा दी जाएगी। इन सुविधाओं की एवज में ग्राम पंचायत सहायक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा 15 रुपये यूजर चार्ज के तौर पर लेंगे। इसमें से पांच रुपये पंचायत सहायक को और 10 रुपये ग्राम पंचायत के खाते में जमा की जाएगी। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्राम पंचायतों को भी आमदनी होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी का कहना है कि सरकार की मंशा है कि ग्राम सचिवालय ही ग्रामीण विकास की धुरी बन सके। इसके लिए जो प्रमाण पत्र अभी तक तहसील स्तर से जारी किए जाते हैं, अब ऑनलाइन माध्यम से गांव से ही आवेदन हो सकेंगे और वहीं से उन प्रमाण पत्रों को जारी किया जाएगा।
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पंचायत सहायकों को वीएलई बनाने की है योजना
जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी का कहना है कि सभी ग्राम पंचायतों पर तैनात किए गए पंचायत सहायकों को वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से उन्हें निर्धारित मानदेय के अलावा मिलने वाले यूजर चार्ज से भी अच्छी आमदनी हो सकेगी।
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ऐसे जारी होंगे प्रमाण पत्र
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र, जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गांव में रहने वाले आवेदक को सभी जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर पंचायत सहायक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर संबंधित व्यक्ति का आवेदन कर देंगे। इसके बाद अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र को आवेदक गांव से ही ले सकेंगे।
इन योजनाओं के लिए भी कर सकेंगे आवेदन
पंचायत पुरस्कार, जन शिकायत सेवा, अंत्येष्टि स्थल निर्माण, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, राशन कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन या नवीनीकरण कराने, अधिवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल, कृषक दुर्घटना बीमा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, लाउड स्पीकर की अनुमति, विस्फोटक विनिर्माण-भंडारण या विक्रय लाइसेंस, किराएदार या नौकर सत्यापन का आवेदन, चरित्र प्रमाण पत्र, जुलूस या हड़ताल की अनुमति, फिल्म शूटिंग अनुरोध, रोजगार पंजीकरण, श्रमिक पंजीयन आदि।
ग्राम पंचायत स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन आवेदन के लिए पंचायत सहायक को अधिकृत कर दिया गया है। जिले में 142 पंचायत सहायकों को ट्रेनिंग देने के लिए सीएससी और एसईआरआई नाम की दो संस्थाओं का चयन किया गया है। दोनों संस्थाओं ने ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद गांवों में इस नई सुविधा की शुरुआत कर दी जाएगी। - प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी