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औद्योगिक क्षेत्रों के नहीं भरे जाएंगे गड्ढे, सरकार से 130 करोड़ मिलने का इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 01:12 AM IST
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औद्योगिक क्षेत्रों के नहीं भरे जाएंगे गड्ढे, सरकार से 130 करोड़ मिलने का इंतजार
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गाजियाबाद। उद्यमी बार-बार मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों के गड्ढे अभी नहीं भरे जाएंगे। नगर निगम अधिकारियों को सरकार से 130 करोड़ रुपये मिलने का इंतजार है। आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम के अफसर इतना बड़ा बजट अपने संसाधनों से जुटाकर खर्च करने से हाथ खड़े कर चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद 15 नवंबर तक गड्ढे नहीं भरे जा सकेंगे।
गाजियाबाद के सभी औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों की हालत खराब है। बरसात के बाद यह सड़कें और टूट गई हैं और अब इन पर मालवाहक वाहनों का आवागमन भी दूभर हो गया है। उद्योगों में माल पहुंचना मुश्किल हो गया। उद्योग बंधु की हर बैठक में उद्यमी इन टूटी सड़कों को बनवाने की मांग उठा रहे हैं। इसके बाद नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने पांचों जोन के औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों का सर्वे किया और 130 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर बजट के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी। इन क्षेत्रों की करीब 100 किलोमीटर सड़कें टूट चुकी हैं। नगर निगम के मुख्य अभियंता ने लखनऊ जाकर उच्चाधिकारियों के सामने इस डीपीआर का प्रजेंटेशन भी दिया था। इसके बावजूद अभी तक न तो फंड जारी हुआ और न ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क निर्माण शुरू हुआ।
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इन औद्योगिक क्षेत्रों की टूटी हैं सड़कें
साइट-4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र
साउथ साइड औद्योगिक क्षेत्र
बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र
मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र
राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र
मोहन नगर औद्योगिक क्षेत्र
अर्थला औद्योगिक क्षेत्र
पांडव नगर औद्योगिक क्षेत्र
ज्ञानी बार्डर औद्योगिक क्षेत्र
गाजियाबाद इंडस्ट्रियल फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों से हर साल करीब 40 करोड़ का संपत्ति कर नगर निगम को दिया जाता है। उद्यमियों की इस समस्या का यह प्रकरण उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया था, लेकिन नगरायुक्त ने फंड न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। सड़कें टूटी होने की वजह से एक्सपोर्ट करने वाले उद्यमी अपने विदेशी ग्राहकों को फैक्टरी पर नहीं बुलाते। उनसे दिल्ली में मीटिंग करते हैं।
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जल्द मिल सकता है फंड: चीफ इंजीनियर
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि 130 करोड़ की डीपीआर में से 15 करोड़ रुपये की पहली किस्त जल्द ही मिलने की उम्मीद है। फंड मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द से जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
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