विवाहिता की हत्या में पति को दस व सास-ससुर को सात वर्ष कारावास
गाजियाबाद। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या करने वाले पति को दस वर्ष और सास-ससुर को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रामचंद्र यादव ने तीनों पर नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शादी के दो साल बाद ही विवाहिता की रस्सी पर लटकाकर हत्या कर दी गई थी। मामला ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र का है
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता गिरिराज भाटी ने बताया कि रामपार्क निवासी ज्योति के पिता सर्वेश भदौरिया ने 24 जुलाई 2015 को ट्रोनिका सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया था कि बेटी ज्योति की शादी पूजा कालोनी निवासी देवराज उर्फ भोलू से 21 मई 2013 को की थी। बेटी को शादी में हैसियत से अधिक उपहार भी दिया था। लेकिन ज्योति की सास बीना देवी, ससुर अशोक सिंह और पति देव राज शादी में मिले उपहार से खुश नहीं थे। आए दिन ज्योति को दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करते थे। उसे बुरी तरह मारते पीटते थे। घटना से पहले वाले दिन भी ज्योति से एक लाख रुपये लाने की मांग की गई थी। जब उसने मायके से रुपये लाने में असमर्थता जताई तो उसे मार पीटकर गंभीर रुप से घायल कर दिया। इसके बाद ससुर अशोक सिंह, सास बीना देवी और पति देवराज ने फांसी पर लटका कर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।