फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

मास्टर प्लान पर 1300 आपत्तियों पर हुई सुनवाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 01:33 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
मास्टर प्लान पर 1300 आपत्तियों पर हुई सुनवाई
विज्ञापन

गाजियाबाद। मास्टर प्लान 2031 पर सुझाव और आपत्तियों के रूप में 1300 मामले आए। अब इन आपत्तियों और सुझाव पर कमेटी पंद्रह दिन में निर्णय लेगी। जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने बताया कि सबसे अधिक ग्रीन बेल्ट व हरित क्षेत्र बढ़ाने के विरोध में थीं। सचिव ने बताया कि अब कमेटी निर्णय लेगी कि किन आपत्ति व सुझाव को मानना है, किसे निरस्त किया जाना है। उन्हें शामिल करते हुए संशोधन किया जाएगा। इसके बाद आगामी बोर्ड बैठक में नए मास्टर प्लान को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। बोर्ड में मंजूरी मिलने के बाद शासन में स्वीकृति को भेजा जाएगा। शासन की हरी झंडी के बाद ही नया मास्टर प्लान लागू होगा।
यह हैं कमेटी के सदस्य
अपर आयुक्त तृतीय मेरठ मंडल महेंद्र प्रसाद, डीएम गाजियाबाद के प्रतिनिधि, नगर आयुक्त, जीडीए के मुख्य नगर नियोजक, उत्तर प्रदेश के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक या उनके प्रतिनिधि व एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के नामित सदस्य कमेटी में शामिल हैं। जिन आपत्तियों पर सुनवाई होने वाली होगी, उसका ब्योरा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
विज्ञापन

24 बिंदु पर तैयार हुआ मास्टर प्लान
कुल 24 बिंदुओं पर मास्टर प्लान 2031 तैयार किया गया है। राष्ट्रीय, राज्य राजमार्ग, आंतरिक सड़कें, आवासीय, व्यवसायिक, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, पानी और सीवरेज की लाइन, क्षेत्र के अनुसार भू-जल का स्तर, हरित क्षेत्र, ग्रामीण आबादी, नगरीय निर्मित क्षेत्र उच्च घनत्व, हाईटेंशन लाइन, सामुदायिक सुविधाएं, संस्थागत क्षेत्र, मनोरंजन, पार्क व खेल मैदान, सिटी फारेस्ट, नदी, बसअड्डा ट्रांसपोर्टनगर, जल शोधन संयंत्र व सॉलिड वेस्ट निस्तारण स्थल, कृषि क्षेत्र, कब्रिस्तान-शमशान, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, अनाधिकृत कालोनियां, औद्योगिक विकास क्षेत्र आदि शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

113 हेक्टेयर का दायरा मास्टर प्लान में बढ़ा
मास्टर प्लान 2031 में गाजियाबाद, डासना में 50 हेक्टेयर, मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर, लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू उपयोग बदलकर आवासीय और व्यवसायिक व औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को शामिल किया गया है। ताकि जिले का सुनियोजित तरीके से विकास किया जा सके। मौजूदा समय में जीडीए का वर्तमान दायरा 184 गांवों की 3889 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है।
मास्टर प्लान 2031 लागू होने से पहले कुल शिकायतें और सुझाव - 1300
हरित पट्टी का प्रस्ताव निरस्त कर आवासीय घोषित किया जाए - 465
शहर में कृषि भूमि पर बस चुकी कालोनियों को आवासीय क्षेत्र बदला जाए - 220
मनोरंजन स्थल को बदलकर आवासीय किया जाए - 154
आवासीय क्षेत्र में संचालित दुकान और प्रतिष्ठान को व्यावसायिक किया जाए - 109
कूड़ा निस्तारण की स्थाई व्यवस्था की जाए - 104
जलाशय को समाप्त कर आवासीय और व्यवसायिक भू उपपयोग में शामिल किया जाए -63
आवासीय क्षेत्र से हाइटेंशन लाइन शिफ्ट की जाए -55
डूब क्षेत्र समाप्त कर आवासीय क्षेत्र घोषित किया जाए -52
वैशाली से टीला मोड़ तक एलिवेटिड रोड बनाया जाए- 44
लोनी से इंदिरापुरम तक गंगाजल की आपूर्ति की जाए- 22
मोदीनगर में एलिवेटिड रोड बनाया जाए- 12
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed