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रिपोर्ट दर्ज न होने पर सीएम से मिलने पहुंचे पिता को पुलिस ने जबरन हटाया
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रिपोर्ट दर्ज न होने पर सीएम से मिलने पहुंचे पिता को पुलिस ने जबरन हटाया
गाजियाबाद। तीन महीने पहले लापता हुए बेटे की रिपोर्ट दर्ज न होने पर 70 साल का बेबस पिता मुख्यमंत्री से मिलने जल निगम गेस्ट हाउस पहुंचा। हाथ में बेटे के फोटो वाला पंफलेट लेकर पहुंचे पिता को पुलिस ने गेस्ट हाउस में दाखिल नहीं होने दिया। उसने मुख्यमंत्री से मिलने की जिद कर जान देने की चेतावनी दी तो पुलिस ने उसे जबरन जीप में डालकर वहां से हटा दिया।
जनकपुरी साहिबाबाद के रहने वाले 70 वर्षीय वेदप्रकाश बंसल ने बताया कि बीती 25 मई को उनका 22 साल का बेटा अचानक लापता हो गया। तलाश करने पर भी न मिला तो वह अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गए। आरोप है कि पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय मामला गुमशुदगी में दर्ज कर दिया। 3 महीने से पुलिस न तो बेटे का सुराग लगा सकी है और न ही अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई। बार-बार थाने-चौकी के चक्कर काटकर परेशान हुआ तो वेदप्रकाश को उम्मीद जगी कि मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाएंगे तो शायद पुलिस अधिकारी तलाश करें और उनका बेटा मिल जाए। यहां आकर उनकी आंखों में बची आखिरी उम्मीद भी टूट गई। पुलिसकर्मियों ने जबरन उठाकर उन्हें थाने भेज दिया।
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गाजियाबाद। तीन महीने पहले लापता हुए बेटे की रिपोर्ट दर्ज न होने पर 70 साल का बेबस पिता मुख्यमंत्री से मिलने जल निगम गेस्ट हाउस पहुंचा। हाथ में बेटे के फोटो वाला पंफलेट लेकर पहुंचे पिता को पुलिस ने गेस्ट हाउस में दाखिल नहीं होने दिया। उसने मुख्यमंत्री से मिलने की जिद कर जान देने की चेतावनी दी तो पुलिस ने उसे जबरन जीप में डालकर वहां से हटा दिया।
जनकपुरी साहिबाबाद के रहने वाले 70 वर्षीय वेदप्रकाश बंसल ने बताया कि बीती 25 मई को उनका 22 साल का बेटा अचानक लापता हो गया। तलाश करने पर भी न मिला तो वह अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गए। आरोप है कि पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय मामला गुमशुदगी में दर्ज कर दिया। 3 महीने से पुलिस न तो बेटे का सुराग लगा सकी है और न ही अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई। बार-बार थाने-चौकी के चक्कर काटकर परेशान हुआ तो वेदप्रकाश को उम्मीद जगी कि मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाएंगे तो शायद पुलिस अधिकारी तलाश करें और उनका बेटा मिल जाए। यहां आकर उनकी आंखों में बची आखिरी उम्मीद भी टूट गई। पुलिसकर्मियों ने जबरन उठाकर उन्हें थाने भेज दिया।
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