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डायरिया से दो बच्चे मरे, 17 बीमार घरों में आ रहा सीवर मिला पानी
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डायरिया से दो बच्चे मरे, 17 बीमार घरों में आ रहा सीवर मिला पानी
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कॉलोनी स्वर्णजयंतीपुरम के आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पीले क्वार्टर में डायरिया फैल जाने से दो बच्चों की मौत हो गई। 17 और बीमार हैं, जिनमें 10 अस्पताल में भर्ती है। डायरिया फैलने की वजह इन गरीबों के घर में सीवर मिले पानी की सप्लाई मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच घरों से पानी के नमूने लिए, जिनमें चार में सीवर मिला है। यहां आपस में सटी सीवर और पेयजल की लाइन में लीकेज है, जिसे शिकायत मिलने पर भी जीडीए ने ठीक नहीं कराया।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि अनिल के पांच वर्षीय बेटे कृष्णा को उल्टी-दस्त होने पर संयुक्त अस्पताल लाया गया। यहां से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था लेकिन अनिल बच्चे को घर लेकर चला गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार में चार साल की बेटी तन्नू है, जबकि उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी।
दूसरे मामले में मनोहर की सात वर्षीय बेटी अनिका भी मौत घर पर ही हो गई। छोटी बेटी अंशु को भी उल्टी-दस्त होने पर संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। पड़ोस में ही रहने वाले दो सगे भाई साजन आठ वर्ष और सोनू चार वर्ष को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 10 बच्चे संयुक्त और एमएमजी अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 20 लोगों और 17 बच्चों को दवाइयां दी है। 36 लोगों को ओआरएस घोल दिया गया है।
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डायरिया फैल गया फिर भी सफाई नहीं कराई
गरीबों की बस्ती में डायरिया फैल जाने पर भी जीडीए ने सफाई तक नहीं कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मृत बच्चों के घरों तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी, जबकि अफसर गाड़ी में आए थे। रास्ते में गड्ढे हैं और इनमें कीचड़ पड़ी है। हर तरफ गंदगी के ढेर हैं। लोगों ने बताया कि कई बार गंदगी की शिकायत कर चुके लेकिन जीडीए से अफसर क्या कोई कर्मचारी तक मुआयना करने नहीं आया। यहां पहले भी बीमारी फैल चुकी हैं।
बच्चों की मौत के बाद भी दूषित पानी की सप्लाई
डायरिया से दो बच्चों की मौत हो जाने के बाद भी पीले क्वार्टर में दूषित पानी की सप्लाई बंद नहीं कराई गई है। जीडीए से कोई अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में जानकारी करने के लिए भी नहीं आया है। सीएमओ का कहना है कि बच्चों की मौत के बाद पानी की जांच कराई गई। पांच में से चार नमूने फेल हो गए। इसकी रिपोर्ट जीडीए के अफसरों को भेजी जा रही है।
तेजी से बढ़ रहा डायरिया
तारीख कुल ओपीडी बुखार के मरीज डायरिया के मरीज
23 1749 243 176
22 1962 212 196
21 1384 143 133
20 2062 296 194
19 2062 225 187
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गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कॉलोनी स्वर्णजयंतीपुरम के आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पीले क्वार्टर में डायरिया फैल जाने से दो बच्चों की मौत हो गई। 17 और बीमार हैं, जिनमें 10 अस्पताल में भर्ती है। डायरिया फैलने की वजह इन गरीबों के घर में सीवर मिले पानी की सप्लाई मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच घरों से पानी के नमूने लिए, जिनमें चार में सीवर मिला है। यहां आपस में सटी सीवर और पेयजल की लाइन में लीकेज है, जिसे शिकायत मिलने पर भी जीडीए ने ठीक नहीं कराया।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि अनिल के पांच वर्षीय बेटे कृष्णा को उल्टी-दस्त होने पर संयुक्त अस्पताल लाया गया। यहां से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था लेकिन अनिल बच्चे को घर लेकर चला गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार में चार साल की बेटी तन्नू है, जबकि उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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दूसरे मामले में मनोहर की सात वर्षीय बेटी अनिका भी मौत घर पर ही हो गई। छोटी बेटी अंशु को भी उल्टी-दस्त होने पर संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। पड़ोस में ही रहने वाले दो सगे भाई साजन आठ वर्ष और सोनू चार वर्ष को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 10 बच्चे संयुक्त और एमएमजी अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 20 लोगों और 17 बच्चों को दवाइयां दी है। 36 लोगों को ओआरएस घोल दिया गया है।
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डायरिया फैल गया फिर भी सफाई नहीं कराई
गरीबों की बस्ती में डायरिया फैल जाने पर भी जीडीए ने सफाई तक नहीं कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मृत बच्चों के घरों तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी, जबकि अफसर गाड़ी में आए थे। रास्ते में गड्ढे हैं और इनमें कीचड़ पड़ी है। हर तरफ गंदगी के ढेर हैं। लोगों ने बताया कि कई बार गंदगी की शिकायत कर चुके लेकिन जीडीए से अफसर क्या कोई कर्मचारी तक मुआयना करने नहीं आया। यहां पहले भी बीमारी फैल चुकी हैं।
बच्चों की मौत के बाद भी दूषित पानी की सप्लाई
डायरिया से दो बच्चों की मौत हो जाने के बाद भी पीले क्वार्टर में दूषित पानी की सप्लाई बंद नहीं कराई गई है। जीडीए से कोई अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में जानकारी करने के लिए भी नहीं आया है। सीएमओ का कहना है कि बच्चों की मौत के बाद पानी की जांच कराई गई। पांच में से चार नमूने फेल हो गए। इसकी रिपोर्ट जीडीए के अफसरों को भेजी जा रही है।
तेजी से बढ़ रहा डायरिया
तारीख कुल ओपीडी बुखार के मरीज डायरिया के मरीज
23 1749 243 176
22 1962 212 196
21 1384 143 133
20 2062 296 194
19 2062 225 187