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गर्डर लांचिंग के लिए ट्रैफिक डायवर्जन से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
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गर्डर लांचिंग के लिए ट्रैफिक डायवर्जन से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
गाजियाबाद। चिपियाना आरओबी के गर्डर लांचिंग के लिए मंगलवार रात 8 बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का छह लेन का ट्रैफिक दो लेन पर कर दिया गया। इसकी वजह से एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। हालांकि गर्डर लांचिंग का काम देर रात 12 बजे के बाद शुरू किया गया।
एनएचएआई को गर्डर लांचिंग के लिए रेल ट्रैफिक ब्लॉक एक सप्ताह पहले ही मिल गया था। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने भी एक्सप्रेसवे पर मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी कर दिया था। ट्रैफिक पुलिस ने निर्धारित समय पर दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को छह लेन की बजाय दो लेन पर डायवर्ट कर दिया था, लेकिन एनएचएआई ने लांचिंग का काम शुरू नहीं किया। साइट पर मौजूद कांट्रेक्टर फर्म के अधिकारियों ने बताया कि लांचिंग के लिए क्रेन मंगा ली गई। देर रात गर्डर को लांच करना शुरू किया गया। यह एशिया का सबसे भारी 2385 टन वजनी गर्डर है और इसे लांच करने के लिए अन्य राज्यों से भारी भरकम क्रेन मंगाई गई हैं।
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गाजियाबाद। चिपियाना आरओबी के गर्डर लांचिंग के लिए मंगलवार रात 8 बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का छह लेन का ट्रैफिक दो लेन पर कर दिया गया। इसकी वजह से एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। हालांकि गर्डर लांचिंग का काम देर रात 12 बजे के बाद शुरू किया गया।
एनएचएआई को गर्डर लांचिंग के लिए रेल ट्रैफिक ब्लॉक एक सप्ताह पहले ही मिल गया था। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने भी एक्सप्रेसवे पर मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी कर दिया था। ट्रैफिक पुलिस ने निर्धारित समय पर दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को छह लेन की बजाय दो लेन पर डायवर्ट कर दिया था, लेकिन एनएचएआई ने लांचिंग का काम शुरू नहीं किया। साइट पर मौजूद कांट्रेक्टर फर्म के अधिकारियों ने बताया कि लांचिंग के लिए क्रेन मंगा ली गई। देर रात गर्डर को लांच करना शुरू किया गया। यह एशिया का सबसे भारी 2385 टन वजनी गर्डर है और इसे लांच करने के लिए अन्य राज्यों से भारी भरकम क्रेन मंगाई गई हैं।
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