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आठ माह से अटका नए कांवड़ मार्ग का काम
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आठ माह से अटका नए कांवड़ मार्ग का काम
गाजियाबाद। गंगनहर पटरी पर नए कांवड़ मार्ग का निर्माण कार्य बीते आठ माह से अटका हुआ है। शासन से पांच करोड़ जारी होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग मार्ग का काम शुरू नहीं कर सका है। निर्माण कार्य में मुख्य रुकावट कई नर्सरियों को स्थानांतरित करने के साथ पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग की मंजूरी बना हुआ है। नियमानुसार नर्सरी को हटाने व पेड़ काटने से पहले पीडब्ल्यूडी को वन विभाग को करीब दोगुना जमीन वन विभाग को देनी है।
महीनों की लंबी कवायद के बावजूद विभाग अब तक जमीन का प्रबंध नहीं कर सका है। विभाग की ओर से वन विभाग को देने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। ऐसे में नए कांवड़ मार्ग का कार्य शुरू होने में अभी दो से तीन माह का वक्त और लग सकता है। 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग में गाजियाबाद में 12.35 किमी हिस्सा आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में शासन की सड़क निर्माण की पहली किस्त जारी कर चुका है।
गंगनहर की पटरी पर 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग के निर्माण पर 628.74 करोड़ खर्च होने हैं। अधिशासी अभियंता विमल राय का कहना है कि विभागीय स्तर से मार्ग के निर्माण कार्य की रुकावटों को दूर करने का प्रयास जारी हैं। जल्द समाधान के लिए आला अधिकारियों की ओर से नियमित समीक्षा की जा रही है।
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सड़क निर्माण से पहले पुल का आधा काम पूरा
गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग का काम शुरू होने से पहले सेतु निगम का काम तेजी से जारी है। सेतु निगम की ओर से गाजियाबाद के हिस्से में प्रस्तावित तीन पुलों का 50 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। निगम ने फाउंडेशन पिलर के बाद सब स्ट्रक्चर का काम शुरू कर दिया है। नए कांवड़ मार्ग में दो लेन की सात मीटर की काली सड़क और उसके दोनों ओर ढाई मीटर पटरी का निर्माण किया जाना है।
दिल्ली-मेरठ हाईवे के जाम से मिलेगी निजात
नए कांवड़ मार्ग में गाजियाबाद में 12.35 किमी, मेरठ में 42.30 किमी और सबसे ज्यादा 56 किमी का क्षेत्र मुजफ्फरनगर क्षेत्र में आता है। मार्ग पर यातायात को रफ्तार देने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में एक रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के साथ मार्ग में 10 पुल का निर्माण किया जाएगा। विभग ने विभाग ने नए कांवड़ मार्ग का निर्माण पूरा करने के लिए 2023 तक की समयसीमा तय की है। मार्ग का निर्माण होने के बाद गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वाले लोगों को मोदीनगर और फिर मेरठ होकर जाने की जगह एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। मोदीनगर और मुरादनगर में रोजाना सुबह-शाम लगने वाले जाम से शहरवासियों को निजात मिलेगी।
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गाजियाबाद। गंगनहर पटरी पर नए कांवड़ मार्ग का निर्माण कार्य बीते आठ माह से अटका हुआ है। शासन से पांच करोड़ जारी होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग मार्ग का काम शुरू नहीं कर सका है। निर्माण कार्य में मुख्य रुकावट कई नर्सरियों को स्थानांतरित करने के साथ पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग की मंजूरी बना हुआ है। नियमानुसार नर्सरी को हटाने व पेड़ काटने से पहले पीडब्ल्यूडी को वन विभाग को करीब दोगुना जमीन वन विभाग को देनी है।
महीनों की लंबी कवायद के बावजूद विभाग अब तक जमीन का प्रबंध नहीं कर सका है। विभाग की ओर से वन विभाग को देने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। ऐसे में नए कांवड़ मार्ग का कार्य शुरू होने में अभी दो से तीन माह का वक्त और लग सकता है। 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग में गाजियाबाद में 12.35 किमी हिस्सा आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में शासन की सड़क निर्माण की पहली किस्त जारी कर चुका है।
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गंगनहर की पटरी पर 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग के निर्माण पर 628.74 करोड़ खर्च होने हैं। अधिशासी अभियंता विमल राय का कहना है कि विभागीय स्तर से मार्ग के निर्माण कार्य की रुकावटों को दूर करने का प्रयास जारी हैं। जल्द समाधान के लिए आला अधिकारियों की ओर से नियमित समीक्षा की जा रही है।
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सड़क निर्माण से पहले पुल का आधा काम पूरा
गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग का काम शुरू होने से पहले सेतु निगम का काम तेजी से जारी है। सेतु निगम की ओर से गाजियाबाद के हिस्से में प्रस्तावित तीन पुलों का 50 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। निगम ने फाउंडेशन पिलर के बाद सब स्ट्रक्चर का काम शुरू कर दिया है। नए कांवड़ मार्ग में दो लेन की सात मीटर की काली सड़क और उसके दोनों ओर ढाई मीटर पटरी का निर्माण किया जाना है।
दिल्ली-मेरठ हाईवे के जाम से मिलेगी निजात
नए कांवड़ मार्ग में गाजियाबाद में 12.35 किमी, मेरठ में 42.30 किमी और सबसे ज्यादा 56 किमी का क्षेत्र मुजफ्फरनगर क्षेत्र में आता है। मार्ग पर यातायात को रफ्तार देने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में एक रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के साथ मार्ग में 10 पुल का निर्माण किया जाएगा। विभग ने विभाग ने नए कांवड़ मार्ग का निर्माण पूरा करने के लिए 2023 तक की समयसीमा तय की है। मार्ग का निर्माण होने के बाद गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वाले लोगों को मोदीनगर और फिर मेरठ होकर जाने की जगह एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। मोदीनगर और मुरादनगर में रोजाना सुबह-शाम लगने वाले जाम से शहरवासियों को निजात मिलेगी।