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मुंह बोली मौसी ने की थी संतोषी की हत्या, गुमराह करने को लूटे थे नकदी-गहने

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 12:45 AM IST
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मुंहबोली मौसी ने की थी संतोषी की हत्या
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गुमराह करने के लिए लूटे थे नकदी-गहने
साहिबाबाद। डीएलएफ कॉलोनी में पांच मई को हुई विवाहिता संतोषी (21) की हत्या मुंहबोली मौसी शांति ने की थी। खुद को बचाने की कोशिश में वारदात को लूट के बाद हत्या का रूप देने के लिए वह घर से गहने और नकदी ले गई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लूटी गई रकम और गहने बरामद कर लिए। उसने पूछताछ में बताया कि संतोषी के पति संतोष से उसके प्रेम संबंध थे। संतोषी इसमें बाधा बन रही थी। इसलिए उसे रास्ते से हटाना चाहती थी। झगड़ा होने पर संतोषी ने जहरीला पदार्थ खा लिया तो प्रेम संबंध का राज खुलने से डर से गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
हत्या दिन में साढ़े तीन बजे की गई थी। रात आठ बजे संतोष ड्यूटी से लौटा तो उसे लगा कि लूट के बाद संतोषी की हत्या की गई है। उसने इसी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि संतोष और शांति के बीच 12 साल से प्रेम संबंध थे। 2009 में दिल्ली के पटपड़गंज में फैक्टरी में काम करने के दौरान दोनों में मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दोनों डीएलएफ के फ्लैट में साथ ही रहते थे, लेकिन इस रिश्ते को लोगों के सामने जाहिर नहीं करते थे। संतोष ने शीला को अपनी मुंहबोली मौसी बता रखा था। फरवरी 2022 में परिजनों ने संतोष की शादी उत्तराखंड के ज्वालापुर के विष्णुलोक निवासी संतोषी से करा दी।
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संतोष उसे डीएलएफ में ले आया। यहीं पर उसकी मां पद्मावती आ गई। संतोष मूल रूप से ओडिशा का है। संतोषी शांति को मौसी ही कहती थी, लेकिन वह कुछ ही दिन में दोनों के रिश्ते की सच्चाई को भांप गई। उसने पति को वश में करने की कोशिश की तो शांति को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। वह मूल रूप से अल्मोड़ा के डोंगरी गांव की है।
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झगड़े के बाद ली थी जान
पांच मई की सुबह संतोष के ड्यूटी पर पटपड़गंज की फैक्टरी चले जाने के बाद शांति और संतोषी में झगड़ा हुआ। शांति ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने संतोषी से कहा कि वह संतोष का ध्यान नहीं रखती है। वह कई बार भूखा ही काम पर चला जाता है। इस पर पहले कहासुनी और फिर झगड़ा हो गया। इसके बाद गुस्से में संतोषी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसके मुंह से झाग आने लगे। पद्मावती दूसरे कमरे में थी। शांति ने बताया कि वह संतोषी को घसीटकर बाथरूम में ले गई। उसे डर था कि अगर पुलिस आई तो राज खुल जाएगा, इसलिए तार से उसका गला घोंट दिया।
छेनी से तोड़ी थी अलमारी
संतोषी की मौत के बाद शांति ने छेनी से अलमारी तोड़ी और उसमें से 50 हजार नकदी और गहने निकाले। वह इन्हें ले गई। इससे पहले घर का सामान बिखेर दिया ताकि पुलिस आए तो मामला लूट के बाद हत्या का लगे। पद्मावती बालकनी में थी। उसे वहीं पर बंद कर दिया था। नकदी और गहने अपने जानकार के पास रख दिए थे। पुलिस ने 49 हजार 300 रुपये और गहने बरामद कर लिए।
दहेज उत्पीड़न में पति गिरफ्तार
पुलिस ने संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया है। उस पर दहेज के लिए संतोषी के उत्पीड़न का आरोप है। हालांकि, हत्या में उसकी भूमिका नहीं मिली। वह पांच मई को रात आठ बजे ड्यूटी से लौटा था। उसने शांति के बारे में पुलिस को नहीं बताया। कई बार पुलिस से कहा कि हत्या में मजदूरों का हाथ हो सकता है। पास में ही निर्माण कार्य चल रहा था। वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। आसपास लगे कैमरों की रिकार्डिंग में मजदूर संतोष के घर की तरफ जाते नहीं दिखे।
डायरी से मिला पुलिस को सुराग
पद्मावती ने शांति के बारे में बता दिया था, लेकिन वह पूछताछ में सच नहीं बोल रही थी। पुलिस को उस पर शक था लेकिन सुबूत नहीं मिल रहे थे। ऐसे में पुलिस का काम आसान किया मौके से मिली संतोषी की डायरी ने। इसमें उसने संतोष और शांति के रिश्ते के बारे में लिख रखा था। इसके बाद शांति से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने सच उगल दिया।
संतोषी की डायरी से हुई पुलिस की टेंशन कम रू
वारदात को शुरुआत में लूट के दौरान हत्या करना माना जा रहा था। पुलिस अधिकारी भी लूट के एंगल से जांच कर रहे थे। परिवार ने शक जाहिर किया था कि पास के निर्माणाधीन फ्लैट से मजदूर पानी लेने घर आते थेए उन्होंने लूट के बाद हत्या कर दी। पुलिस ने 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कीए तो भी तस्वीर साफ नहीं हुई। इस बीच पुलिस को संतोषी के कमरे से एक डायरी मिलीएजिसने पुलिस अधिकारियों की पूरी टेंशन ही खत्म कर दी।

ुलिस को मुखबिर तंत्र ने बताया सुराग
.मौसी ने तीन दिन तक पुलिस को किया गुमराह रू
घटना के दिन पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाली गईए लेकिन उसमें भी कोई अहम सुराग हाथ नहीं लग रहा था। मृतका की डायरी मिलने से पहले पुलिस को मुखबिर तंत्र ने संतोषी के घर में 5 मई की सुबह लड़ाई.झगड़ा होने की अहम बात बताई तो अधिकारियों का मौसी पर शक गहरा गया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई परए पूछताछ में भी शांति ने तीन दिन तक पुलिस को गुमराह किया। जब उसे सभी सबूत दिखाए गए तो वह खुद.ब. खुद वारदात को कबूल करती गई।
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