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बिना फिटनेस जांच के स्कूल बस दौड़ाने पर दो एआरटीओ निलंबित
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बिना फिटनेस जांच के स्कूल बस दौड़ने पर दो एआरटीओ निलंबित
गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के मामले में लापरवाही सामने आने पर एआरटीओ विश्वजीत प्रताप सिंह और सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि जिस स्कूल बस में हादसा हुआ, वह अनफिट थी और कागजों में काली सूची में डाल दिए जाने के बावजूद दौड़ रही थी। इसी लापरवाही पर बृहस्पतिवार की रात क्षेत्रीय निरीक्षक प्रेम सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अभी कार्रवाई की जद में और भी अफसर आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच के बाद भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर ही शासन ने यह कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि बगैर फिटनेस की बसों को नोटिस जारी करने के बावजूद आरटीओ दफ्तर के अधिकारी और कर्मचारी कभी चेकिंग के लिए स्कूल तक में नहीं गए। जिन स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गयाए उनसे जवाब न मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरटीओ अरुण कुमार ने दोनों एआरटीओ के निलंबन की पुष्टि की है।
हादसा दयावती मोदी पब्लिक स्कूल की बस में हुआ था। इस स्कूल की छह बसों की फिटनेस जांच नहीं हुई थी और ये सभी बच्चों को लाने-ले जाने में लगी हुई हैं। अनुराग ने जैसे ही अपना सिर खिड़की से बाहर निकाला थाए वैसे ही यह लोहे के गेट से टकराया और उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि खिड़की पर लोहे की ग्रिल नहीं लगी थी। इसके बाद डीएम आरके सिंह ने स्कूल बसों का सिक्योरिटी ऑडिट, सुरक्षा मानकों पर परखने के आदेश दिए।
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2021 में हुई थी सतीश कुमार की तैनाती
निलंबित किए गए एआरटीओ सतीश कुमार की गाजियाबाद में तैनाती जुलाई 2021 में हुई थी। वह प्रवर्तन इकाई में तैनात थी। इसी इकाई पर स्कूल बसों की फिटनेस जांच की जिम्मेदारी है। जांच में पाया गया कि इस जिम्मेदारी में बड़ी लापरवाही बरती गई। बगैर फिटनेस जांच के ही बसें दौड़ती रहीं। उन्हें सीज करने की कार्रवाई नहीं की गई।
छह साल से जमे थे विश्वजीत प्रताप सिंह
निलंबित किए गए एआरटीओ विश्वजीत प्रताप सिंह प्रशासनिक इकाई में थे। उनकी तैनाती 2016 में हुई थी। वह एआरटीओ सतीश कुमार के प्रभारी थे। स्कूल बसों की फिटनेस जांच में प्रवर्तन इकाई की लापरवाही सामने आने पर भी उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। इस कारण उन्हें भी निलंबित किया गया है।
भारी पड़ी स्कूलों पर मेहरबानी
स्कूल का नाम फिटनेस बसें
प्रेसीडियम इंदिरापुरम 31
दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद 20
जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल 13
देहरादून पब्लिक स्कूल 10
प्रीती फाउंडेशन 9
इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल 08
एलके इंटरनेशनल 08
माउंट लिटेरा जी स्कूल 08
मुरादनगर पब्लिक स्कूल 08
सेठ आनंदपुरम जयपुरिया स्कूल 08
डायमंड पब्लिक स्कूल 07
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गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के मामले में लापरवाही सामने आने पर एआरटीओ विश्वजीत प्रताप सिंह और सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि जिस स्कूल बस में हादसा हुआ, वह अनफिट थी और कागजों में काली सूची में डाल दिए जाने के बावजूद दौड़ रही थी। इसी लापरवाही पर बृहस्पतिवार की रात क्षेत्रीय निरीक्षक प्रेम सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अभी कार्रवाई की जद में और भी अफसर आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच के बाद भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर ही शासन ने यह कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि बगैर फिटनेस की बसों को नोटिस जारी करने के बावजूद आरटीओ दफ्तर के अधिकारी और कर्मचारी कभी चेकिंग के लिए स्कूल तक में नहीं गए। जिन स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गयाए उनसे जवाब न मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरटीओ अरुण कुमार ने दोनों एआरटीओ के निलंबन की पुष्टि की है।
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हादसा दयावती मोदी पब्लिक स्कूल की बस में हुआ था। इस स्कूल की छह बसों की फिटनेस जांच नहीं हुई थी और ये सभी बच्चों को लाने-ले जाने में लगी हुई हैं। अनुराग ने जैसे ही अपना सिर खिड़की से बाहर निकाला थाए वैसे ही यह लोहे के गेट से टकराया और उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि खिड़की पर लोहे की ग्रिल नहीं लगी थी। इसके बाद डीएम आरके सिंह ने स्कूल बसों का सिक्योरिटी ऑडिट, सुरक्षा मानकों पर परखने के आदेश दिए।
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2021 में हुई थी सतीश कुमार की तैनाती
निलंबित किए गए एआरटीओ सतीश कुमार की गाजियाबाद में तैनाती जुलाई 2021 में हुई थी। वह प्रवर्तन इकाई में तैनात थी। इसी इकाई पर स्कूल बसों की फिटनेस जांच की जिम्मेदारी है। जांच में पाया गया कि इस जिम्मेदारी में बड़ी लापरवाही बरती गई। बगैर फिटनेस जांच के ही बसें दौड़ती रहीं। उन्हें सीज करने की कार्रवाई नहीं की गई।
छह साल से जमे थे विश्वजीत प्रताप सिंह
निलंबित किए गए एआरटीओ विश्वजीत प्रताप सिंह प्रशासनिक इकाई में थे। उनकी तैनाती 2016 में हुई थी। वह एआरटीओ सतीश कुमार के प्रभारी थे। स्कूल बसों की फिटनेस जांच में प्रवर्तन इकाई की लापरवाही सामने आने पर भी उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। इस कारण उन्हें भी निलंबित किया गया है।
भारी पड़ी स्कूलों पर मेहरबानी
स्कूल का नाम फिटनेस बसें
प्रेसीडियम इंदिरापुरम 31
दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद 20
जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल 13
देहरादून पब्लिक स्कूल 10
प्रीती फाउंडेशन 9
इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल 08
एलके इंटरनेशनल 08
माउंट लिटेरा जी स्कूल 08
मुरादनगर पब्लिक स्कूल 08
सेठ आनंदपुरम जयपुरिया स्कूल 08
डायमंड पब्लिक स्कूल 07