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गर्मी का पारा बढ़ने से गिरा महिलाओं का रक्तचाप
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गर्मी का पारा बढ़ने से गिरा महिलाओं का रक्तचाप
गाजियाबाद। गर्मी का पारा चढ़ने से महिलाओं में रक्तचाप कम (लो ब्लडप्रेशर) की समस्या सामने आ रही है। बीते तीन दिनों से जिले का तापमान 40 से डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अधिक देर तक धूप में रहने के कारण पसीना होने और डिहाइड्र्रेशन से महिलाओं और युवतियों में निमभन रक्तचाप की समस्या आ रही है। एमएमजी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली हर 10 महिला में तीन को निमभन रक्तचाप की परेशानी हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 170 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि सामान्य तौर पर किसी का भी रक्तचाप 120 और 80 तक के स्तर या थोड़ा बहुत अंतर भी सामान्य होता है, अगर 90 से 60 या उससे भी कम रक्तचाप हो तो इसे निम्न रक्तचाप माना जाता है। गर्मी में यह परेशानी इसलिए भी बढ़ जाती है कि ज्यादातर महिलाएं खानपान में लापरवाही करती हैं और खाली पेट कई घंटे तक रहती हैं। इसके अलावा गर्मी में अधिक देर तक बाहर रहने से पसीना होने के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है। इस कारण से महिलाएं निमभन रक्त चाप की चपेट में आ जाती हैं।
पानी की कमी
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई बार कमजोरी महसूस होती है। पानी की कमी से सिर्फ लो ब्लडप्रेशर ही नहीं स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं भी होती हैं, जिसमें बुखार, उल्टी, डायरिया आदि शामिल हैं।
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खून की कमी
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पना कंसल ने बताया कि कई बार शरीर में रक्त की कमी निम्न रक्तचाप का कारण बनती है। किसी बड़ी चोट या अंदरूनी रक्तस्राव के कारण शरीर में अचानक खून की कमी हो जाती है, जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है। हृदय से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर रक्तचाप निम्न हो सकता है। महिलाओं में गर्भावस्था के समय लो ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है। इस दौरान सर्कुलेटरी सिस्टम तेजी से बढ़ता है और ब्लडप्रेशर कम हो जाता है।
कमजोरी व पोषण की कमी
पोषण की कमी और कमजोरी निम्न रक्तचाप का एक बढ़ा कारण है। जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाती जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है। अगर आप किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं और उसके लिए लगातार दवाईयों का सेवन कर रहे हैं, तब भी यह निम्न रक्तचाप का कारण बन सकता है।
इस तरह करें पहचान
सामान्य तौर पर अचानक बेहद कमजोरी महसूस होना
चक्कर आने जैसे लक्षण निम्न रक्तचाप के हो सकते हैं
थकान, डिप्रेशन, जी मचलाना, प्यास लगना, धुंधला दिखाई देना, त्वचा में पीलापन, शरीर ठंडा पड़ जाना, आधी-अधूरी और तेज सांसें आना आदि निम्न रक्तचाप के प्रमुख लक्षण हैं।
इस तरह से करें बचाव
घर से खाली पेट नहीं निकलें।
शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए, इसलिए दिन में 8 से 12 गिलास पानी जरूर पीएं।
खून की कमी न हो, इसलिए मौसमी फल, पालक, गाजर, अनार, गुड़ और भुने हुए चने का सेवन करना चाहिए।
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गाजियाबाद। गर्मी का पारा चढ़ने से महिलाओं में रक्तचाप कम (लो ब्लडप्रेशर) की समस्या सामने आ रही है। बीते तीन दिनों से जिले का तापमान 40 से डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अधिक देर तक धूप में रहने के कारण पसीना होने और डिहाइड्र्रेशन से महिलाओं और युवतियों में निमभन रक्तचाप की समस्या आ रही है। एमएमजी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली हर 10 महिला में तीन को निमभन रक्तचाप की परेशानी हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 170 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि सामान्य तौर पर किसी का भी रक्तचाप 120 और 80 तक के स्तर या थोड़ा बहुत अंतर भी सामान्य होता है, अगर 90 से 60 या उससे भी कम रक्तचाप हो तो इसे निम्न रक्तचाप माना जाता है। गर्मी में यह परेशानी इसलिए भी बढ़ जाती है कि ज्यादातर महिलाएं खानपान में लापरवाही करती हैं और खाली पेट कई घंटे तक रहती हैं। इसके अलावा गर्मी में अधिक देर तक बाहर रहने से पसीना होने के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है। इस कारण से महिलाएं निमभन रक्त चाप की चपेट में आ जाती हैं।
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पानी की कमी
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई बार कमजोरी महसूस होती है। पानी की कमी से सिर्फ लो ब्लडप्रेशर ही नहीं स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं भी होती हैं, जिसमें बुखार, उल्टी, डायरिया आदि शामिल हैं।
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खून की कमी
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पना कंसल ने बताया कि कई बार शरीर में रक्त की कमी निम्न रक्तचाप का कारण बनती है। किसी बड़ी चोट या अंदरूनी रक्तस्राव के कारण शरीर में अचानक खून की कमी हो जाती है, जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है। हृदय से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर रक्तचाप निम्न हो सकता है। महिलाओं में गर्भावस्था के समय लो ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है। इस दौरान सर्कुलेटरी सिस्टम तेजी से बढ़ता है और ब्लडप्रेशर कम हो जाता है।
कमजोरी व पोषण की कमी
पोषण की कमी और कमजोरी निम्न रक्तचाप का एक बढ़ा कारण है। जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाती जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है। अगर आप किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं और उसके लिए लगातार दवाईयों का सेवन कर रहे हैं, तब भी यह निम्न रक्तचाप का कारण बन सकता है।
इस तरह करें पहचान
सामान्य तौर पर अचानक बेहद कमजोरी महसूस होना
चक्कर आने जैसे लक्षण निम्न रक्तचाप के हो सकते हैं
थकान, डिप्रेशन, जी मचलाना, प्यास लगना, धुंधला दिखाई देना, त्वचा में पीलापन, शरीर ठंडा पड़ जाना, आधी-अधूरी और तेज सांसें आना आदि निम्न रक्तचाप के प्रमुख लक्षण हैं।
इस तरह से करें बचाव
घर से खाली पेट नहीं निकलें।
शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए, इसलिए दिन में 8 से 12 गिलास पानी जरूर पीएं।
खून की कमी न हो, इसलिए मौसमी फल, पालक, गाजर, अनार, गुड़ और भुने हुए चने का सेवन करना चाहिए।