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कोरोना का इलाज कराने के नाम पर वसूले 5.66 लाख
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कोरोना का इलाज कराने के नाम पर वसूले 5.66 लाख
गाजियाबाद। कोरोना का इलाज का बिल 5.66 लाख रुपये थमाने की शिकायत जन सुनवाई पोर्टल पर की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज और खर्च का ब्योरा तलब किया है।
विजयनगर के प्रताप विहार निवासी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत में बताया है कि मई 2021 में कोरोना संक्रमित होने पर चंद्रलक्ष्मी अस्पताल में भर्ती हुए थे। इलाज के बाद अस्पताल से 15 मई को डिस्चार्ज करने से पहले 5.66 लाख का बिल दिया गया। परिवार के सदस्यों ने इंश्योरेंस पॉलिसी के अलावा रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बिल का भुगतान किया। अस्पताल की ओर से उनसे निर्धारित मानकों से बहुत ज्यादा शुल्क वसूल किया गया। लक्ष्मण ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को जांच दी, लेकिन जांच नहीं हुई। लक्ष्मण ने अक्तूबर 2021 में दोबारा से शिकायत की तब भी जांच और कार्रवाई नहीं हो सकी। फरवरी 2022 में मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शासन से जांच और कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन को साक्ष्य देने के लिए तलब किया गया था, लेकिन कोई पेश नहीं हुआ। सोमवार को दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा।
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गाजियाबाद। कोरोना का इलाज का बिल 5.66 लाख रुपये थमाने की शिकायत जन सुनवाई पोर्टल पर की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज और खर्च का ब्योरा तलब किया है।
विजयनगर के प्रताप विहार निवासी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत में बताया है कि मई 2021 में कोरोना संक्रमित होने पर चंद्रलक्ष्मी अस्पताल में भर्ती हुए थे। इलाज के बाद अस्पताल से 15 मई को डिस्चार्ज करने से पहले 5.66 लाख का बिल दिया गया। परिवार के सदस्यों ने इंश्योरेंस पॉलिसी के अलावा रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बिल का भुगतान किया। अस्पताल की ओर से उनसे निर्धारित मानकों से बहुत ज्यादा शुल्क वसूल किया गया। लक्ष्मण ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को जांच दी, लेकिन जांच नहीं हुई। लक्ष्मण ने अक्तूबर 2021 में दोबारा से शिकायत की तब भी जांच और कार्रवाई नहीं हो सकी। फरवरी 2022 में मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शासन से जांच और कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन को साक्ष्य देने के लिए तलब किया गया था, लेकिन कोई पेश नहीं हुआ। सोमवार को दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा।