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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ः पहले दिन गुजरे 50 हजार वाहन
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : पहले दिन गुजरे 50 हजार वाहन
गाजियाबाद। छह साल के इंतजार के बाद शहरवासियों को बृहस्पतिवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सौगात मिल गई। पहले दिन 50 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से गुजरे। सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-मेरठ हाईवे पर रैपिड रेल के चल रहे काम से लगने वाले जाम को एक्सप्रेसवे को जल्दी खोेलने की वजह बताया है। एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह ने उद्घाटन की औपचारिक तिथि तय नहीं होने की बात कही है। मई में उद्घाटन हो सकता है। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना के दूसरे और डासना से मेरठ के चौथे चरण के खुलने के साथ ही वाहन एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने लगे।
एनएचएआई की ओर से पहले दिन एक्सप्रेसवे पर 50 हजार वाहनों के आवागमन का अनुमान लगाया गया। एक्सप्रेसवे खुलने से मेरठ और उत्तराखंड आने-जाने वालों को सहूलियत हुई। दिल्ली से मेरठ तक 82 किमी की दूरी एक घंटे में तय हो रही है। दूसरी ओर गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले लोगों को मेरठ की दूरी तय करने में केवल 25 से 30 मिनट लगे। एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद, मेरठ के साथ पश्चिमी यूपी और एनसीआर के लोगों की अब दिल्ली आवाजाही बगैर जाम के सुनिश्चित हो सकेगी।
तीसरे-चौथे चरण पर दिशासूचक बोर्ड की कमी, हादसे का बना सबब
एिक्सप्रेसवे शुरू होते ही पहले दिन लोगों को परेशानी से दो-चार होना पड़ा। एक्सप्रेसवे पर टोल गेट के बाद डासना से मसूरी, मुरादाबाद की ओर तीसरे और मेरठ की ओर चौथे चरण के सेक्शन की शुरुआत होती है। लेकिन एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेसवे के तीसरे और चौथे चरण की शुरुआत होने वाले प्वॉइंट पर कोई दिशासूचक बोर्ड नहीं लगाया गया है। ऐसे में तीसरे चरण में मसूरी, हापुड़, गढ़ और मुरादाबाद जाने वाले अधिकांश लोग दिशासूचक बोर्ड के अभाव में चौथे चरण पर मेरठ को जाने वाली एलिवेटेड रोड पर चढ़ गए। फिर चौथे चरण के ईस्टर्न पेरिफेरल पर बने लूप पर गलती का अहसास होने पर लोगों को विपरीत दिखा में वाहन लेकर आना पड़ा। ऐसे में मेरठ की ओर तेज रफ्तार जाते हुए वाहन और विपरीत दिशा में आते हुए वाहनों के कारण हादसे की संभावना बनी रही।
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पहले दिन ही एनएचएआई हेल्पलाइन से नहीं मिली मदद
एक्सप्रेसवे के शुरू होेते ही पहले दिन भोजपुर के पास मेटाडोर और पिकअप में हुई भिड़ंत ने एनएचएआई की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग एनएचएआई के हेल्पलाइन नंबर पर फोन घनघनाते रहे, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। वहीं, हादसे के दौरान एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी भी फेल साबित हुआ। एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार, नंबर प्लेट को कैद करने के साथ पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखने को 170 सीसीटीवी कैमरा लगाए हैं। स्थानीय पुलिस ने मदद की।
टोल की दरें इस हफ्ते होंगी तय, एएनपीआर से कटेगा टोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कुछ दिन तक लोगों को टोल नहीं देना होगा। मंत्रालय की की ओर से अभी टोल की दरें निर्धारित नहीं की गई हैं। ऐसे में पहले दिन लोगों को एक्सप्रेसवे से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं देना पड़ा। दूसरी ओर देश के पहले एडवांस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम (एएनपीआर) के तहत सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा। हर आठ से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे की प्रत्येक लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई, जिस पर चलते हुए वाहन की गति (योर स्पीड) को देख सकेंगे। एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों के लिए 80 और कारों के लिए अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चल सकेंगे।
औपचारिक उद्घाटन को आरओबी का काम पूरा होने का इंतजार:
एक्सप्रेसवे पर एबीईएस कॉलेज के पास अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का काम अभी अधूरा है। यहां पर दोनों ओर आरओबी के काम को डेढ़ से दो माह में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना तक के दूसरे चरण के खुलने के बावजूद 700 मीटर के हिस्से का काम अभी बाकी है। आरओबी का काम पूरा होने के बाद औपचारिक रूप से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तिथि निश्चित हो सकेगी।
स्मार्ट एक्सप्रेसवे का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जारी किया वीडियो:
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की शुरुआत पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के पहले स्मार्ट एक्सप्रेसवे का एक वीडियो जारी किया। एक्सप्रेसवे पर ऑटोमेटिक टोल करने के सिस्टम, एक्सप्रेसवे से लोगों के समय की बचत के साथ जाम से मिलने वाली राहत, निगरानी तंत्र सहित एक्सप्रेसवे से दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के लोगों को मिलने वाली राहत और एक्सप्रेसवे की खूबियों का गिनाया गया है।
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डीएम और एसएसपी ने एक्सप्रेसवे का किया निरीक्षण:
डीएम अजय शंकर पांडेय, एसएसपी डीएसपी अमित पाठक ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। डीएम और एसएसपी ने एक्सप्रेसवे पर यातायात की स्थिति और निगरानी तंत्र को भी करीब से परखा।
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कोट्स: लोग
1. एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ जाने के लिए अब जाम से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। पहले मेरठ पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाता था। अब आधा घंटा लगेगा। - रोहित चौधरी
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2. दिल्ली हो या मेरठ, जाने के लिए एक बार सोचना पड़ता था। अब एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के जिलों की दूरी आधी हो गई है। - सुदेश
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3. पहले मेरठ और उत्तराखंड जाने के लिए दिल्ली-मेरठ हाईवे पर निर्भर रहना पड़ता था। अब जाम झेलनी की समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा मिल गया है। - अदीब खान
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4. एक्सप्रेसवे शुरू होने से पश्चिमी यूपी के जिलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। जाम की समस्या और पुराने समय की बात होकर रह जाएगी। शहर के विकास के लिए एक्सप्रेसवे रोडमैप तैयार करेगा। - शहजाद
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर ओवरऑल एक नजर:
- दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोेजेक्ट की रखी आधारशिला
- नवंबर 2019 में प्रोजेक्ट होना था पूरा, तकनीकी कारण व कोरोना के चलते डेढ़ साल हुई देरी
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कुल लंबाई 82.01 किमी
- परियोजना की कुल लागत 8346 करोड़
- पहला चरण सराय काले खां से गाजीपुर यूपी बॉर्डर तक लंबाई 8.72 किमी
- दूसरा चरण यूपी बॉर्डर से डासना तक लंबाई 19.28 किमी
- तीसरा चरण डासना से हापुड़ तक लंबाई 22.23 किमी
- चौथा चरण डासना से मेरठ तक लंबाई 31.78 किमी
- दूसरा चरण में एबीईएस के पास आरओबी के चलते 700 मीटर का काम मई तक होगा पूरा
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गाजियाबाद। छह साल के इंतजार के बाद शहरवासियों को बृहस्पतिवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सौगात मिल गई। पहले दिन 50 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से गुजरे। सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-मेरठ हाईवे पर रैपिड रेल के चल रहे काम से लगने वाले जाम को एक्सप्रेसवे को जल्दी खोेलने की वजह बताया है। एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह ने उद्घाटन की औपचारिक तिथि तय नहीं होने की बात कही है। मई में उद्घाटन हो सकता है। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना के दूसरे और डासना से मेरठ के चौथे चरण के खुलने के साथ ही वाहन एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने लगे।
एनएचएआई की ओर से पहले दिन एक्सप्रेसवे पर 50 हजार वाहनों के आवागमन का अनुमान लगाया गया। एक्सप्रेसवे खुलने से मेरठ और उत्तराखंड आने-जाने वालों को सहूलियत हुई। दिल्ली से मेरठ तक 82 किमी की दूरी एक घंटे में तय हो रही है। दूसरी ओर गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले लोगों को मेरठ की दूरी तय करने में केवल 25 से 30 मिनट लगे। एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद, मेरठ के साथ पश्चिमी यूपी और एनसीआर के लोगों की अब दिल्ली आवाजाही बगैर जाम के सुनिश्चित हो सकेगी।
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तीसरे-चौथे चरण पर दिशासूचक बोर्ड की कमी, हादसे का बना सबब
एिक्सप्रेसवे शुरू होते ही पहले दिन लोगों को परेशानी से दो-चार होना पड़ा। एक्सप्रेसवे पर टोल गेट के बाद डासना से मसूरी, मुरादाबाद की ओर तीसरे और मेरठ की ओर चौथे चरण के सेक्शन की शुरुआत होती है। लेकिन एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेसवे के तीसरे और चौथे चरण की शुरुआत होने वाले प्वॉइंट पर कोई दिशासूचक बोर्ड नहीं लगाया गया है। ऐसे में तीसरे चरण में मसूरी, हापुड़, गढ़ और मुरादाबाद जाने वाले अधिकांश लोग दिशासूचक बोर्ड के अभाव में चौथे चरण पर मेरठ को जाने वाली एलिवेटेड रोड पर चढ़ गए। फिर चौथे चरण के ईस्टर्न पेरिफेरल पर बने लूप पर गलती का अहसास होने पर लोगों को विपरीत दिखा में वाहन लेकर आना पड़ा। ऐसे में मेरठ की ओर तेज रफ्तार जाते हुए वाहन और विपरीत दिशा में आते हुए वाहनों के कारण हादसे की संभावना बनी रही।
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एक्सप्रेसवे के शुरू होेते ही पहले दिन भोजपुर के पास मेटाडोर और पिकअप में हुई भिड़ंत ने एनएचएआई की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग एनएचएआई के हेल्पलाइन नंबर पर फोन घनघनाते रहे, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। वहीं, हादसे के दौरान एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी भी फेल साबित हुआ। एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार, नंबर प्लेट को कैद करने के साथ पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखने को 170 सीसीटीवी कैमरा लगाए हैं। स्थानीय पुलिस ने मदद की।
टोल की दरें इस हफ्ते होंगी तय, एएनपीआर से कटेगा टोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कुछ दिन तक लोगों को टोल नहीं देना होगा। मंत्रालय की की ओर से अभी टोल की दरें निर्धारित नहीं की गई हैं। ऐसे में पहले दिन लोगों को एक्सप्रेसवे से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं देना पड़ा। दूसरी ओर देश के पहले एडवांस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम (एएनपीआर) के तहत सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा। हर आठ से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे की प्रत्येक लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई, जिस पर चलते हुए वाहन की गति (योर स्पीड) को देख सकेंगे। एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों के लिए 80 और कारों के लिए अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चल सकेंगे।
औपचारिक उद्घाटन को आरओबी का काम पूरा होने का इंतजार:
एक्सप्रेसवे पर एबीईएस कॉलेज के पास अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का काम अभी अधूरा है। यहां पर दोनों ओर आरओबी के काम को डेढ़ से दो माह में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना तक के दूसरे चरण के खुलने के बावजूद 700 मीटर के हिस्से का काम अभी बाकी है। आरओबी का काम पूरा होने के बाद औपचारिक रूप से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तिथि निश्चित हो सकेगी।
स्मार्ट एक्सप्रेसवे का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जारी किया वीडियो:
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की शुरुआत पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के पहले स्मार्ट एक्सप्रेसवे का एक वीडियो जारी किया। एक्सप्रेसवे पर ऑटोमेटिक टोल करने के सिस्टम, एक्सप्रेसवे से लोगों के समय की बचत के साथ जाम से मिलने वाली राहत, निगरानी तंत्र सहित एक्सप्रेसवे से दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के लोगों को मिलने वाली राहत और एक्सप्रेसवे की खूबियों का गिनाया गया है।
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डीएम और एसएसपी ने एक्सप्रेसवे का किया निरीक्षण:
डीएम अजय शंकर पांडेय, एसएसपी डीएसपी अमित पाठक ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। डीएम और एसएसपी ने एक्सप्रेसवे पर यातायात की स्थिति और निगरानी तंत्र को भी करीब से परखा।
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कोट्स: लोग
1. एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ जाने के लिए अब जाम से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। पहले मेरठ पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाता था। अब आधा घंटा लगेगा। - रोहित चौधरी
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2. दिल्ली हो या मेरठ, जाने के लिए एक बार सोचना पड़ता था। अब एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के जिलों की दूरी आधी हो गई है। - सुदेश
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3. पहले मेरठ और उत्तराखंड जाने के लिए दिल्ली-मेरठ हाईवे पर निर्भर रहना पड़ता था। अब जाम झेलनी की समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा मिल गया है। - अदीब खान
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4. एक्सप्रेसवे शुरू होने से पश्चिमी यूपी के जिलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। जाम की समस्या और पुराने समय की बात होकर रह जाएगी। शहर के विकास के लिए एक्सप्रेसवे रोडमैप तैयार करेगा। - शहजाद
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर ओवरऑल एक नजर:
- दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोेजेक्ट की रखी आधारशिला
- नवंबर 2019 में प्रोजेक्ट होना था पूरा, तकनीकी कारण व कोरोना के चलते डेढ़ साल हुई देरी
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कुल लंबाई 82.01 किमी
- परियोजना की कुल लागत 8346 करोड़
- पहला चरण सराय काले खां से गाजीपुर यूपी बॉर्डर तक लंबाई 8.72 किमी
- दूसरा चरण यूपी बॉर्डर से डासना तक लंबाई 19.28 किमी
- तीसरा चरण डासना से हापुड़ तक लंबाई 22.23 किमी
- चौथा चरण डासना से मेरठ तक लंबाई 31.78 किमी
- दूसरा चरण में एबीईएस के पास आरओबी के चलते 700 मीटर का काम मई तक होगा पूरा