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सरकार-प्रशासन की साजिश नाकाम रही
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धरनास्थल पर लोगों को संबोधित करते योगेंद्र यादव।
- फोटो : GHAZIABAD City
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गाजीपुर में सरकार-प्रशासन की साजिश हुई नाकाम : योगेंद्र यादव
गाजियाबाद। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पहले दिन से लड़ाई रहे किसान नेता योगेंद्र यादव भी शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और सरकार आंदोलन को कुचलने की साजिश रच रही है। हम आंदोलन के पहले दिन से उन लोगों के बारे में स्थानीय प्रशासन और सरकार को आगाह कर रहे थे जिन्होंने ट्रैक्टर परेड के दौरान माहौल बिगाड़ने का काम किया लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। क्योंकि वो लोग सरकार के इशारे पर काम कर रहे थे। किसानों के खिलाफ एक और साजिश बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर रची गई लेकिन सरकार-प्रशासन की इस साजिश को राकेश टिकैत ने नाकाम कर दिया। इसी तरह की साजिश सिंघु बॉर्डर पर की जा रही है।
योगेंद्र यादव ने कहा कि राकेश टिकैत के आंसुओं ने पूरी किसान बिरादरी को एक कर दिया है। यह किसानों के अस्तित्व की लड़ाई है जिसे मेरे भाई राकेश ने पगड़ी और सम्मान की लड़ाई मानकर लड़ा है। गाजीपुर बॉर्डर पर उमड़ा जन सैलाब बता रहा है कि अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है लेकिन अब हमें पुरानी घटनाओं से सबक लेकर चौंकना रहना पड़ेगा। राकेश टिकैत ने पूरे आंदोलन को जिंदा कर दिया है और सरकार की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश भी हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर गारंटी के बिना खत्म नहीं होगा।
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गाजियाबाद। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पहले दिन से लड़ाई रहे किसान नेता योगेंद्र यादव भी शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और सरकार आंदोलन को कुचलने की साजिश रच रही है। हम आंदोलन के पहले दिन से उन लोगों के बारे में स्थानीय प्रशासन और सरकार को आगाह कर रहे थे जिन्होंने ट्रैक्टर परेड के दौरान माहौल बिगाड़ने का काम किया लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। क्योंकि वो लोग सरकार के इशारे पर काम कर रहे थे। किसानों के खिलाफ एक और साजिश बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर रची गई लेकिन सरकार-प्रशासन की इस साजिश को राकेश टिकैत ने नाकाम कर दिया। इसी तरह की साजिश सिंघु बॉर्डर पर की जा रही है।
योगेंद्र यादव ने कहा कि राकेश टिकैत के आंसुओं ने पूरी किसान बिरादरी को एक कर दिया है। यह किसानों के अस्तित्व की लड़ाई है जिसे मेरे भाई राकेश ने पगड़ी और सम्मान की लड़ाई मानकर लड़ा है। गाजीपुर बॉर्डर पर उमड़ा जन सैलाब बता रहा है कि अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है लेकिन अब हमें पुरानी घटनाओं से सबक लेकर चौंकना रहना पड़ेगा। राकेश टिकैत ने पूरे आंदोलन को जिंदा कर दिया है और सरकार की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश भी हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर गारंटी के बिना खत्म नहीं होगा।
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