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फर्जी नक्शा दिखाकर बिल्डर ने 42.26 लाख ठगे, रिपोर्ट दर्ज
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फर्जी नक्शा दिखाकर बिल्डर ने 42.26 लाख ठगे, रिपोर्ट दर्ज
गाजियाबाद। फर्जी नक्शा दिखाकर फ्लैट बुक करके 42.26 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंफाहोम्स प्राइवेट लिमिटेड ग्रुप के बिल्डर और उसके बेटों ने राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी मंगल प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने का झांसा दिया। फ्लैट का सौदा होने के बाद उन्होंने बिल्डर को बुकिंग की राशि समेत दो साल में 42.26 लाख रुपये दे दिए। अब तक बिल्डर ने उन्हें फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया और अब रुपये लौटाने से मना कर रहा है। रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। मामले में प्रभात कुमार ने प्रवीन त्यागी, वैभव और विभोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रभात कुमार का कहना है कि उन्हें एक मकान की जरूरत थी। 2019 में उनकी मुलाकात विभोर वैभव इंफाहोम्स प्राइवेट लिमिटेड वीवीआईपी मंगल राजनगर एक्सटेंशन के सीएमडी प्रवीन त्यागी से हुई। आरोप है कि प्रवीन त्यागी ने उन्हें वीवीआईपी मंगल योजना के बारे में जानकारी दी और प्रोजेक्ट का नक्शा व बुकलेट दिखाई। उन्होंने उसके प्रोजेक्ट से प्रभावित होकर चार कमरों का एक फ्लैट बुक कर दिया। 87.72 लाख में फ्लैट का सौदा हो गया। 2019 से 2021 से कई बार में उन्होंने प्रवीन और उसके बेटों को 42.26 लाख रुपये ट्रांसफर करके दे दिए। तय समय में बिल्डर ने उन्हें फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। जानकारी करने पर पता चला कि बिल्डर ने उन्हें फर्जी नक्शा और बुकलेट दिखाकर झांसा में लेकर रुपये ऐंठ लिए हैं। आरोप है कि बिल्डर ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाकर कहा कि कोई और फ्लैट ले लो नहीं तो दिए हुए रुपये को भूल जाओ। रुपये मांगने पर जान से मारने की भी धमकी दी है। प्रभात कुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और जीडीए से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट का सहारा लेकर बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। नंदग्राम थाना प्रभारी रमेश सिंह सिद्धू का कहना है कि मामले में बिल्डर प्रवीन त्यागी, वैभव और विभोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। फर्जी नक्शा दिखाकर फ्लैट बुक करके 42.26 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंफाहोम्स प्राइवेट लिमिटेड ग्रुप के बिल्डर और उसके बेटों ने राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी मंगल प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने का झांसा दिया। फ्लैट का सौदा होने के बाद उन्होंने बिल्डर को बुकिंग की राशि समेत दो साल में 42.26 लाख रुपये दे दिए। अब तक बिल्डर ने उन्हें फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया और अब रुपये लौटाने से मना कर रहा है। रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। मामले में प्रभात कुमार ने प्रवीन त्यागी, वैभव और विभोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रभात कुमार का कहना है कि उन्हें एक मकान की जरूरत थी। 2019 में उनकी मुलाकात विभोर वैभव इंफाहोम्स प्राइवेट लिमिटेड वीवीआईपी मंगल राजनगर एक्सटेंशन के सीएमडी प्रवीन त्यागी से हुई। आरोप है कि प्रवीन त्यागी ने उन्हें वीवीआईपी मंगल योजना के बारे में जानकारी दी और प्रोजेक्ट का नक्शा व बुकलेट दिखाई। उन्होंने उसके प्रोजेक्ट से प्रभावित होकर चार कमरों का एक फ्लैट बुक कर दिया। 87.72 लाख में फ्लैट का सौदा हो गया। 2019 से 2021 से कई बार में उन्होंने प्रवीन और उसके बेटों को 42.26 लाख रुपये ट्रांसफर करके दे दिए। तय समय में बिल्डर ने उन्हें फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। जानकारी करने पर पता चला कि बिल्डर ने उन्हें फर्जी नक्शा और बुकलेट दिखाकर झांसा में लेकर रुपये ऐंठ लिए हैं। आरोप है कि बिल्डर ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाकर कहा कि कोई और फ्लैट ले लो नहीं तो दिए हुए रुपये को भूल जाओ। रुपये मांगने पर जान से मारने की भी धमकी दी है। प्रभात कुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और जीडीए से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट का सहारा लेकर बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। नंदग्राम थाना प्रभारी रमेश सिंह सिद्धू का कहना है कि मामले में बिल्डर प्रवीन त्यागी, वैभव और विभोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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