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फ्री लैपटॉप का लालच देकर छात्र से 15 लाख की ठगी
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फ्री लैपटॉप का लालच देकर छात्र से 15 लाख की ठगी
गाजियाबाद। फ्री लैपटॉप देने का झांसा देकर एमबीए के छात्र से 15 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने खुद को बास्केट ऑफर्स साइट से बताकर जाल में फंसाया। शातिरों ने कहा कि उन्हें लैपटॉप दिया जाएगा, इसके लिए जीएसटी शुल्क के 9730 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। छात्र ने भुगतान किया तो शातिर फिर बीमा करने के लिए रुपये की मांग की। बाद में छात्र ने लैपटॉप लेने से मनाकर रुपये वापस मांगे तो शातिरों ने और रुपये देने पर ही सभी रुपये वापस लौटाने का झांसा देकर जाल में फंसाते रहे। ऐसा करके शातिरों विभिन्न शुल्क के नाम पर 15.42 लाख रुपये ठग लिए। छात्र ने इसके लिए बैंक से ऋण भी लिया।
पीड़ित निजी कॉलेज में एमबीए का छात्र है। छात्र ने बताया कि अप्रैल में उनके पास एक अनजान नंबर से फोन कॉल आई। कॉलर ने उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों की सूची में से कुछ ग्राहकों को फ्री लैपटॉप देने की बात की। इसके लिए कॉलर ने पहले उनसे जीएसटी के नाम पर 9730 रुपये मांगे उन्होंने उसका भुगतान कर दिया। इसके बाद पांच साल का बीमा करने के नाम पर और रुपये की मांग की। उन्हें कुछ गड़बड़ लगा तो उन्होंने कॉलर से रुपये वापस मांगे और लैपटॉप लेने से मना कर दिया। कॉलर लगातार उनके पास अलग-अलग नंबरों से फोन कर परेशान करते रहे और रुपये वापस करने के लिए रुपये की मांग करते रहे। रुपये वापस लेने के लिए वह उनकी डिमांड के अनुसार भुगतान करते रहे। इसके लिए उन्होंने तीन बैंक व फाइनेंस कंपनी से लोन भी लिया। 26 अप्रैल से 17 मई तक वह उन्हें 14.64 लाख रुपये दे चुके थे। कुछ समय बाद उनके पास फिर फोन कॉल आई और कॉलर ने कर्मचारी से गलती होने की बात कहकर रुपये वापस करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने कुछ और पैसे मांगे जो उन्होंने दे दिए। शातिरों ने फिर आयकर विभाग के छापे का डर दिखाकर 77 रुपये फिर ले लिए लगातार शातिर पैसे लेते रहे इससे परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की है। छात्र ने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शातिरों ने सात बार में खाते से निकाले 3.67 लाख
गाजियाबाद। शातिरों ने भाटिया मोड़ के पास के रहने वाले पराग जैन के खाते से सात बार में 3.67 लाख रुपये निकाल लिए। पराग जैन को मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने का मेसेज आने पर ऑनलाइन ठगी का पता चला। मामले में उन्होंने सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पराग जैन का कहना है कि उनका आंबेडकर रोड स्थित एक्सीस बैंक की शाखा में खाता है। 20 अक्तूबर की रात करीब दस बजे उनके फोन पर खाते से रुपये निकलने के मेसेज आए। 21 अक्तूबर को बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। उनका कहना है कि उनके पास न कोई फोन कॉल आई और न ही उन्होंने किसी लिंक पर क्लिक किया। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
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गाजियाबाद। फ्री लैपटॉप देने का झांसा देकर एमबीए के छात्र से 15 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने खुद को बास्केट ऑफर्स साइट से बताकर जाल में फंसाया। शातिरों ने कहा कि उन्हें लैपटॉप दिया जाएगा, इसके लिए जीएसटी शुल्क के 9730 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। छात्र ने भुगतान किया तो शातिर फिर बीमा करने के लिए रुपये की मांग की। बाद में छात्र ने लैपटॉप लेने से मनाकर रुपये वापस मांगे तो शातिरों ने और रुपये देने पर ही सभी रुपये वापस लौटाने का झांसा देकर जाल में फंसाते रहे। ऐसा करके शातिरों विभिन्न शुल्क के नाम पर 15.42 लाख रुपये ठग लिए। छात्र ने इसके लिए बैंक से ऋण भी लिया।
पीड़ित निजी कॉलेज में एमबीए का छात्र है। छात्र ने बताया कि अप्रैल में उनके पास एक अनजान नंबर से फोन कॉल आई। कॉलर ने उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों की सूची में से कुछ ग्राहकों को फ्री लैपटॉप देने की बात की। इसके लिए कॉलर ने पहले उनसे जीएसटी के नाम पर 9730 रुपये मांगे उन्होंने उसका भुगतान कर दिया। इसके बाद पांच साल का बीमा करने के नाम पर और रुपये की मांग की। उन्हें कुछ गड़बड़ लगा तो उन्होंने कॉलर से रुपये वापस मांगे और लैपटॉप लेने से मना कर दिया। कॉलर लगातार उनके पास अलग-अलग नंबरों से फोन कर परेशान करते रहे और रुपये वापस करने के लिए रुपये की मांग करते रहे। रुपये वापस लेने के लिए वह उनकी डिमांड के अनुसार भुगतान करते रहे। इसके लिए उन्होंने तीन बैंक व फाइनेंस कंपनी से लोन भी लिया। 26 अप्रैल से 17 मई तक वह उन्हें 14.64 लाख रुपये दे चुके थे। कुछ समय बाद उनके पास फिर फोन कॉल आई और कॉलर ने कर्मचारी से गलती होने की बात कहकर रुपये वापस करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने कुछ और पैसे मांगे जो उन्होंने दे दिए। शातिरों ने फिर आयकर विभाग के छापे का डर दिखाकर 77 रुपये फिर ले लिए लगातार शातिर पैसे लेते रहे इससे परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की है। छात्र ने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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शातिरों ने सात बार में खाते से निकाले 3.67 लाख
गाजियाबाद। शातिरों ने भाटिया मोड़ के पास के रहने वाले पराग जैन के खाते से सात बार में 3.67 लाख रुपये निकाल लिए। पराग जैन को मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने का मेसेज आने पर ऑनलाइन ठगी का पता चला। मामले में उन्होंने सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पराग जैन का कहना है कि उनका आंबेडकर रोड स्थित एक्सीस बैंक की शाखा में खाता है। 20 अक्तूबर की रात करीब दस बजे उनके फोन पर खाते से रुपये निकलने के मेसेज आए। 21 अक्तूबर को बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। उनका कहना है कि उनके पास न कोई फोन कॉल आई और न ही उन्होंने किसी लिंक पर क्लिक किया। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
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