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111 हादसों में 51 की मौत के बाद मिले 16 ब्लैकस्पॉट
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111 हादसों में 51 की मौत के बाद मिले 16 ब्लैकस्पॉट
गाजियाबाद। शहर भर में हुए सर्वे में इस बार ब्लैकस्पॉट में कोई कर्मी नहीं आई है। पिछले साल भी 16 ब्लैकस्पॉट थे लेकिन इनमें कुछ स्पॉट पर हादसे रुके तो हाईवे और एक्सप्रेसवे बनने से अन्य जगह ब्लैकस्पॉट बन गए। इस कारण ब्लैकस्पॉट की संख्या 16 ही रही। 2021 में ब्लैकस्पॉट पर 111 हादसों में 51 लोगों की मौत के बाद जिले में 16 प्वाइंट ऐसे मिले हैं जहां अवैध कट, लापरवाही, तेज रफ्तार के कारण हादसे हुए हैं।
सबसे ज्यादा ब्लैकस्पॉट मेरठ रोड पर मिले हैं। 16 में से 9 प्वाइंट मेरठ रोड पर हैं। इसमे भी सबसे ज्यादा मुरादनगर क्षेत्र में हैं। मेरठ रोड पर सबसे ज्यादा ब्लैकस्पॉट का कारण रैपिड रेल के निर्माण होना सामने आया है। जहां अव्यवस्थित ढंग से कट बने हैं और तेज रफ्तार में कट से वाहन आने पर हादसे हो रहे हैं। इनके अलावा चार प्वाइंट जीटी रोड, दो एनएच-9 और एक वजीराबाद रोड पर हैं।
ये 16 स्थान हैं ब्लैकस्पॉट
घूकना मोड़, दुहाई पुल के नीचे, आईटीएस, ओएफएम गेट व पुल, हनुमान मंदिर, गंगनहर रावली रोड तिराहा, सैंथली कट, कस्बा मुरादनगर बंबा, जलालपुर कट, मोहननगर, अर्थला, राजेंद्र नगर, सीमापुरी बॉर्डर, करन गेट, विजयनगर और लालकुआं हैं।
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सात माह में 478 हादसों में 203 की गई जान
इस साल सात महीनों में जिले में 478 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 203 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 345 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 109 हादसों में 61 लोगों की जान गई जबकि 88 लोग घायल हुए। एक्सप्रेसवे पर हादसों का कारण तेज रफ्तार और प्रतिबंधित वाहनों की चलना सामने आया है।
हादसे रोकने के किए जाएंगे इंतजाम
एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि 2021 के आंकड़ों के आधार पर सर्वे किया गया। इसमें 16 ब्लैकस्पॉट चिन्हित हुए हैं। हादसे रोकने के लिए इन ब्लैकस्पॉट पर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यू टर्न, डिवाइडर ऊंचा, अवैध कट बंद समेत अन्य इंतजाम किए जाएंगे।
तीन साल में चिन्हित ब्लैकस्पॉट पर हुए हादसे
वर्ष हादसे मौत घायल
2019 109 55 67
2020 106 52 58
2021 111 51 71
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गाजियाबाद। शहर भर में हुए सर्वे में इस बार ब्लैकस्पॉट में कोई कर्मी नहीं आई है। पिछले साल भी 16 ब्लैकस्पॉट थे लेकिन इनमें कुछ स्पॉट पर हादसे रुके तो हाईवे और एक्सप्रेसवे बनने से अन्य जगह ब्लैकस्पॉट बन गए। इस कारण ब्लैकस्पॉट की संख्या 16 ही रही। 2021 में ब्लैकस्पॉट पर 111 हादसों में 51 लोगों की मौत के बाद जिले में 16 प्वाइंट ऐसे मिले हैं जहां अवैध कट, लापरवाही, तेज रफ्तार के कारण हादसे हुए हैं।
सबसे ज्यादा ब्लैकस्पॉट मेरठ रोड पर मिले हैं। 16 में से 9 प्वाइंट मेरठ रोड पर हैं। इसमे भी सबसे ज्यादा मुरादनगर क्षेत्र में हैं। मेरठ रोड पर सबसे ज्यादा ब्लैकस्पॉट का कारण रैपिड रेल के निर्माण होना सामने आया है। जहां अव्यवस्थित ढंग से कट बने हैं और तेज रफ्तार में कट से वाहन आने पर हादसे हो रहे हैं। इनके अलावा चार प्वाइंट जीटी रोड, दो एनएच-9 और एक वजीराबाद रोड पर हैं।
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ये 16 स्थान हैं ब्लैकस्पॉट
घूकना मोड़, दुहाई पुल के नीचे, आईटीएस, ओएफएम गेट व पुल, हनुमान मंदिर, गंगनहर रावली रोड तिराहा, सैंथली कट, कस्बा मुरादनगर बंबा, जलालपुर कट, मोहननगर, अर्थला, राजेंद्र नगर, सीमापुरी बॉर्डर, करन गेट, विजयनगर और लालकुआं हैं।
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सात माह में 478 हादसों में 203 की गई जान
इस साल सात महीनों में जिले में 478 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 203 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 345 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 109 हादसों में 61 लोगों की जान गई जबकि 88 लोग घायल हुए। एक्सप्रेसवे पर हादसों का कारण तेज रफ्तार और प्रतिबंधित वाहनों की चलना सामने आया है।
हादसे रोकने के किए जाएंगे इंतजाम
एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि 2021 के आंकड़ों के आधार पर सर्वे किया गया। इसमें 16 ब्लैकस्पॉट चिन्हित हुए हैं। हादसे रोकने के लिए इन ब्लैकस्पॉट पर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यू टर्न, डिवाइडर ऊंचा, अवैध कट बंद समेत अन्य इंतजाम किए जाएंगे।
तीन साल में चिन्हित ब्लैकस्पॉट पर हुए हादसे
वर्ष हादसे मौत घायल
2019 109 55 67
2020 106 52 58
2021 111 51 71