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रेड एपल मामले में बैंक अफसरों ने जीडीए को ठहराया जिम्मेदार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 01:03 AM IST
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रेड एपल मामले में बैंक अफसरों ने जीडीए को ठहराया जिम्मेदार
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गाजियाबाद। रेड एपल के प्रोजेक्ट में फ्लैट बेचने के नाम पर की गई 200 करोड़ की धोखाधड़ी में बैंक अफसरों ने अपनी कोई गलती मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सारी गलती गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की है। जिन प्रोजेक्ट के नाम पर धोखाधड़ी हुई, उनके नक्शे जीडीए ने ही पास किए थे। पुलिस को भेजे जवाब में बैंक अफसरों ने कहा है, जिन प्रोजेक्ट के नक्शे पास थे, उनमें ही ऋण मंजूर किया गया है।
रेप एपल के बिल्डर राजकुमार जैन और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अब तक दर्ज 110 केस में 100 से ज्यादा में बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत बताई गई है। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं। दस केस जीडीए के अफसरों के खिलाफ दर्ज हुए हैं। अब तक नौ आरोपी जेल भेजे गए हैं।
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पुलिस की जांच का फोकस फिलहाल बैंक और जीडीए के अफसरों की भूमिका मालूम करने पर है। इसीलिए, बैंक के अफसरों को नोटिस जारी किए गए थे। इनके जवाब में ही अफसरों ने जीडीए के अफसरों को जिम्मेदार बताया है। पुलिस अब तक 22 केस में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें एक में भी बैंक अफसरों को आरोपी नहीं बनाया गया। सभी में सिर्फ बिल्डर और उनसके परिवार के सदस्य आरोपी हैं जो रेड एपल की कई फर्म में शामिल हैं।
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जिन केस में जीडीए के अफसर भी आरोपी हैं, उनकी जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है। जांच के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है। सीओ क्राइम अंशु जैन का कहना है कि मामले में बैंक अधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने नक्शा पास होने के आधार पर ऋण पास करने की बात कही है लेकिन एक फ्लैट पर दो बार ऋण पास होने के मामले की जांच के लिए ईओडब्ल्यू को भेजा गया है

बिल्डर ने निजी फाइनेंस कंपनी से भी लिया ऋण
बिल्डर ने हाईराइज सोसायटी ही नहीं बल्कि तीन-चार फ्लैट के प्रोजेक्ट में भी लोगों को फंसाया है। इसमें बिल्डर ट्रांस हिंडन क्षेत्र में कॉलोनी में प्रोजेक्ट दिखाकर लोगों के फ्लैट बुक कर लिए और लोगों से रुपये ऐंठ लिए। बिल्डर ने इसमें बैंक से अलावा निजी फाइनेंस कंपनी से ऋण लिया है। जिन्हें बिल्डर लोगों को चुकाने का वादा किया लेकिन लोग अब तक उनकी किस्त भर रहे हैं।
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