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महिला की मौत के बाद भी कार कंपनी ने दिया लोन का नोटिस
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महिला की मौत के बाद भी कार कंपनी ने दिया लोन का नोटिस
गाजियाबाद। राजनगर निवासी एक अधिवक्ता की पत्नी की मौत के बाद एक कार कंपनी उनके खाते से कार की किस्त काटने और मौत की सूचना देने के बाद भी महिला को जीवित दिखाकर नोटिस जारी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वह कंपनी को पत्नी की मौत के बाद लोन को पूरा चुकाने के लिए कह चुके हैं। इसके बावजूद कंपनी फर्जीवाड़ा करके नोटिस जारी कर रही है। अधिवक्ता ने मामले में कंपनी के 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर 2018 में कार खरीदी थी। उन्होंने उस पर तीन लाख रुपये का फाइनेंस कराया था। इसकी किस्त उनकी पत्नी के बैंक खाते से कट रही थी। अप्रैल 2021 में उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद उन्होंने बैंक व कंपनी को इसकी सूचना देकर बैंक खाता बंद करने और कंपनी को लोन खत्म करने के लिए पत्र लिखा। आरोप है कि पत्र लिखने के बाद ना तो कंपनी ने लोन खत्म करने के लिए उनसे संपर्क किया और न ही बैंक ने खाता बंद किया। उनकी पत्नी के खाते से लगातार किस्त कटती रहीं। इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधक से संपर्क करके खाता बंद कराया लेकिन इसके बाद भी कंपनी उनकी पत्नी के खिलाफ लोन के लिए नोटिस जारी कर रही है। मामले में अमित भगत, रेणुका, अरुण पाठक, रविकरणा, अलोक चड्ढा, आनंद बैंग, रिधि गैंगर, प्रवीण राणा, अवनीश शरण, सोनिका दीक्षित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। राजनगर निवासी एक अधिवक्ता की पत्नी की मौत के बाद एक कार कंपनी उनके खाते से कार की किस्त काटने और मौत की सूचना देने के बाद भी महिला को जीवित दिखाकर नोटिस जारी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वह कंपनी को पत्नी की मौत के बाद लोन को पूरा चुकाने के लिए कह चुके हैं। इसके बावजूद कंपनी फर्जीवाड़ा करके नोटिस जारी कर रही है। अधिवक्ता ने मामले में कंपनी के 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर 2018 में कार खरीदी थी। उन्होंने उस पर तीन लाख रुपये का फाइनेंस कराया था। इसकी किस्त उनकी पत्नी के बैंक खाते से कट रही थी। अप्रैल 2021 में उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद उन्होंने बैंक व कंपनी को इसकी सूचना देकर बैंक खाता बंद करने और कंपनी को लोन खत्म करने के लिए पत्र लिखा। आरोप है कि पत्र लिखने के बाद ना तो कंपनी ने लोन खत्म करने के लिए उनसे संपर्क किया और न ही बैंक ने खाता बंद किया। उनकी पत्नी के खाते से लगातार किस्त कटती रहीं। इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधक से संपर्क करके खाता बंद कराया लेकिन इसके बाद भी कंपनी उनकी पत्नी के खिलाफ लोन के लिए नोटिस जारी कर रही है। मामले में अमित भगत, रेणुका, अरुण पाठक, रविकरणा, अलोक चड्ढा, आनंद बैंग, रिधि गैंगर, प्रवीण राणा, अवनीश शरण, सोनिका दीक्षित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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