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लापरवाही से बढ़ी संक्रमण, इस माह मिले 461 मरीज
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लापरवाही से बढ़ा संक्रमण
इस माह मिले 461 मरीज
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मार्च में अब तक 461 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि फरवरी में सिर्फ 163 ही मरीज थे। पिछले वर्ष तीन महीने में इतने ही संक्रमितों की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अगर लोगों ने गंभीरता नहीं बरती तो कड़ाई से कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं किया तो संक्रमण और तेजी फैल सकता है।
पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 14 दिन में 317 लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि होली के त्योहार पर संक्रमण से बचाव के लिए बेहतर होगा कि गले मिलने से बचें और उचित दूरी बनाकर मित्रों व शुभचिंतकों को शुभकामनाएं दें।
नया स्वरूप है अधिक खतरनाक
स्वास्थ्य जानकारों का कहना है कि कोरोना अपना स्वरूप बदल रहा है। नए वेरिएंट में बुखार व सिरदर्द के अलावा उल्टी, दस्त होने पर भी कोरोना की जांच कराना जरूरी है। अधिकांश मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, सूखी खांसी, सूंघने की क्षमता प्रभावित होना, खाने का स्वाद पता न चल पाना मुख्य लक्षण सामने आ रहे हैं। हालांकि अभी नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।
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मास्क और दो गज की दूरी भूल गए लोग
पिछले तीन माह से लोग मास्क लगाना और सामाजिक दूरी बनाना भूल गए हैं। हर कोई लापरवाही बरत रहा है, इसका परिणाम भी सामने आ रहा है। होली के बाद संक्रमण बढ़ने की संभावना है। कोविड लेवल-2 अस्पताल को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। संयुक्त अस्पताल और ईएसआई राजेंद्र नगर को तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोविड केयर सेंटर भी शुरू किए जा सकते हैं। फरवरी मेें कोविड लेवल-3 अस्पताल को छोड़कर सभी सरकारी कोविड अस्पताल को नॉन कोविड कर दिया गया था। प्राइवेट अस्पतालों को भी शासन से अनुमति मिलने पर नॉन कोविड कर दिया गया था।
बुजुर्ग संक्रमित, सात दिन का खर्च आया 3.18 लाख
चंद्रपुरी निवासी 70 वर्षीय एक बुजुर्ग ने एक सप्ताह पहले ंक्रमण की चपेट में आए थे। संक्रमण की जानकारी तब पता चली जब वह फिस्टूला का ऑपरेशन कराने के लिए कोरोना की जांच कराने गए। संक्रमण होने के तीसरे दिन सांस लेने में परेशानी हुई तो नेहरू नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि उनकी सीटी वैल्यू चार आई थी, इसके बावजूद एक सप्ताह में दवाई का खर्च 3.18 लाख रुपये आ गया। परिजनों का कहना है कि अन्य डाक्टरों से बात की गई तो बताया कि जब तक सीटी वैल्यू 10 से अधिक न हो, भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बाद परिजन बुजुर्ग को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए।
एक जनवरी से 27 मार्च तक 1123 संक्रमित
इस साल 1123 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। जनवरी में 454 लोग संक्रमण की चपेट में आए। फरवरी में 163 और मार्च में 461 मरीज मिल चुके हैं। जबकि पिछली साल मार्च में आठ, अप्रैल में 70 व मई में 299 संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश
संक्रमण बढ़ने पर शासन स्तर से जिले में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में आठ स्थाई बूथों के अलावा मोबाइल यूनिटों को भी अधिक से अधिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्रतिदिन 1700 आरटीपीसीआर और 2200 एंटीजन जांच के निर्देश हैं। अभी एक हजार आरटीपीसीआर और 1400 एंटीजन जांच की जा रही है।
दूरी और मास्क ही बेहतर बचाव
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि इस समय कोरोना का नया स्वरूप तेजी से लोगों को संक्रमण की चपेट में ले रहा है। ऐसे में बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। बेहतर होगा कि होली का त्योहार घर में ही मनाएं और बाहर किसी से भी गले मिलने से बचें। इस समय भीड़ और सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें। अगर बहुत जरूरी हो तभी बाजार जाएं। घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना न भूलें। बाहर से घर वापस आने पर कपड़े और सफाई पर विशेष ध्यान दें। अगर घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं तो कोशिश करें कि बाहर से आने पर नहाने के बाद ही उनके पास जाएं, क्योंकि बच्चों और बुजुर्गों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और वह संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
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इस माह मिले 461 मरीज
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मार्च में अब तक 461 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि फरवरी में सिर्फ 163 ही मरीज थे। पिछले वर्ष तीन महीने में इतने ही संक्रमितों की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अगर लोगों ने गंभीरता नहीं बरती तो कड़ाई से कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं किया तो संक्रमण और तेजी फैल सकता है।
पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 14 दिन में 317 लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि होली के त्योहार पर संक्रमण से बचाव के लिए बेहतर होगा कि गले मिलने से बचें और उचित दूरी बनाकर मित्रों व शुभचिंतकों को शुभकामनाएं दें।
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नया स्वरूप है अधिक खतरनाक
स्वास्थ्य जानकारों का कहना है कि कोरोना अपना स्वरूप बदल रहा है। नए वेरिएंट में बुखार व सिरदर्द के अलावा उल्टी, दस्त होने पर भी कोरोना की जांच कराना जरूरी है। अधिकांश मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, सूखी खांसी, सूंघने की क्षमता प्रभावित होना, खाने का स्वाद पता न चल पाना मुख्य लक्षण सामने आ रहे हैं। हालांकि अभी नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।
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मास्क और दो गज की दूरी भूल गए लोग
पिछले तीन माह से लोग मास्क लगाना और सामाजिक दूरी बनाना भूल गए हैं। हर कोई लापरवाही बरत रहा है, इसका परिणाम भी सामने आ रहा है। होली के बाद संक्रमण बढ़ने की संभावना है। कोविड लेवल-2 अस्पताल को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। संयुक्त अस्पताल और ईएसआई राजेंद्र नगर को तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोविड केयर सेंटर भी शुरू किए जा सकते हैं। फरवरी मेें कोविड लेवल-3 अस्पताल को छोड़कर सभी सरकारी कोविड अस्पताल को नॉन कोविड कर दिया गया था। प्राइवेट अस्पतालों को भी शासन से अनुमति मिलने पर नॉन कोविड कर दिया गया था।
बुजुर्ग संक्रमित, सात दिन का खर्च आया 3.18 लाख
चंद्रपुरी निवासी 70 वर्षीय एक बुजुर्ग ने एक सप्ताह पहले ंक्रमण की चपेट में आए थे। संक्रमण की जानकारी तब पता चली जब वह फिस्टूला का ऑपरेशन कराने के लिए कोरोना की जांच कराने गए। संक्रमण होने के तीसरे दिन सांस लेने में परेशानी हुई तो नेहरू नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि उनकी सीटी वैल्यू चार आई थी, इसके बावजूद एक सप्ताह में दवाई का खर्च 3.18 लाख रुपये आ गया। परिजनों का कहना है कि अन्य डाक्टरों से बात की गई तो बताया कि जब तक सीटी वैल्यू 10 से अधिक न हो, भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बाद परिजन बुजुर्ग को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए।
एक जनवरी से 27 मार्च तक 1123 संक्रमित
इस साल 1123 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। जनवरी में 454 लोग संक्रमण की चपेट में आए। फरवरी में 163 और मार्च में 461 मरीज मिल चुके हैं। जबकि पिछली साल मार्च में आठ, अप्रैल में 70 व मई में 299 संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश
संक्रमण बढ़ने पर शासन स्तर से जिले में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में आठ स्थाई बूथों के अलावा मोबाइल यूनिटों को भी अधिक से अधिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्रतिदिन 1700 आरटीपीसीआर और 2200 एंटीजन जांच के निर्देश हैं। अभी एक हजार आरटीपीसीआर और 1400 एंटीजन जांच की जा रही है।
दूरी और मास्क ही बेहतर बचाव
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि इस समय कोरोना का नया स्वरूप तेजी से लोगों को संक्रमण की चपेट में ले रहा है। ऐसे में बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। बेहतर होगा कि होली का त्योहार घर में ही मनाएं और बाहर किसी से भी गले मिलने से बचें। इस समय भीड़ और सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें। अगर बहुत जरूरी हो तभी बाजार जाएं। घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना न भूलें। बाहर से घर वापस आने पर कपड़े और सफाई पर विशेष ध्यान दें। अगर घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं तो कोशिश करें कि बाहर से आने पर नहाने के बाद ही उनके पास जाएं, क्योंकि बच्चों और बुजुर्गों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और वह संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।