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निजी स्कूलों में फीस जमा न करने पर 4000 छात्र-छात्राओं को किया कक्षा से वंचित
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फीस न जमा करने पर 4000 विद्यार्थियों को क्लास से हटाया
गाजियाबाद। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण की मांग की। कहा कि आज से अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षा के आधार पर फीस निर्धारण का आदेश देकर उनकी समस्या का समाधान करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जो अभिभावक आर्थिक संकट के कारण फीस जमा नहीं कर पाए हैं, उनको ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित किया जा रहा है। ऐेसे स्कूलों के
खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण का सीधा आदेश देने की गुहार लगाई है। कोरोना महामारी के कारण पिछले सत्र 2020-21 में प्रदेश के निजी स्कूल पूर्णतया बंद होने के बाद भी पैरेंट्स से पूरी फीस वसूल रहे हैं। क्योंकि पिछले वर्ष की तरह इस शिक्षा सत्र में भी शिक्षा मंत्री द्वारा अपर मुख्य सचिव के माध्यम से गोलमोल आदेश जारी किया। उत्तर प्रदेश के समस्त स्कूलों ने सारे शुल्कों को ट्यूशन फीस में जोड़कर संयुक्त फीस बना दी। जबकि पूर्व में कंप्यूटर शुल्क , लाइब्रेरी शुल्क, फंक्शन शुल्क न लेने के लिए आदेश
दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के आदेश ने निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने कार्य किया है। इससे पूर्व वर्ष का आदेश अभिभावकों के लिए छलावा साबित हुआ। उसी प्रकार इस वर्ष के आदेश को भी निरर्थक साबित करते हुए। निजी स्कूलों ने फीस बढ़ाते हुए पूरी फीस वसूलनी शुरू कर दी है। एसोसिएशन के जिला मीडिया प्रभारी विवेक त्यागी ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक बार फिर से न्याय की गुहार लगाई है। ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण का सीधा आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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गाजियाबाद। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण की मांग की। कहा कि आज से अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षा के आधार पर फीस निर्धारण का आदेश देकर उनकी समस्या का समाधान करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जो अभिभावक आर्थिक संकट के कारण फीस जमा नहीं कर पाए हैं, उनको ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित किया जा रहा है। ऐेसे स्कूलों के
खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण का सीधा आदेश देने की गुहार लगाई है। कोरोना महामारी के कारण पिछले सत्र 2020-21 में प्रदेश के निजी स्कूल पूर्णतया बंद होने के बाद भी पैरेंट्स से पूरी फीस वसूल रहे हैं। क्योंकि पिछले वर्ष की तरह इस शिक्षा सत्र में भी शिक्षा मंत्री द्वारा अपर मुख्य सचिव के माध्यम से गोलमोल आदेश जारी किया। उत्तर प्रदेश के समस्त स्कूलों ने सारे शुल्कों को ट्यूशन फीस में जोड़कर संयुक्त फीस बना दी। जबकि पूर्व में कंप्यूटर शुल्क , लाइब्रेरी शुल्क, फंक्शन शुल्क न लेने के लिए आदेश
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दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के आदेश ने निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने कार्य किया है। इससे पूर्व वर्ष का आदेश अभिभावकों के लिए छलावा साबित हुआ। उसी प्रकार इस वर्ष के आदेश को भी निरर्थक साबित करते हुए। निजी स्कूलों ने फीस बढ़ाते हुए पूरी फीस वसूलनी शुरू कर दी है। एसोसिएशन के जिला मीडिया प्रभारी विवेक त्यागी ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक बार फिर से न्याय की गुहार लगाई है। ऑनलाइन शिक्षा के अनुसार फीस निर्धारण का सीधा आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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