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Ghaziabad News: वेतन मिल रहा छह हजार, काम कर रहे 18 घंटे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:54 AM IST
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Getting salary of Rs. 6000, working 18 hours a day
रश्मि ओझा
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गाजियाबाद। गांवों में बने मिनी सचिवालयों के लिए पंचायत सहायक के पद पर काफी युवाओं ने आवेदन किया लेकिन ज्वाइनिंग के चार से छह महीने में ही अधिकतर युवा नौकरी छोड़ रहे हैं। नौकरी छाेड़ने वाले युवाओं का कहना है कि वेतन छह हजार मिल रहा है और काम 18 घंटे तक लिया जा रहा है। अब तक 142 ग्राम पंचायतों में से 25 ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायक ने इस्तीफा दे दिया है।
जिस पद के लिए दसवीं या 12वीं पास योग्यता की मांग की गई थी वहां स्नातक और परास्नातक वालों तक ने आवेदन कर दिया और नौकरी पा ली लेकिन अब छह हजार वेतन और आठ घंटे की नौकरी के दबाव में कुछ महीनों नौकरी करने के बाद अधिकतर ने नौकरी छोड़ दी है। पंचायती राज अधिकारी को 25 युवाओं ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है जिसमें से सबसे अधिक मुरादनगर पंचायत सहायक हैं। अधिकतर युवाओं ने अपने पत्र में नई नौकरी मिलने या उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए नौकरी छोड़ने की बात कही है।
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इन ग्राम पंचायतों में खाली हैं पद

मुरादनगर- शहजादपुर, असदपुर नांगला, सुहाना, सिखैरा हजारी , झलावा, भनैड़ा कला, रेवड़ी, पूठरी, कुन्हैड़ा, मोहम्मदपुर कदीम।
भोजपुर- याकुतपुर मावी, शेरपुर, सारा, सैदपुर हुसैनपुर, अमीपुर बड़ायला,

रजापुर- मसूरी, युसुफपुर मनौटा, सादतनगर इकला, समयपुर, निगरवाटी, अललीपुर नौरासपुर
लोनी- बदरपुर, नुरसताबाद खड़खड़ी, फरूखनगर गनौली



यूपीएससी की तैयारी के लिए छोड़ी नौकरी
बदरपुर में पंचायत सहायक के रूप में तैनात एकता ने इस्तीफा दे दिया है। एकता ने बताया कि लगभग एक वर्ष तक कार्य किया लेकिन वहां कार्य की अधिकता की वजह से पढ़ाई नहीं हो पाती थी। यूपीएससी की तैयारी के लिए पढ़ाई में काफी समय देना होता है इसलिए नौकरी छोड़ी। स्नातक करके नौकरी कर रही थी।
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वेतन छह हजार काम 18 घंटे का
असालतपुर फरुखनगर में तैनात रहे हर्षवर्धन ने बताया कि पंचायत सहायक से जितना काम लिया जाता है उसके हिसाब से काफी कम वेतन मिलता है। लगभग 18 घंटे कार्य कराया जाता है। डेटा एंट्री, आयुष्मान कार्ड से लेकर वहां तैनात प्रधानों के भी कार्य करने पड़ते थे। इस नौकरी में तरक्की के रास्ते कम थे इसलिए आगे की पढ़ाई के लिए त्यागपत्र दे दिया है। एमएम कर रहा हूं इसके बाद पीएचडी करनी है।



जितने भी खाली पद हैं, इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है। शासन से इन सभी पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिए जाएंगे उसके बाद इन सचिवालयों में तैनाती होगी। - प्रदीप द्विवेदी, जिला पंचायती राज अधिकारी
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