{"_id":"6636a549aa0919eded03cf04","slug":"gda-searches-one-lakh-square-meter-land-missing-in-records-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-369085-2024-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: जीडीए ने तलाशी रिकॉर्ड में गुम एक लाख वर्ग मीटर जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: जीडीए ने तलाशी रिकॉर्ड में गुम एक लाख वर्ग मीटर जमीन
विज्ञापन
गाजियाबाद। रिकॉर्ड में गुम संपत्तियों की तलाश के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की तरफ से लैंड ऑडिट कराया जा रहा है। शुक्रवार को नगर निगम के भू-अर्जन अनुभाग की टीम ने इंदिरापुरम में एक लाख वर्ग मीटर से अधिक जमीन को चिह्नित किया गया। इस जमीन की कीमत अरबों रुपये आंकी जा रही है। जीडीए इस जमीन को कब्जामुक्त कराकर बिक्री करेगा।
जीडीए की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण लंबे समय से ऐसी जमीन को तलाशने की जद्दोजहद चल रही है, जिसका अधिग्रहण तो किया लेकिन कब्जे नहीं लिया जा सका। साल 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार 1600 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य वाली लगभग 125 एकड़ भूमि गायब बताई गई थी। इसके बाद से लगातार लैंड ऑडिट के जरिये खोई हुई जमीन को तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। मार्च में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। संपत्ति विभाग के अधिकारी जमीन का सही ब्योरा नहीं दे पाए थे। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने नाराजगी भी जाहिर की थी और लैंड ऑडिट के जरिये जमीन की तलाश के निर्देश दिए थे, ताकि पता लगाया जा सके कि किस योजना के लिए कितनी जमीन अधिग्रहित की गई थी और कितनी जमीन आवंटित हुई। इन योजनाओं के सभी प्लॉट बिक चुके हैं या नहीं, इसकी जानकारी लैंड ऑडिट के जरिये एकत्रित की जा रही है।
इंदिरापुरम योजना के तहत लैंड ऑडिट कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत अनियोजित, अनिस्तारित जमीन की पहचान की जानी है। साथ ही, ऐसी संपत्ति जो किन्हीं कारण से प्राधिकरण की जानकारी में नही है, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर और न्यायालय में वाद विचाराधीन है या स्थगन आदेश है तो पैरवी कर स्थगन मुक्त कराया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियंत्रण अनुभाग एवं भू-अर्जन अनुभाग के अधिकारियों ने इंदिरापुरम योजना के निरीक्षण के दौरान लगभग एक लाख वर्ग मीटर से अधिक जमीन चिह्नित की है। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चिह्नित जमीन को विक्रय किया जा सकता है, जिससे जीडीए की आय में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीडीए की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण लंबे समय से ऐसी जमीन को तलाशने की जद्दोजहद चल रही है, जिसका अधिग्रहण तो किया लेकिन कब्जे नहीं लिया जा सका। साल 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार 1600 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य वाली लगभग 125 एकड़ भूमि गायब बताई गई थी। इसके बाद से लगातार लैंड ऑडिट के जरिये खोई हुई जमीन को तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। मार्च में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। संपत्ति विभाग के अधिकारी जमीन का सही ब्योरा नहीं दे पाए थे। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने नाराजगी भी जाहिर की थी और लैंड ऑडिट के जरिये जमीन की तलाश के निर्देश दिए थे, ताकि पता लगाया जा सके कि किस योजना के लिए कितनी जमीन अधिग्रहित की गई थी और कितनी जमीन आवंटित हुई। इन योजनाओं के सभी प्लॉट बिक चुके हैं या नहीं, इसकी जानकारी लैंड ऑडिट के जरिये एकत्रित की जा रही है।
विज्ञापन
इंदिरापुरम योजना के तहत लैंड ऑडिट कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत अनियोजित, अनिस्तारित जमीन की पहचान की जानी है। साथ ही, ऐसी संपत्ति जो किन्हीं कारण से प्राधिकरण की जानकारी में नही है, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर और न्यायालय में वाद विचाराधीन है या स्थगन आदेश है तो पैरवी कर स्थगन मुक्त कराया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियंत्रण अनुभाग एवं भू-अर्जन अनुभाग के अधिकारियों ने इंदिरापुरम योजना के निरीक्षण के दौरान लगभग एक लाख वर्ग मीटर से अधिक जमीन चिह्नित की है। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चिह्नित जमीन को विक्रय किया जा सकता है, जिससे जीडीए की आय में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन