गाजियाबाद। नंदग्राम क्षेत्र के राजनगर एक्सटेंशन की रहने वाली एक युवती को आरोपी ने डेटिंग एप के जरिये प्रेम जाल में फंसाया। शादी का झांसा दिया और कारोबार में निवेश करने के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पीड़िता ने आरोपी और उसके परिजनों के विश्वास में आकर बैंक से ऋण लिया और सोने-चांदी के आभूषण भी निवेश के नाम पर आरोपी को दे दिए। पीड़िता ने आरोपी प्रिंस चौधरी, उसके पिता प्रीतम सिंह, मां अनिता चौधरी, भाई दक्ष चौधरी और साथी सुरेश वालिया के खिलाफ नंदग्राम थाने में केस दर्ज कराया है। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि पीड़ित युवती के मुताबिक जून 2024 में उनकी पहचान एक मोबाइल डेटिंग एप के माध्यम से गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित अंसल एसेंसिया निवासी प्रिंस चौधरी से हुई थी। उसने खुद को आर्थिक रूप से संपन्न और सफल कारोबारी बताते हुए दोस्ती की और फिर कुछ दिन बाद शादी करने की इच्छा जताई। बातचीत बढ़ने के साथ उसने उनके सामने साझेदारी में कई लाभदायक कारोबार शुरू करने का प्रस्ताव रखा और भरोसा दिलाया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। युवती का कहना है कि आरोपी ने पहले मशरूम की खेती शुरू कराने का झांसा दिया और किराया व सिक्योरिटी जमा के नाम पर रकम ली। इसके बाद योजना बदलते हुए केसर की खेती और व्यापार में निवेश कराने लगा। इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, नवीनीकरण, स्टॉक खरीद और अन्य खर्चों के नाम पर कई बार रकम ली। आरोप है कि प्रिंस चौधरी ने गुरुग्राम स्थित एक मकान का फर्जी किरायानामा तैयार कर उसे वास्तविक दस्तावेज बताया और सिक्योरिटी व किराये के रूप में डेढ़ लाख रुपये दिलवाए। इसके अलावा मकान की पुताई, प्लंबिंग, लोहे की रैक, मशीनरी और अन्य कार्यों के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च कराए। बाद में जानकारी मिली कि संपत्ति की वास्तविक मालकिन ने ऐसा कोई किरायानामा कभी नहीं किया था। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने सहयोगी के माध्यम से उनके नाम पर जीएसटी, एमएसएमई और ट्रेडमार्क पंजीकरण भी कराए, ताकि व्यवसाय को वैध दिखाया जा सके। बैंक से लोन लेने के लिए बिजनेस प्रोजेक्शन रिपोर्ट तैयार कराई गई और उसे विभिन्न वित्तीय संस्थानों में प्रस्तुत किया गया। युवती का कहना है कि बैंक और फाइनेंस कंपनियों से काफी लोन ले लिया। हाल में उन पर करीब 97.57 लाख रुपये का ऋण और 18 लाख रुपये से अधिक का क्रेडिट कार्ड बकाया है। विश्वास में लेकर उसने उनके करीब 700 ग्राम सोने के गहने भी अपने कब्जे में रख लिए। इसके अलावा एयरबीएनबी कारोबार के नाम पर उनसे दुबई ले जाकर वहां ग्राहकों से प्राप्त करीब चार लाख दिरहम (इंडियन करेंसी के मुताबिक करीब एक करोड़ रुपये) भी अपने पास रख लिए। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में टीम जांच में जुटी है। जांच पूर्ण होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।