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Ghaziabad News: अब मिट्टी नहीं, वर्ल्ड क्लास ट्रैक से बढ़ेगी रफ्तार
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गाजियाबाद। वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर की सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में अगले महीने से करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से 400 मीटर का आठ लेन वाला विश्वस्तरीय सिंथेटिक ट्रैक बनाने का काम शुरू होने जा रहा है। कार्यदायी संस्था के रूप में राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महामाया स्टेडियम में कई साल से सिंथेटिक ट्रैक की मांग उठती रही है। अभी खिलाड़ी मिट्टी के ट्रैक पर अभ्यास करने को मजबूर हैं, जहां बारिश और गर्मी के मौसम में प्रशिक्षण प्रभावित होता है।
क्रीड़ा अधिकारी राम मिलन ने बताया कि ट्रैक में इस्तेमाल होने वाली विशेष रबर मैट इंडोनेशिया से मंगाई जाएगी, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले स्पाइक-फ्रेंडली कंपाउंड का उपयोग होगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर ग्रिप, कम झटके और तेज रफ्तार के साथ अभ्यास का अनुभव मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक बिछाने के लिए विशेषज्ञ टीम भी विदेश से आएगी। विश्वस्तरीय सिंथेटिक ट्रैक खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ चोट के खतरे को भी कम करने में मददगार माना जाता है।
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क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि अभी तक जिले के एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। कई खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। सिंथेटिक ट्रैक तैयार होने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अपने ही जिले में मिल सकेंगी। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी संभव होगी।
खिलाड़ियों ने भी जताई खुशी
राष्ट्रीय स्तर की धाविका पूजा ने कहा, अब तक अच्छी तैयारी के लिए हमें दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। गाजियाबाद में विश्वस्तरीय ट्रैक बनने से समय और खर्च दोनों बचेंगे। इससे जिले के खिलाड़ियों का प्रदर्शन निश्चित रूप से बेहतर होगा। वहीं राष्ट्रीय एथलीट अंकित कुमार ने कहा कि मिट्टी और सिंथेटिक ट्रैक में काफी अंतर होता है। सिंथेटिक ट्रैक पर नियमित अभ्यास से गति, संतुलन और तकनीक में सुधार आता है। यह सुविधा जिले के एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए गेम चेंजर साबित होगी।
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महामाया स्टेडियम में कई साल से सिंथेटिक ट्रैक की मांग उठती रही है। अभी खिलाड़ी मिट्टी के ट्रैक पर अभ्यास करने को मजबूर हैं, जहां बारिश और गर्मी के मौसम में प्रशिक्षण प्रभावित होता है।
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क्रीड़ा अधिकारी राम मिलन ने बताया कि ट्रैक में इस्तेमाल होने वाली विशेष रबर मैट इंडोनेशिया से मंगाई जाएगी, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले स्पाइक-फ्रेंडली कंपाउंड का उपयोग होगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर ग्रिप, कम झटके और तेज रफ्तार के साथ अभ्यास का अनुभव मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक बिछाने के लिए विशेषज्ञ टीम भी विदेश से आएगी। विश्वस्तरीय सिंथेटिक ट्रैक खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ चोट के खतरे को भी कम करने में मददगार माना जाता है।
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क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि अभी तक जिले के एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। कई खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। सिंथेटिक ट्रैक तैयार होने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अपने ही जिले में मिल सकेंगी। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी संभव होगी।
खिलाड़ियों ने भी जताई खुशी
राष्ट्रीय स्तर की धाविका पूजा ने कहा, अब तक अच्छी तैयारी के लिए हमें दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। गाजियाबाद में विश्वस्तरीय ट्रैक बनने से समय और खर्च दोनों बचेंगे। इससे जिले के खिलाड़ियों का प्रदर्शन निश्चित रूप से बेहतर होगा। वहीं राष्ट्रीय एथलीट अंकित कुमार ने कहा कि मिट्टी और सिंथेटिक ट्रैक में काफी अंतर होता है। सिंथेटिक ट्रैक पर नियमित अभ्यास से गति, संतुलन और तकनीक में सुधार आता है। यह सुविधा जिले के एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए गेम चेंजर साबित होगी।