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Ghaziabad News: नहर में बेधड़क हो रहा गणेश मूर्ति विसर्जन, प्रशासन बना बेखबर
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मुरादनगर। गंगनहर के घाट पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। गंगनहर में पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए प्रतिमा विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद प्रशासनिक लापरवाही के चलते गंगनहर के मुख्य जल प्रवाह और घाटों पर खुलेआम मूर्तियों का विसर्जन जारी है।
हालांकि, नगर पालिका परिषद और स्थानीय प्रशासन की ओर से घाट के समीप अस्थाई तालाब का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं को गंगनहर के प्राकृतिक जल में जाने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते और ढोल-ताशों की थाप पर नाचते हुए बेधड़क गंगनहर के घाट में उतरकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों को विसर्जित कर रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। गंगनहर घाट पर नहर और अस्थाई तालाब पर गणेशोत्सव के तहत प्रतिमा विसर्जन का दौर पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है।
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जयकारों के साथ कर रहे विदाई
गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के गूंजते जयकारों और ढोल-ताशों की थाप के साथ श्रद्धालु विघ्नहर्ता श्री गणेश को विदाई दे रहे हैं। घाट पर सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक चला। नाचते-गाते और एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल उड़ाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा घाट के समीप बनाए गए अस्थाई तालाब में श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मूर्तियों का विसर्जन कर रहे हैं।
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हालांकि, नगर पालिका परिषद और स्थानीय प्रशासन की ओर से घाट के समीप अस्थाई तालाब का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं को गंगनहर के प्राकृतिक जल में जाने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते और ढोल-ताशों की थाप पर नाचते हुए बेधड़क गंगनहर के घाट में उतरकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों को विसर्जित कर रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। गंगनहर घाट पर नहर और अस्थाई तालाब पर गणेशोत्सव के तहत प्रतिमा विसर्जन का दौर पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है।
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जयकारों के साथ कर रहे विदाई
गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के गूंजते जयकारों और ढोल-ताशों की थाप के साथ श्रद्धालु विघ्नहर्ता श्री गणेश को विदाई दे रहे हैं। घाट पर सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक चला। नाचते-गाते और एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल उड़ाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा घाट के समीप बनाए गए अस्थाई तालाब में श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मूर्तियों का विसर्जन कर रहे हैं।
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