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पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी
अमर उजाला, ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:35 AM IST
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अनंत मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
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दस हजार करोड़ का चर्चित यूपी का एनआरएचएम घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। मायावती शासन में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार उर्फ अंटू मिश्रा के खिलाफ करीब एक माह पूर्व पेश की गई चार्जशीट पर मंगलवार को गाजियाबाद विशेष सीबीआई कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। इसके साथ ही विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने अंटू मिश्रा के साथ उनके माता-पिता के एनबीडब्ल्यू भी जारी कर दिए।
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सीबीआई ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा के खिलाफ 21 जुलाई को गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में मंत्री के साथ ही उनकी माता विमला मिश्रा और पिता दिनेश कुमार मिश्रा को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है।
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कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए 23 अगस्त की तारीख नियत की थी। मंगलवार को सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा ने चार्जशीट को विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी के समक्ष पेश किया।
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चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने इस पर संज्ञान लेते हुए तीनों आरोपियों अनंत कुमार उर्फ अंटू मिश्रा, पिता दिनेश मिश्रा और माता विमला मिश्रा के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए। इस मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने अब 23 सितंबर की तारीख नियत की है।
बता दें कि पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा की तरह ही अनंत कुमार मिश्रा भी मायावती शासन के कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते थे। अंटू मिश्रा मायावती के खास माने जाने वाले सतीश मिश्रा के रिश्तेदार बताए जाते हैं। दूसरी ओर माना जा रहा है कि सीबीआई अभी इस मामले में ही कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द ही चार्जशीट पेश कर सकती है।
ब्लैक से इस तरह बनाई व्हाइट मनी
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में अनंत कुमार मिश्रा पर स्वास्थ्य मंत्री पद पर रहते हुए सीएमओ और परिवार कल्याण के पदों को दवा कारोबारियों से 15 से 20 लाख तक की रिश्वत लेकर बांटने का आरोप लगाया है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग का यह खेल इसलिए खेला गया, जिससे दवा कारोबारी एनआरएचएम के तहत मनमाने रेट पर दवा और मेडिकल उपकरण सरकारी अस्पतालों में सप्लाई करने का ठेका हासिल कर सकें। सीबीआई का आरोप है कि 2007 से लेकर 2011 तक अंटू मिश्रा ने इस तरह से करीब 27 करोड़ रुपये हासिल किए।
27 करोड़ की इस काली कमाई को अंटू मिश्रा ने अपने माता-पिता विमला मिश्रा और दिनेश मिश्रा के नाम सिर्फ कागजों पर ही बनाई गई फर्जी कंपनियों के माध्यम से ‘व्हाइट मनी’ में बदला था।